Breaking News : दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन परियोजना को मिली रफ्तार, गौतमबुद्ध नगर में बनेंगे 3 स्टेशन, सेक्टर-96 से नोएडा एयरपोर्ट तक बदलेगी सफर की तस्वीर, CEO कृष्णा करुणेश ने कहा कि "दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन परियोजना गौतमबुद्ध नगर के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी

ग्रेटर नोएडा/नोएडा, रफ़्तार टूडे। देश की महत्वाकांक्षी दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना अब गौतमबुद्ध नगर में भी तेजी से आकार लेने लगी है। परियोजना के तहत जिले में तीन आधुनिक बुलेट ट्रेन स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें दो स्टेशन एलिवेटेड और एक भूमिगत (अंडरग्राउंड) होगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच यात्रा न केवल पहले से कहीं अधिक तेज होगी, बल्कि पूर्वांचल तक की दूरी भी काफी कम समय में तय की जा सकेगी। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने परियोजना के लिए चिन्हित रूट का यूटिलिटी सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे के दौरान पानी, सीवर, गैस पाइपलाइन, बिजली, ऑप्टिकल फाइबर और अन्य भूमिगत सेवाओं का आकलन किया जा रहा है, ताकि निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके।
जिले में तीन हाईटेक स्टेशन होंगे तैयार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली के मयूर विहार से चलने वाली बुलेट ट्रेन का पहला पड़ाव गौतमबुद्ध नगर में सेक्टर-96 के पास होगा। यह स्टेशन नोएडा प्राधिकरण के नए प्रशासनिक भवन के सामने विकसित किया जाएगा। यहां से यात्रियों को नोएडा और दिल्ली के प्रमुख क्षेत्रों तक आसान कनेक्टिविटी मिलेगी। दूसरा स्टेशन गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के निकट प्रस्तावित है, जिससे ग्रेटर नोएडा, नॉलेज पार्क, शैक्षणिक संस्थानों और औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
तीसरा स्टेशन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के पास बनाया जाएगा। यह स्टेशन एयरपोर्ट और हाई स्पीड रेल नेटवर्क के बीच एक महत्वपूर्ण इंटरचेंज के रूप में विकसित होगा, जिससे देश-विदेश के यात्रियों को तेज और निर्बाध यात्रा का विकल्प मिलेगा।
अंडरग्राउंड ट्रैक भी होगा परियोजना का हिस्सा
परियोजना के तहत गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र में करीब 8.8 किलोमीटर लंबा अंडरग्राउंड ट्रैक बनाया जाएगा। खासकर सेक्टर-96 स्टेशन का हिस्सा भूमिगत रहेगा, जिससे शहरी यातायात पर न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा और आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का उपयोग किया जा सकेगा।
यात्रा का समय होगा बेहद कम
बुलेट ट्रेन के संचालन के बाद दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक की यात्रा लगभग 21 मिनट में पूरी होने की संभावना है। वहीं दिल्ली से लखनऊ और वाराणसी की दूरी भी मौजूदा समय की तुलना में काफी कम हो जाएगी। हाई स्पीड रेल की अधिकतम गति लगभग 350 किलोमीटर प्रति घंटा तथा परिचालन गति करीब 320 किलोमीटर प्रति घंटा प्रस्तावित है।
यूटिलिटी सर्वे के बाद तेज होगा निर्माण कार्य
सूत्रों के अनुसार, यूटिलिटी सर्वे पूरा होने के बाद भूमि संबंधी औपचारिकताओं और निर्माण प्रक्रिया को गति दी जाएगी। परियोजना एजेंसी का उद्देश्य है कि निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़े और निर्धारित समयसीमा में स्टेशन एवं ट्रैक विकसित किए जाएं।
क्षेत्र के विकास को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों का मानना है कि बुलेट ट्रेन परियोजना से केवल परिवहन व्यवस्था ही नहीं बदलेगी, बल्कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर क्षेत्र में निवेश, रोजगार, रियल एस्टेट, पर्यटन और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब और हाई स्पीड रेल नेटवर्क का संयोजन इस पूरे क्षेत्र को देश के सबसे बड़े आर्थिक कॉरिडोर में बदल सकता है।
प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश का बयान
नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) कृष्णा करुणेश ने कहा कि “दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन परियोजना गौतमबुद्ध नगर के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। प्राधिकरण परियोजना के लिए आवश्यक भूमि, यूटिलिटी शिफ्टिंग और अन्य तकनीकी समन्वय में पूरा सहयोग कर रहा है। हमारा प्रयास है कि सभी विभागों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए, ताकि नागरिकों को आधुनिक और विश्वस्तरीय परिवहन सुविधा का लाभ मिल सके।” उन्होंने कहा कि हाई स्पीड रेल परियोजना के शुरू होने से नोएडा और ग्रेटर नोएडा की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी तथा निवेशकों का विश्वास भी बढ़ेगा।
बुलेट ट्रेन परियोजना को जिले के लिए भविष्य की सबसे बड़ी परिवहन परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मेट्रो, रैपिड रेल और एक्सप्रेसवे के बाद अब हाई स्पीड रेल नेटवर्क जुड़ने से गौतमबुद्ध नगर देश के सबसे बेहतर कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में शामिल होने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।



