GL Bajaj College News : “नेक्स्ट जेनरेशन लीडरशिप” पर गूंजा वैश्विक संवाद, जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च में आयोजित ग्लोबल टॉक सेशन बना प्रेरणा का स्रोत, शिक्षा संस्थान की जिम्मेदारी – छात्रों को बनाना है जिम्मेदार लीडर, भविष्य के नेताओं के सामने तीन बड़ी चुनौतियाँ

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
तेजी से बदलती दुनिया में शिक्षा और नेतृत्व को नई दिशा देने के उद्देश्य से जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च (GLBIMR) ने एक ग्लोबल टॉक सेशन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का विषय था – “नेक्स्ट जेनरेशन लीडरशिप”, जिसमें स्विट्जरलैंड के ह्यूमनिस्टिक मैनेजमेंट नेटवर्क से जुड़े प्रसिद्ध फैकल्टी डॉ. अर्न्स्ट वॉन किमाकोविट्ज़ ने बतौर मुख्य वक्ता हिस्सा लिया। यह सेशन छात्रों और फैकल्टी के लिए न केवल ज्ञानवर्धक साबित हुआ बल्कि भविष्य की चुनौतियों और अवसरों पर गहन विमर्श का अवसर भी प्रदान किया।
पारंपरिक अंदाज़ में हुई शुरुआत – दीप प्रज्वलन और स्वागत
सत्र की शुरुआत भारतीय परंपरा के अनुरूप दीप प्रज्वलन और अतिथियों के स्वागत से हुई। कार्यक्रम स्थल पर उत्साह और ऊर्जा का माहौल था। छात्र, प्रोफेसर और प्रबंधन के प्रतिनिधि एकजुट होकर इस महत्वपूर्ण क्षण का हिस्सा बने। जैसे ही मुख्य अतिथि डॉ. अर्न्स्ट वॉन किमाकोविट्ज़ मंच पर पहुंचे, पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा।
भविष्य के नेताओं के सामने तीन बड़ी चुनौतियाँ
डॉ. किमाकोविट्ज़ ने अपने संबोधन में कहा कि आने वाले समय में नेताओं को केवल लाभ कमाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने नेक्स्ट जेनरेशन लीडरशिप की परिभाषा समझाते हुए कहा कि असली नेतृत्व वह है जो समाज, पर्यावरण और मानवता को आगे ले जाने का मार्ग प्रशस्त करे।
उन्होंने तीन प्रमुख चुनौतियों पर जोर दिया:
1. सस्टेनेबिलिटी (पर्यावरण संरक्षण): जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग।
2. वितरण (समानता): आर्थिक और सामाजिक असमानताओं को कम करने का प्रयास।
3. शांति (जियोपॉलिटिकल टेंशंस): भू-राजनीतिक तनावों के बीच सहयोग और स्थिरता बनाए रखना।
उन्होंने स्पष्ट कहा – “भविष्य का नेतृत्व उद्देश्य-चालित होना चाहिए। वास्तविक सफलता केवल वित्तीय आंकड़ों में नहीं, बल्कि समाज और पर्यावरण के लिए स्थायी मूल्य निर्माण में है।”
शिक्षा संस्थान की जिम्मेदारी – छात्रों को बनाना है जिम्मेदार लीडर
GLBIMR की निदेशक डॉ. सपना राकेश ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा:
> “हम अपने छात्रों को सिर्फ अकादमिक ज्ञान नहीं दे रहे हैं, बल्कि उन्हें ऐसे मूल्य सिखा रहे हैं जो उन्हें समाज और उद्योग दोनों में सार्थक योगदान देने योग्य बनाते हैं। भविष्य का नेतृत्व उन्हीं के हाथों में होगा जो जिम्मेदारी और उद्देश्य के साथ आगे बढ़ेंगे।”
वहीं, जीएल बजाज एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के वाइस चेयरमैन श्री पंकज अग्रवाल ने अपने विचार साझा करते हुए कहा:
> “GL Bajaj हमेशा से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने का अनुभव देता रहा है। आज के ऐसे सत्र न केवल छात्रों के दृष्टिकोण का विस्तार करते हैं बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर पर सोचने और कार्य करने के लिए प्रेरित भी करते हैं।”
नेतृत्व का नया सूत्र
ग्रेटर नोएडा में आयोजित यह ग्लोबल टॉक सेशन केवल एक अकादमिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि भविष्य की राह दिखाने वाला एक ऐसा मंच था, जिसने छात्रों को सिखाया कि सच्चा नेतृत्व वही है, जो लाभ से पहले जिम्मेदारी को प्राथमिकता देता है।
छात्रों के लिए नई दृष्टि और अनुभव
इस ग्लोबल टॉक सेशन का प्रभाव छात्रों के चेहरों पर साफ दिखाई दे रहा था। एक छात्रा ने कहा –
“हमने पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ से सीधे भविष्य के नेतृत्व पर इतनी गहराई से चर्चा सुनी। इससे हमें अपने करियर और जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा मिली।”
एक अन्य छात्र ने कहा –
“यह सेशन केवल शिक्षा तक सीमित नहीं था, बल्कि इसने हमें सोचने पर मजबूर किया कि हमें समाज और पर्यावरण के प्रति भी जिम्मेदार रहना होगा।”
प्रमाणपत्र वितरण और धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। छात्रों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए और औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। यह क्षण न केवल विद्यार्थियों के लिए बल्कि पूरे संस्थान के लिए गर्व का विषय था।



