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Greater Noida Authority News : ग्रेटर नोएडा ऑथोरिटी की सख्ती, एसटीपी नहीं चला तो जेब होगी ढीली!, ग्रेटर नोएडा में 202 बिल्डर सोसाइटियों को नोटिस, 6 पर 27 लाख का जुर्माना—अब सीवर विभाग सख्त मोड में, 7 दिन में जमा करना होगा जुर्माना, इन 6 सोसाइटियों पर लगा जुर्माना

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) को लेकर लापरवाही बरतने वाली बिल्डर सोसाइटियों की अब खैर नहीं। पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन को लेकर गंभीर रुख अपनाते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण के सीवर विभाग ने 202 बिल्डर सोसाइटियों को नोटिस जारी कर एसटीपी के संचालन और ट्रीटेड वॉटर के उपयोग को लेकर जवाब मांगा है।
स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो सीवर विभाग की टीम मौके पर जाकर मुआयना करेगी और खामियां मिलने पर भारी पेनल्टी भी लगाई जाएगी। इसकी शुरुआत हो भी चुकी है—बीते दो सप्ताह में ही 6 बिल्डर सोसाइटियों पर 27 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है।


एसटीपी सही चला या नहीं—हर सोसाइटी को देना होगा हिसाब


ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर यह सख्त अभियान शुरू किया गया है। सीवर विभाग ने जिन 202 सोसाइटियों को नोटिस भेजा है, उनसे साफ-साफ सवाल पूछे गए हैं—
सोसाइटी में एसटीपी की निर्धारित क्षमता कितनी है?
क्या एसटीपी पूरी तरह से चालू और सुचारु रूप से संचालित हो रहा है?


शोधित (ट्रीटेड) सीवेज पानी का री-यूज किया जा रहा है या नहीं?
क्या ट्रीटेड वॉटर का उपयोग पार्क, ग्रीन बेल्ट और पौधों की सिंचाई में हो रहा है?
इन सभी बिंदुओं पर सोसाइटियों को एक सप्ताह के भीतर जवाब देना अनिवार्य किया गया है।


संतोषजनक जवाब नहीं तो सीधा मुआयना, फिर पेनल्टी तय


प्राधिकरण ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि कागज़ी जवाब से काम नहीं चलेगा। यदि किसी भी सोसाइटी का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो सीवर विभाग की तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर एसटीपी का भौतिक निरीक्षण करेगी।


मुआयने में यदि एसटीपी बंद, अधूरा, गलत तरीके से संचालित या ट्रीटेड पानी की निकासी गलत पाई गई, तो तुरंत पेनल्टी लगाई जाएगी। प्राधिकरण का मानना है कि एसटीपी का सही संचालन न केवल कानूनन जरूरी है, बल्कि इससे भूजल, पर्यावरण और शहर की स्वच्छता भी सीधे जुड़ी है।

6 सोसाइटियों पर 27 लाख की मार, 7 दिन में जमा करना होगा जुर्माना


इस सख्ती का असर दिखना भी शुरू हो गया है। बीते दो सप्ताह में सीवर विभाग ने 6 बिल्डर सोसाइटियों पर कुल 27 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सभी को निर्देश दिए गए हैं कि यह राशि 7 कार्य दिवस के भीतर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खाते में जमा कराई जाए।
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि तय समय में जुर्माना जमा नहीं किया गया, तो आगे कानूनी कार्रवाई और अतिरिक्त दंड भी लगाया जा सकता है।


इन 6 सोसाइटियों पर लगा जुर्माना


एडाना सोसाइटी, सेक्टर अल्फा-1 – ₹2 लाख
पंचशील हाइनिश, सेक्टर-1 – ₹5 लाख
गैलेक्सी नॉर्थ एवेन्यू, सेक्टर-4 – ₹5 लाख
फ्लोरा हेरिटेज, सेक्टर-1 – ₹5 लाख
अरिहंत आर्डन, सेक्टर-1 – ₹5 लाख
समृद्धि ग्रांड एवेन्यू, टेकजोन-4 – ₹5 लाख


प्राधिकरण की अपील—सीवर को शोधित करें, पानी को दोबारा उपयोग में लाएं


ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने सभी बिल्डर सोसाइटियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि एसटीपी से निकलने वाले शोधित पानी का इस्तेमाल सिंचाई, फ्लशिंग और हरियाली बढ़ाने में किया जाए, ताकि भूजल पर दबाव कम हो और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।


साफ संदेश—लापरवाही अब नहीं चलेगी


प्राधिकरण की इस कार्रवाई से साफ है कि अब एसटीपी को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो सोसाइटियां नियमों का पालन करेंगी, वे सुरक्षित रहेंगी, और जो अनदेखी करेंगी, उन्हें भारी जुर्माना भरने के लिए तैयार रहना होगा।
ग्रेटर नोएडा को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की इस मुहिम में अब कानून, निरीक्षण और जुर्माना—तीनों का सख्त इस्तेमाल किया जा रहा है।

रफ़्तार टूडे की न्यूज
Raftar Today
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