Breaking India Russia News : ग्रेटर नोएडा के लिए आई ऐतिहासिक खबर, रूस की कंपनियां लगाएंगी फैक्ट्री, विदेशी निवेश से बदलेगी तस्वीर, प्राधिकरण का प्रजेंटेशन, रूस का भरोसा, प्लग-एंड-प्ले मॉडल बनेगा गेमचेंजर, रूस की कंपनियां बनाएंगी ग्रेटर नोएडा को इंडस्ट्रियल हब

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा के नागरिकों के लिए एक बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। शहर अब केवल उत्तर प्रदेश का औद्योगिक हब ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय निवेश का गढ़ बनने जा रहा है। दरअसल, रूस की कई बड़ी कंपनियां जल्द ही ग्रेटर नोएडा में फैक्ट्री लगाने की तैयारी में हैं। यह कदम न केवल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को भी उद्योग और निवेश के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा।इस ऐतिहासिक कदम से ग्रेटर नोएडा के नागरिकों को रोजगार और व्यापारिक अवसर मिलेंगे। प्राधिकरण की योजना और सरकार का सहयोग इसे भविष्य में विदेशी निवेश का केंद्र बना देगा
रूस की कंपनियां बनाएंगी ग्रेटर नोएडा को इंडस्ट्रियल हब
मंगलवार को रूस की लगभग 30 नामी कंपनियों के उद्योगपति और प्रबंधक ग्रेटर नोएडा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने यहां की आधुनिक इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप (IITGNL) का दौरा किया। प्राधिकरण के अधिकारियों ने उन्हें निवेश की संभावनाओं और यहां उपलब्ध अत्याधुनिक सुविधाओं की जानकारी दी।
रूस के प्रतिनिधियों ने इस टाउनशिप और इंफ्रास्ट्रक्चर को देखकर गहरी रुचि दिखाई और आश्वासन दिया कि वे जल्द ही यहां अपनी फैक्ट्रियां स्थापित करेंगे। इससे यह लगभग तय है कि निकट भविष्य में ग्रेटर नोएडा में रूसी उद्योगों का आगमन होगा।
प्राधिकरण का प्रजेंटेशन, रूस का भरोसा
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ACEO सौम्या श्रीवास्तव IAS ने बताया कि रूसी प्रतिनिधिमंडल को IITGNL, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब (MMLH) और मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) के बारे में विस्तार से बताया गया।
प्राधिकरण की ACEO सौम्य श्रीवास्तव और ACEO प्रेरणा सिंह ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि ग्रेटर नोएडा निवेश के लिहाज से देश का सबसे उपयुक्त स्थान है। रूसी प्रतिनिधियों ने प्रजेंटेशन देखकर टाउनशिप की तारीफ की और निवेश के सकारात्मक संकेत दिए।
प्लग-एंड-प्ले मॉडल बनेगा गेमचेंजर
ACEO सौम्य श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि यह टाउनशिप देश की सबसे स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप है। यहां प्लग एंड प्ले सिस्टम पर उद्योग लगाए जा सकते हैं। यानी निवेशकों को भूखंड आवंटन के तुरंत बाद फैक्ट्री शुरू करने की सुविधा मिलेगी।
सभी बुनियादी सुविधाएं – बिजली, सड़क, पानी, लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी पहले से विकसित की जा चुकी हैं। साथ ही दिल्ली से नजदीकी, जेवर एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और रेल कनेक्टिविटी इस टाउनशिप को निवेश के लिए आदर्श बनाते हैं।
IITGNL : एक ही छत के नीचे उद्योग, व्यापार और हाउसिंग
ग्रेटर नोएडा की यह 750 एकड़ में विकसित टाउनशिप दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) के तहत तैयार की जा रही है।
इसमें –
उद्योगों के लिए 38 भूखंड
व्यावसायिक गतिविधियों के लिए 7 भूखंड
और ग्रुप हाउसिंग के लिए 4 भूखंड आरक्षित हैं।
व्यवसायिक भूखंड की आवंटन दर ₹44,400 प्रति वर्गमीटर और ग्रुप हाउसिंग के लिए ₹75,400 प्रति वर्गमीटर तय है। खास बात यह है कि यहां भूखंडों का आवंटन केवल इंटरव्यू प्रक्रिया के बाद किया जाता है, जिससे केवल गंभीर और योग्य निवेशक ही हिस्सा ले सकें।
ग्रेटर नोएडा बनेगा विदेशी निवेश का गढ़
रूस की कंपनियों का आना इस बात का प्रमाण है कि ग्रेटर नोएडा अब केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के निवेश मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है। आने वाले वर्षों में यहां हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंडस्ट्रियल हब के रूप में अपनी पहचान बनाएगा।
नोएडा से निकलेगा उद्योग का नया सूरज
इस ऐतिहासिक कदम से ग्रेटर नोएडा के नागरिकों को रोजगार और व्यापारिक अवसर मिलेंगे। प्राधिकरण की योजना और सरकार का सहयोग इसे भविष्य में विदेशी निवेश का केंद्र बना देगा। रूस की कंपनियों के निवेश से यह शहर निश्चित रूप से “न्यू इंडिया की नई इंडस्ट्रियल कैपिटल” बनकर उभरेगा।रूस के प्रतिनिधियों ने इस टाउनशिप और इंफ्रास्ट्रक्चर को देखकर गहरी रुचि दिखाई और आश्वासन दिया कि वे जल्द ही यहां अपनी फैक्ट्रियां स्थापित करेंगे। इससे यह लगभग तय है कि निकट भविष्य में ग्रेटर नोएडा में रूसी उद्योगों का आगमन होगा।



