Llyod College News : लॉयड इंस्टिट्यूट में “Connecting Dots: Journey Beyond” का भव्य आगाज़, नवागंतुक छात्रों ने पाया सफलता का सूत्र और जीवन निर्माण की नई दिशा, संवादात्मक सत्र ने छात्रों को दिया आत्मविश्वास

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा के लॉयड इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को एक ऐतिहासिक क्षण बना दिया। बी.टेक प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम “Connecting Dots: Journey Beyond” न सिर्फ एक औपचारिक शुरुआत रहा, बल्कि इसने छात्रों के लिए एक प्रेरणादायक और उत्साहजनक मंच का रूप ले लिया। इस आयोजन का मकसद छात्रों को संस्थान की कार्यप्रणाली से अवगत कराना, उनकी क्षमताओं को जगाना और भविष्य की यात्रा के लिए आत्मविश्वास से भरना था।
“Connecting Dots: Journey Beyond” सिर्फ एक ओरिएंटेशन प्रोग्राम नहीं रहा, बल्कि यह उन नवागंतुक छात्रों के लिए जीवन की नई यात्रा का पहला पड़ाव बना, जहां उन्हें आत्मविश्वास, प्रेरणा और सफलता का सूत्र मिला।
यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि ग्रेटर नोएडा का लॉयड इंस्टिट्यूट युवाओं को न सिर्फ तकनीकी ज्ञान देगा, बल्कि उन्हें जीवन निर्माण का सही मार्ग भी दिखाएगा।
दीप प्रज्वलन और स्वागत के साथ हुई शानदार शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत परंपरा के अनुसार दीप प्रज्वलन से हुई। संस्थान के अध्यक्ष मनोहर थहरानी और वरिष्ठ प्रोफेसर राजीव अग्रवाल ने मिलकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
राजीव अग्रवाल ने स्वागत भाषण में कहा:
“लॉयड का उद्देश्य सिर्फ इंजीनियर्स तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे विचारशील और दक्ष युवा तैयार करना है जो समाज और उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के साथ तालमेल बैठाकर नए समाधान दें।”
वक्ताओं ने छात्रों को दिया प्रेरणा का संबल
यह आयोजन कई नामचीन वक्ताओं की उपस्थिति से और भी खास बन गया। देशभर से आए उद्योग, शिक्षा और उद्यमिता जगत के विशेषज्ञों ने छात्रों से संवाद किया और अपने अनुभव साझा किए।
आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर एस. जी. देशमुख ने नई पीढ़ी को नवाचार का पर्याय बताते हुए कहा:
“Gen Z सिर्फ सपने देखने वाली नहीं, बल्कि उन्हें साकार करने की ताकत रखने वाली पीढ़ी है। आपके विचार ही भारत के भविष्य की दिशा तय करेंगे।”
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के प्रिंसिपल कंसल्टेंट अरुण जैन ने असफलताओं को जीवन का हिस्सा मानते हुए छात्रों से कहा कि “हर असफलता सफलता की नई सीढ़ी है। आलोचनात्मक सोच को अपनाकर ही आप भविष्य में अलग पहचान बना सकते हैं।”
फाइजरव के वाइस प्रेसिडेंट वेद आर्य ने छात्रों से अपनी USP (Unique Selling Proposition) पहचानने और उसे निखारने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “हर इंसान में कुछ अलग होता है, बस जरूरत है उसे पहचानने और सही दिशा में प्रयोग करने की।”
युवा उद्यमी सरबजीत सिंह ने छात्रों को साहस और जोखिम उठाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा “सपनों को हकीकत में बदलने का पहला कदम है डर को तोड़ना और साहसिक निर्णय लेना। यही असली उद्यमिता है।”
संवादात्मक सत्र ने छात्रों को दिया आत्मविश्वास
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को वक्ताओं से प्रश्न पूछने और अपने विचार साझा करने का मौका मिला। इस इंटरैक्टिव सेशन ने छात्रों को न केवल प्रेरणा दी बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाया। कई छात्रों ने कहा कि यह आयोजन उन्हें इंजीनियरिंग की पढ़ाई को नए नजरिए से देखने का अवसर दे रहा है।
शिक्षाविदों की विशेष उपस्थिति
इस अवसर पर डॉ. ए.एल.एन. राव, डॉ. काकोली राव, तन्वी मंगल, डॉ. विजय यादव, आशीष परमार सहित कई वरिष्ठ शिक्षाविद मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति ने आयोजन को शैक्षणिक गंभीरता और गरिमा प्रदान की।
छात्रों के लिए एक अनमोल संदेश
ओरिएंटेशन प्रोग्राम ने यह स्पष्ट कर दिया कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई सिर्फ किताबों और प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है। यह एक समग्र यात्रा है जिसमें तकनीकी ज्ञान, आलोचनात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता और जीवन के वास्तविक मूल्यों का संतुलन शामिल है।
इस आयोजन ने छात्रों को यह भरोसा दिलाया कि लॉयड इंस्टिट्यूट उनके सपनों को पंख देने और भविष्य को स्वर्णिम बनाने का हर संभव प्रयास करेगा।
आभार और समापन
कार्यक्रम का समापन पियूष गर्ग के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। उन्होंने सभी वक्ताओं, शिक्षकों और छात्रों का आभार जताते हुए कहा कि “यह आयोजन सिर्फ एक शुरुआत है, आने वाले समय में यहां से सफलता की नई कहानियां लिखी जाएंगी।”



