PM Inugartion Parliament Aavas Yojna : “चार नदियों के नाम, चार टॉवर, सांसदों के जीवन में अब बहेगी सुविधा की नई धारा”, नई दिल्ली में सांसदों के लिए नवनिर्मित फ्लैटों के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री के भाषण का मूल पाठ, 21वीं सदी का संवेदनशील और विकसित भारत, लोकसभा हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष सांसद डॉ. महेश शर्मा रहे मौजूद
कार्यक्रम में उपस्थित श्रीमान ओम बिरला, मनोहर लाल खट्टर, किरेन रिजिजू , महेश शर्मा जी, संसद के सभी सम्मानित सदस्यगण, लोकसभा के महासचिव, देवियों और सज्जनों ! अभी कुछ ही दिन पहले मैंने (पीएम मोदी) ने कर्तव्य पथ पर कॉमन सेंट्रल सेक्रेटरिएट, यानि कर्तव्य भवन का लोकार्पण किया है।

नई दिल्ली, रफ़्तार टुडे – राजधानी दिल्ली में आज का दिन सांसदों के लिए बेहद खास रहा, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों के लिए बनाए गए नवनिर्मित फ्लैटों का उद्घाटन किया। ये सिर्फ एक इमारत का उद्घाटन नहीं, बल्कि सांसदों के “Ease of Living” में एक नया अध्याय जोड़ने वाला दिन है। इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, सांसद डॉ. महेश शर्मा समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
कंपनी ने प्रमुख प्रोजेक्ट
सैम इंडिया एक कंस्ट्रक्शन कंपनी है। इसकी देश में कई बिल्डिंग बनी हुई हैं। कंपनी का ऑफिस दिल्ली के विकास मार्ग स्थित जागृति एंक्लेव में है। कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक यह कंपनी साल 2007 में शुरू हुई थी। पहले इसका नाम सैम (इंडिया) इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड था। कंपनी का दावा है कि वह किसी भी कंस्ट्रक्शन में नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती है और कई आधुनिक तरीके अपनाती है
एक्वा लाइन मेट्रो स्टेशन: कंपनी ने नोएडा में चलने वाली एक्वा लाइन मेट्रो के स्टेशन बनाए हैं। इस प्रोजेक्ट की लागत 418.60 करोड़ रुपये थी
पाम ओलिंपिया फेज-1: यह रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट नोएडा एक्सेंशन में है। यह एक रेजिडेंशियल सोसायटी है जिसमें सैकड़ों परिवार रह रहे हैं। इस प्रोजेक्ट की लागत 350.60 करोड़ रुपये थी।
डीएमआरसी स्टाफ क्वार्टर्स: दिल्ली मेट्रो के स्टाफ के लिए यह रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट है7 यह प्रोजेक्ट नोएडा के सेक्टर 50 में बना हुआ है। इसकी लागत 171 करोड़ रुपये है।
डीटीयू रोहिणी: यह दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी है। कंपनी ने इसे दिल्ली के रोहिणी में बनाया है। इसका लागत 228 करोड़ रुपये थी।
टाटा मेमोरियल: यह मुंबई में कैंसर हॉस्पिटल है। इसे टाटा ग्रुप ने बनवाया था और बाद में सरकार के हवाले कर दिया। इसे भी सैम इंडिया ने बनाया है। इसकी लागत 121 करोड़ रुपये थी।
चार महान नदियों की प्रेरणा से बने टॉवर
नवनिर्मित रिहायशी परिसर में बने चारों टॉवरों को देश की चार महान नदियों के नाम दिए गए हैं – कृष्णा, गोदावरी, कोसी और हुगली। प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे ये नदियां करोड़ों लोगों को जीवन देती हैं, वैसे ही इनकी प्रेरणा से सांसदों के जीवन में भी आनंद और ऊर्जा की नई धारा बहेगी। मज़ाकिया अंदाज में उन्होंने कहा – “कोसी नाम सुनकर कुछ लोगों को नदी नहीं, बल्कि बिहार का चुनाव नजर आएगा, लेकिन यह नदियों के नामों की परंपरा देश की एकता का प्रतीक है।”
सांसदों की पुरानी परेशानियों का अंत
प्रधानमंत्री ने पुराने सांसद आवासों की बदहाल स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि नए फ्लैट सांसदों को रोजमर्रा की समस्याओं से राहत देंगे। इससे उनका समय और ऊर्जा जनता की सेवा में और बेहतर तरीके से लग सकेगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली में नए सांसदों को घर अलॉट कराने में काफी मुश्किलें आती थीं, लेकिन अब इस नई बिल्डिंग से ये दिक्कत काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

खर्च में भी होगी बचत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले सरकारी दफ्तर और सांसद आवास की कमी के कारण किराए की बिल्डिंग्स पर सालाना लगभग डेढ़ हजार करोड़ रुपये खर्च होते थे। 2004 से 2014 तक एक भी नया सांसद आवास नहीं बना, जबकि 2014 के बाद से अब तक करीब साढ़े तीन सौ नए सांसद आवास तैयार किए गए हैं। इससे न केवल सांसदों को सुविधा मिली है, बल्कि जनता का पैसा भी बचा है।
सस्टेनेबल डेवलपमेंट और पर्यावरण का ध्यान
लोकसभा हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष सांसद डॉ. महेश शर्मा ने बताया कि इन आवासों में सस्टेनेबल डेवलपमेंट का खास ध्यान रखा गया है। सोलर एनर्जी से लैस ये बिल्डिंग न केवल बिजली की बचत करेगी, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी है। प्रधानमंत्री ने इसे देश के Pro-Environment और Future Safe Initiatives का हिस्सा बताया।
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का प्रतीक बने परिसर
प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि इस परिसर में अलग-अलग राज्यों के सांसद एक साथ रहेंगे, इसलिए यहां विभिन्न प्रांतों के त्योहार और सांस्कृतिक कार्यक्रम सामूहिक रूप से आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि सांसद अपने-अपने राज्यों की भाषा के कुछ शब्द भी एक-दूसरे को सिखाएं, ताकि परिसर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सजीव उदाहरण बन सके।

स्वच्छता में होगी प्रतियोगिता
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस परिसर और अन्य सांसद आवासों में स्वच्छता प्रतियोगिता आयोजित हो सकती है। साल में दो-तीन बार साफ-सफाई की जांच कर यह घोषणा की जा सकती है कि कौन सा ब्लॉक सबसे ज्यादा स्वच्छ है। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा – “सबसे अच्छा और सबसे बुरा ब्लॉक दोनों घोषित करें, ताकि सबको सुधार का मौका मिले।”
पीएम का हल्का-फुल्का अंदाज़
नए फ्लैट का निरीक्षण करते समय प्रधानमंत्री ने मज़ाक में कहा – “इतना ही है क्या?” जिस पर अधिकारियों ने जवाब दिया – “नहीं साहब, यह तो शुरुआत है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि कमरे इतने बड़े हैं कि शायद सभी को भरना मुश्किल हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये आवास सांसदों और उनके परिवार के लिए आशीर्वाद साबित होंगे।
21वीं सदी का संवेदनशील और विकसित भारत
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत जितना विकास के लिए उत्सुक है, उतना ही संवेदनशील भी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा – जैसे देश में कर्तव्य पथ और नई संसद बनी, वैसे ही करोड़ों गरीबों के घरों में पीएम आवास योजना के तहत गृह प्रवेश हुआ। संसद की नई बिल्डिंग के साथ सैकड़ों मेडिकल कॉलेज भी बन रहे हैं।
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