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Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा का वायरल वीडियो, आइसक्रीम वाले को करोड़ों का पैकेज बताने का सच निकला बेहद टेढ़ा-मेढ़ा, सोशल मीडिया पर मचा तहलका, गए जेल?

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत तेज़ी से वायरल हो रहा है। ग्रेटर नोएडा शहर में बनाए गए इस वायरल वीडियो को अब तक करोड़ों लोग देख चुके हैं ।वायरल वीडियो को बड़ी संख्या में शेयर किया जा रहा है । ऐसा लग रहा है कि मानो इस वायरल वीडियो में कोई ख़ज़ाना छिप छिपा हुआ हो । ग्रेटर नोएडा के इस वायरल वीडियो का सच बहूत ही टेढ़ा मेढ़ा है।

आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया किसी भी खबर को आग की तरह फैला देता है। कुछ घंटों में कोई साधारण वीडियो भी देशभर में छा सकता है। ऐसा ही हुआ ग्रेटर नोएडा के एक वायरल वीडियो के साथ, जिसने कुछ ही दिनों में करोड़ों व्यूज़ बटोर लिए।

इस वीडियो को देखकर लोग चौंक गए और तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे। वीडियो इतना सनसनीखेज था कि मानो इसमें कोई “छिपा ख़ज़ाना” सामने आ गया हो। लेकिन जब इसकी गहराई से पड़ताल की गई तो मामला पूरी तरह अलग निकला।

इस वायरल वीडियो में आइसक्रीम बेचने वाले एक युवक को करोड़ों रुपए का पैकेज मिलने की बात कही गई है । वास्तव में वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे युवक को करोड़ों रुपए का तो क्या हज़ारों रुपये का भी कोई पैकेज नहीं मिला है ।इस वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के बाद आप भी बोल उठेंगे कि ना जाने सोशल मीडिया पर क़ाबू किया वायरल हो जाए ।

वीडियो में दिखा क्या?

वायरल वीडियो में दावा किया गया कि IIMT कॉलेज, ग्रेटर नोएडा ने बड़े-बड़े पोस्टर और होर्डिंग लगाकर बताया है कि उनके छात्र को 1.8 करोड़ रुपये का पैकेज मिला है।
पोस्टर में जिस युवक की तस्वीर थी, वही युवक वीडियो में आइसक्रीम बेचता हुआ दिखाया गया।

लोगों ने इसे देखकर तरह-तरह के कयास लगाने शुरू कर दिए। कुछ ने कहा कॉलेज झूठ बोल रहा है, कुछ ने वीडियो वाले युवक पर ही सवाल उठाए।

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सोशल मीडिया पर मचा तहलका, गए जेल?

क्या है ग्रेटर नोएडा के वायरल वीडियो का पूरा सच

ग्रेटर नोएडा के वायरल वीडियो का सच बहुत ही टेढ़ा मेढ़ा है। ग्रेटर नोएडा के वायरल वीडियो में कहा गया है कि इस वीडियो में ग्रेटर नोएडा के IIMT कॉलेज का सच दिखाया गया है । वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि IIMT कॉलेज ने बड़े बड़े पोस्टर लगाकर जिस छात्र को 1.8 करोड़ रुपये के पैकेज की नौकरी मिलने की बात कही है वह युवक का वास्तव में आइसक्रीम बेचता है । यह वीडियो इतनी तेज़ी के साथ वायरल हुआ है कि IIMT कॉलेज को भी समझ में नहीं आया कि यह हो क्या रहा है जब इस वायरल वीडियो की गहराई से जाँच की गई तो मामला बहुत ही चौंकाने वाला निकला । वायरल वीडियो का सच जानकर आप भी चौंक जाएंगे ।

यहां देखें वायरल वीडियो-

सोशल मीडिया पर ट्रेडिंग वीडियो

शैलेंद्र ने मांगी माफी

जब मामला तूल पकड़ने लगा तो शैलेंद्र सामने आया और उसने साफ कहा कि उसका IIMT कॉलेज से कोई संबंध नहीं है। उसने पुलिस और कॉलेज प्रशासन से माफी मांगी और आश्वासन दिया कि भविष्य में वह ऐसी गलती नहीं दोहराएगा।

