फीडबैक है असफलता

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    Galgotia University News : “ज़िंदगी की ठोकरों से जीत का रास्ता—गलगोटिया यूनिवर्सिटी में जया किशोरी जी ने युवाओं को सिखाया ‘फेलियर नहीं, फीडबैक है असफलता

    ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे । ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया विश्वविद्यालय एक बार फिर ज्ञान, प्रेरणा औरसकारात्मक ऊर्जा का केंद्र बन गया, जब यहां देश की प्रसिद्ध कथावाचक और मोटिवेशनल स्पीकर जया किशोरीने युवाओं को जीवन का मूल मंत्र दिया। एक न्यूजपेपर द्वारा आयोजित “जीवाजली: विचारों से बदलाव तक” कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया। पूरा सभागार ऊर्जा, उत्साह और सीखने की चाह से भरा हुआ नजरआया। जया किशोरी जी के विचारों ने छात्रों के मन में नई दिशा और सोच को जन्म दिया। “असफलता हार नहीं, सीख है”—युवाओं के दिल को छू गया संदेश अपने संबोधन में जया किशोरी जी ने सबसे अहम बात कही—“असफलता वास्तव में असफलता नहीं होती, बल्किवह एक सीख होती है।” उन्होंने बताया कि जीवन में हर व्यक्ति को चुनौतियों और समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन जो व्यक्तिइनसे भागने के बजाय उनका समाधान खोजता है, वही आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियाँ हीइंसान को मजबूत बनाती हैं और असली सफलता उन्हीं के हिस्से आती है, जो गिरकर भी उठना जानते हैं। “तुलना छोड़ो, खुद की पहचान बनाओ”—युवाओं को दिया आत्मविश्वास का मंत्र जया किशोरी जी ने युवाओं को सबसे बड़ी कमजोरी ‘तुलना’ से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्तिकी अपनी अलग यात्रा और अलग क्षमता होती है, इसलिए दूसरों से तुलना करना खुद के साथ अन्याय है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो व्यक्ति खुद पर ध्यान केंद्रित करता है और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहता है, वहीजीवन में वास्तविक सफलता हासिल करता है। “समय ही सबसे बड़ा धन”—हर पल का महत्व समझाया समय के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि “समय एक बार चला जाए तो कभी वापस नहीं आता।” उन्होंनेविद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपने समय का सही उपयोग करें, क्योंकि यही समय भविष्य का निर्माण करताहै। बेकार की गतिविधियों में समय गंवाने के बजाय उसे सीखने, आत्मविकास और लक्ष्य प्राप्ति में लगाना चाहिए। “रिश्तों का संतुलन ही असली खुशी”—सफलता के साथ संवेदनाएं भी जरूरी जया किशोरी जी ने रिश्तों के महत्व पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि कई बार लोग सफलता, पद औरपैसे के पीछे भागते हुए अपने संबंधों को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि असली खुशी रिश्तों के संतुलन में ही होतीहै। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे अपने परिवार, मित्रों और प्रियजनों के साथ समय बिताएं और जीवन मेंसंतुलन बनाए रखें। “सिर्फ सुनना नहीं, करना जरूरी”—मोटिवेशन को बनाओ एक्शन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मोटिवेशन तभी काम करता है, जब उसे जीवन में लागू किया जाए। सिर्फप्रेरणादायक बातें सुनना काफी नहीं होता, बल्कि उन्हें अपने व्यवहार और दिनचर्या में उतारना ही असली बदलावलाता है। “स्वास्थ्य, अनुशासन और आत्म–नियंत्रण—सफलता की असली कुंजी” जया किशोरी जी ने छात्रों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझाते हुए कहा कि सहीखान–पान, पर्याप्त नींद और संतुलित जीवनशैली बेहद जरूरी है। उन्होंने ध्यान (मेडिटेशन), आत्म–नियंत्रण औरअनुशासन को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की सलाह दी। साथ ही आत्म–संदेह को दूर कर आत्मविश्वास केसाथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। “भावनाओं से नहीं, तर्क से लें निर्णय”—युवाओं को दिया स्पष्ट दिशा–निर्देश उन्होंने कहा कि भावनाएं अक्सर अस्थायी होती हैं, जबकि तर्क लंबे समय तक सही दिशा दिखाते हैं। इसलिएजीवन के महत्वपूर्ण निर्णय भावनाओं के बजाय सोच–समझकर लेने चाहिए। प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने पूछे सवाल, मिले सरल और प्रेरक जवाब कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ अपने सवाल रखे। जया किशोरी जी ने हर प्रश्न का बेहदसरल, सहज और प्रेरणादायक उत्तर दिया, जिससे छात्रों को अपने जीवन की समस्याओं को समझने और हलकरने की दिशा मिली। सम्मान समारोह के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन…

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