Accurate College News : “न्याय के गलियारों में कदम, हौसलों को मिली नई उड़ान”, एक्यूरेट कॉलेज ऑफ लॉ के छात्रों का जिला एवं सत्र न्यायालय में शैक्षिक भ्रमण, अदालतों की कार्यप्रणाली को नज़दीक से समझा, सीख, अनुभव और जागरूकता से भरा पूरा दिन

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। कानून की पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं होती—यह बात एक्यूरेट कॉलेज ऑफ लॉ के छात्रों ने गुरुवार को जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में हुए विशेष शैक्षिक भ्रमण में बखूबी समझी। न्याय और कानून के वास्तविक वातावरण को महसूस कराने के उद्देश्य से आयोजित इस विज़िट ने छात्रों को अदालतों की कार्यशैली, वकीलों की तैयारी, न्यायाधीशों के व्यवहार और कैदियों से जुड़े प्रक्रियाओं की प्रत्यक्ष झलक प्रदान की।
यह कार्यक्रम कॉलेज प्रशासन द्वारा सावधानीपूर्वक योजनाबद्ध किया गया, जिसका शुभारंभ महाविद्यालय के निदेशक द्वारा किया गया। न्यायालय परिसर में प्रवेश से लेकर अलग-अलग अदालतों में व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने तक, छात्रों की उत्सुकता पूरे दिन अपने चरम पर रही।
न्यायालय परिसर की गंभीरता और अनुशासन से पहली मुलाकात
अदालत परिसर में प्रवेश करते ही छात्रों ने वातावरण की गंभीरता और अनुशासन को महसूस किया। हर ओर मुकदमों से जुड़े लोग, वकील, पुलिस, कर्मचारी और न्याय की उम्मीद में आए आम नागरिक दिख रहे थे।
एडवोकेट देवेंद्र सिंह आर्य के मार्गदर्शन में छात्रों का पहला पड़ाव था—
अस्थायी कारावास (जेल) का निरीक्षण।
यहां उन्हें बताया गया कि गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश करने से पहले यहीं रखा जाता है।
छात्रों के लिए यह अनुभव बेहद ज्ञानवर्धक रहा, क्योंकि उन्होंने वही देखा जिसकी जानकारी अब तक केवल कक्षा की चर्चाओं में ही थी।
एक-एक अदालत में जाकर सीखा न्याय प्रक्रिया का अर्थ
भ्रमण के दौरान छात्रों को विभिन्न अदालतों में ले जाया गया—
फैमिली कोर्ट
जिला अपर न्यायालय
जिला एवं सत्र न्यायालय
इन अदालतों में छात्र प्रत्यक्ष रूप से कार्यवाही का हिस्सा बने। उन्होंने बहस, दलीलें, साक्ष्यों का प्रस्तुतिकरण और न्यायाधीश की टिप्पणियों को बेहद ध्यान से सुना।
कैदियों के बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव
छात्रों ने समझा कि कैसे कैदियों के बयान दर्ज किए जाते हैं, फिर उन्हें अदालत में किस प्रक्रिया के तहत प्रस्तुत किया जाता है। वास्तविक अदालत में यह कार्यभार कितना महत्वपूर्ण और संवेदनशील होता है—यह उन्हें प्रत्यक्ष देखने को मिला।
रिपोर्ट राइटिंग और रिकॉर्ड मैनेजमेंट का प्रशिक्षण भी मिला
न्यायालय केवल बहस से नहीं चलता, उसके पीछे एक विशाल प्रशासनिक तंत्र कार्य करता है।
छात्रों को बताया गया—
रिपोर्ट राइटिंग कैसे की जाती है
केस फाइलों का संरक्षण कैसे होता है
पुराने रिकॉर्ड को सूचीबद्ध करने की कानूनी प्रक्रिया क्या है
केस डायरी और फाइल मूवमेंट की प्रणाली कैसे चलती है
यह सारी जानकारी छात्रों के लिए किसी अमूल्य अनुभव से कम नहीं थी।
वैज्ञानिक सोच का निर्माण – एडवोकेट देवेंद्र आर्य का प्रेरक संदेश
एडवोकेट देवेंद्र सिंह आर्य ने छात्रों को संबोधित करते हुए जोर दिया किन“एक सफल वकील वही होता है जो हर मामले को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझे, तथ्यों को तार्किक आधार दे और नैतिकता को सर्वोपरि रखे।”
उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि कोर्ट विज़िट मात्र प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक सीख है जो उनकी संपूर्ण कानूनी यात्रा में मार्गदर्शन करेगी।
भ्रमण संचालन में शिक्षकों की भूमिका
इस भ्रमण का सफल संचालन डॉ. अनुज कुमार और विकास कुमार द्वारा किया गया।
साथ ही सहयोग में शामिल रहे—
अंजलि
डॉ. प्रीति सिंह
श्वेता गुप्ता
अंशिका गुप्ता
इन सभी ने छात्रों को कोर्ट परिसर में सहज महसूस कराने और हर जानकारी विस्तारपूर्वक समझाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
महाविद्यालय का संदेश – भविष्य के वकीलों को शुभकामनाएं
उत्साह और सीख से भरे इस भ्रमण के अंत में महाविद्यालय की ओर से ग्रुप डायरेक्टर पूनम शर्मा ने छात्रों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा “इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण छात्रों को वास्तविक कानूनी ढांचे की समझ प्रदान करते हैं। हमें गर्व है कि हमारे छात्र न्याय और समाज सेवा की दिशा में गंभीरता से आगे बढ़ रहे हैं।”
कानूनी शिक्षा और व्यावहारिक अनुभव – नई पीढ़ी के वकीलों के लिए बेहद आवश्यक
यह शैक्षिक भ्रमण न केवल एक औपचारिक अदालत यात्रा थी, बल्कि एक ऐसा अनुभव था जिसने छात्रों के मन में न्याय व्यवस्था के प्रति सम्मान, समझ और जागरूकता बढ़ाई।
अदालत की हर कार्यवाही ने उन्हें यह सिखाया कि— कानून सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं, बल्कि समाज को संभालने वाली संवेदनशील जिम्मेदारी है।
न्यायालय अनुशासन, तर्क, सत्य और नैतिकता पर टिका एक पवित्र स्थान है। एक अच्छा वकील बनने के लिए व्यावहारिक सीख अत्यंत आवश्यक है।
एक्यूरेट कॉलेज ऑफ लॉ के छात्रों ने इस भ्रमण को एक यादगार और प्रेरणादायक अनुभव के रूप में संजो लिया है, जो उनके आने वाले करियर की मजबूत नींव साबित होगा।