शैलेंद्र ने यह भी बताया कि उसने सिर्फ 12वीं तक पढ़ाई की है और उसके बाद से आइसक्रीम बेचकर परिवार का खर्च चलाता है। वायरल वीडियो पूरी तरह मनोरंजन और मज़ाक के मकसद से बनाया गया था।

IIMT कॉलेज की सफाई

इस मामले में IIMT कॉलेज, ग्रेटर नोएडा के डायरेक्टर जनरल अंकुर जौहरी ने सख्त बयान जारी किया।
उन्होंने कहा कि यह पूरा वीडियो फर्जी और भ्रामक है।जौहरी ने साफ किया कि पोस्टर में दिखाई देने वाला छात्र वास्तव में कॉलेज का होनहार छात्र है, जिसे हाल ही में लंदन की एक प्रतिष्ठित कंपनी में उच्च पैकेज पर नौकरी मिली है।उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व कॉलेज की छवि खराब करने के लिए जानबूझकर ऐसा वीडियो बना रहे हैं।

IIMT कॉलेज के डायरेक्टर जनरल का बड़ा बयान

वहीं, IIMT कॉलेज के डायरेक्टर जनरल अंकुर जौहरी ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया। उनका कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर कॉलेज की छवि धूमिल करने के लिए यह फर्जी वीडियो बनाया। जौहरी ने जोर देकर कहा कि पोस्टर में दिखने वाला युवक वास्तव में कॉलेज का होनहार छात्र है, जिसे लंदन की एक प्रतिष्ठित कंपनी में उच्च पैकेज पर नौकरी मिली है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपील की कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।


थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया। वीडियो वायरल होने के बाद शैलेंद्र को थाने बुलाया गया, जहां उसने कबूल किया कि यह वीडियो उसके दोस्तों ने मजाक में बनाया था। पुलिस ने शैलेंद्र को कड़ी चेतावनी दी और उसे छोड़ दिया। फिलहाल पुलिस और कॉलेज प्रशासन ने जनता से अपील की है कि बिना सत्यापन के किसी भी वायरल वीडियो पर भरोसा न करें और अफवाह फैलाने से बचे

रफ़्तार टुडे का ट्वीटर अकाउंट

जैसे ही मामला वायरल हुआ, थाना नॉलेज पार्क पुलिस हरकत में आ गई
पुलिस ने शैलेंद्र को बुलाकर पूछताछ की। उसने स्वीकार किया कि वीडियो मज़ाक के तौर पर बनाया गया था और उसका कॉलेज से कोई संबंध नहीं है। पुलिस ने शैलेंद्र को सख्त चेतावनी दी और उसे छोड़ दिया। साथ ही जनता से अपील की कि बिना पुष्टि के किसी भी वायरल वीडियो पर भरोसा न करें।

सोशल मीडिया की ताकत और खतरा

यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर चीज़ सच नहीं होती।
लोग बिना जाँच-पड़ताल किए वीडियो को शेयर करते हैं और देखते-देखते अफवाहें सच जैसी लगने लगती हैं।

सोशल मीडिया एक तरफ आवाज़ उठाने का मंच है, तो दूसरी तरफ फर्जी खबरों और अफवाहों का अड्डा भी बनता जा रहा है।

जनता को सीख

इस घटना से आम जनता को सीख लेनी चाहिए कि—

किसी भी वायरल वीडियो या पोस्ट पर आँख बंद करके भरोसा न करें। पहले सत्यापन करें, फिर प्रतिक्रिया दें। फर्जी कंटेंट शेयर करना कानूनी अपराध भी हो सकत

ग्रेटर नोएडा का यह मामला सिर्फ एक मजाक से शुरू हुआ था लेकिन कुछ ही दिनों में यह बड़ी खबर बन गया।
एक साधारण आइसक्रीम विक्रेता शैलेंद्र अनजाने में विवादों में घिर गया।


IIMT कॉलेज की छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश हुई, लेकिन अंततः सच सामने आ गया। यह कहानी हमें यही सिखाती है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाला हर वीडियो, हर फोटो और हर खबर असली नहीं होती।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़

Raftar Today
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