सिखाया पोषण का महत्व
- ग्रेटर नोएडा
GD Goenka School News : पढ़ाई के साथ सेवा का संस्कार, छात्रों ने आंगनबाड़ी पहुँचकर बांटी खुशियां, सिखाया पोषण का महत्व, सामुदायिक सेवा कार्य, जागरूकता और संवेदनशीलता का दिया संदेश
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा स्थित के जी डी गोयंका पब्लिक स्कूल के कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों ने एकसराहनीय पहल करते हुए सामुदायिक सेवा और सामाजिक जागरूकता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। छात्रोंद्वारा आयोजित इस कम्युनिटी आउटरीच कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों के बीच पहुंचकर उनकीमदद करना और उन्हें स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक करना था। इस पहल के तहत छात्र–छात्राएं दादरी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय जेतपुर वैशपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने नन्हे बच्चों के बीच खाद्य सामग्री और आवश्यक उपयोगी वस्तुओं का वितरण किया। इस दौरान बच्चोंके चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था, जिसने पूरे वातावरण को भावनात्मक और प्रेरणादायक बनादिया। “संतुलित आहार का दिया संदेश—स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ाया कदम” कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने बच्चों को संतुलित आहार के महत्व के बारे में सरल और प्रभावी तरीके सेसमझाया। उन्होंने बताया कि शरीर के सही विकास और अच्छे स्वास्थ्य के लिए भोजन में सभी आवश्यक पोषकतत्व—कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, खनिज लवण और जल का संतुलित मात्रा में होना बेहद जरूरी है। छात्रों ने यहभी बताया कि संतुलित आहार न केवल शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है, बल्कि शारीरिक वृद्धि को बढ़ावा देने केसाथ–साथ बीमारियों से लड़ने की क्षमता भी मजबूत करता है। “कुपोषण पर भी किया जागरूक—लक्षण और बचाव की दी जानकारी” इस अवसर पर विद्यार्थियों ने कुपोषण के कारणों और उसके लक्षणों के बारे में भी बच्चों और स्थानीय लोगों कोजानकारी दी। उन्होंने समझाया कि सही समय पर पोषक तत्वों की कमी बच्चों के शारीरिक और मानसिकविकास को प्रभावित कर सकती है। साथ ही, उन्होंने स्वस्थ खान–पान की आदतों को अपनाने और स्वच्छता बनाएरखने पर भी जोर दिया। “बच्चों के साथ बिताया समय—संवेदनशीलता और अपनापन दिखा” कार्यक्रम का सबसे खास पहलू यह रहा कि छात्रों ने आंगनबाड़ी के बच्चों के साथ समय बिताकर उनसे आत्मीयसंवाद स्थापित किया। बच्चों के साथ खेलना, बातचीत करना और उन्हें प्रोत्साहित करना इस कार्यक्रम काभावनात्मक पक्ष रहा, जिसने न केवल बच्चों को खुशी दी बल्कि छात्रों के अंदर भी समाज के प्रति संवेदनशीलताऔर सहयोग की भावना को मजबूत किया। “विद्यालय प्रबंधन ने की सराहना—समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम” विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. रेनू सहगल ने विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकारकी गतिविधियाँ छात्रों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तकसीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि छात्रों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और उन्हें निभाने केलिए भी प्रेरित करना चाहिए। “सेवा, शिक्षा और संवेदना—छात्रों ने पेश की मिसाल” यह कम्युनिटी आउटरीच कार्यक्रम न केवल एक सेवा कार्य था, बल्कि यह छात्रों के लिए एक सीखने का अनुभवभी बना, जिसने उन्हें समाज के कमजोर वर्गों के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनने की प्रेरणा दी। ऐसी पहलें यह दर्शाती हैं कि नई पीढ़ी केवल शिक्षा में ही नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाने में भी आगे बढ़रही है और एक बेहतर समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभा रही है।
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