Greater Noida Authority News : ग्रेटर नोएडा के उद्योगों की समस्याओं के समाधान को लेकर प्राधिकरण गंभीर, एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने दिए प्राथमिकता पर निस्तारण के निर्देश, उद्यमियों ने उठाए कॉमन फैसिलिटी सेंटर, ओटीएस, सिंगल विंडो सिस्टम, ड्रेनेज और वेंडिंग जोन जैसे अहम मुद्दे, CEO NG रवि कुमार ने दिए निर्देश औद्योगिक क्षेत्रों में व्याप्त समस्याओं खत्म हो सके
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एनजी रवि कुमार के निर्देश पर आयोजित की गई, ताकि औद्योगिक क्षेत्रों में व्याप्त समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके और निवेशकों के लिए बेहतर औद्योगिक वातावरण तैयार किया जा सके, बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) सौम्य श्रीवास्तव ने की, जबकि एसीईओ सुमित यादव भी विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA) के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में उद्यमियों ने हिस्सा लिया और उद्योगों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को विस्तार से रखा।

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक विकास को नई गति देने और उद्यमियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से सोमवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड रूम में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) सौम्य श्रीवास्तव ने की, जबकि एसीईओ सुमित यादव भी विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA) के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में उद्यमियों ने हिस्सा लिया और उद्योगों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को विस्तार से रखा।
यह बैठक ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एनजी रवि कुमार के निर्देश पर आयोजित की गई, ताकि औद्योगिक क्षेत्रों में व्याप्त समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके और निवेशकों के लिए बेहतर औद्योगिक वातावरण तैयार किया जा सके।
सीवर, ड्रेनेज, बिजली और पानी की समस्याएं प्रमुख मुद्दा रहीं
बैठक के दौरान उद्यमियों ने औद्योगिक सेक्टरों में सीवर, ड्रेनेज, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि कई औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव, खराब ड्रेनेज व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं की कमी के कारण उद्योगों के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उद्यमियों ने प्राधिकरण से इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने की मांग करते हुए कहा कि बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होने से उद्योगों की उत्पादकता बढ़ेगी और नए निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।
ओटीएस योजना और सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने की मांग
बैठक में उद्योगों के बकाया भुगतान से जुड़े मामलों के समाधान के लिए एकमुश्त समाधान योजना (OTS) लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। उद्यमियों का कहना था कि इससे लंबित वित्तीय विवादों का शीघ्र समाधान संभव होगा और उद्योगों को राहत मिलेगी। इसके अलावा उद्यमियों ने सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) सहित अन्य आवश्यक स्वीकृतियां और दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना था कि डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था से समय की बचत होगी तथा उद्योग स्थापित करने और संचालन में आने वाली प्रशासनिक बाधाएं कम होंगी।
कॉमन फैसिलिटी सेंटर और आदर्श औद्योगिक सेक्टर बनाने का प्रस्ताव
इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन ने ईकोटेक-3 को आदर्श औद्योगिक सेक्टर के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही सभी औद्योगिक सेक्टरों में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) स्थापित करने की मांग भी की गई। आईबीए के अध्यक्ष अमित उपाध्याय ने कहा कि कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनने से उद्यमियों को कॉन्फ्रेंस, प्रशिक्षण कार्यक्रम, व्यापारिक बैठकें और अन्य औद्योगिक गतिविधियों के आयोजन में काफी सुविधा मिलेगी। इससे औद्योगिक क्षेत्रों का समग्र विकास भी तेज होगा।

वेंडिंग जोन, डोर-टू-डोर कलेक्शन और जलभराव से राहत की मांग
बैठक में उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था शुरू करने, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के सुव्यवस्थित संचालन के लिए वेंडिंग जोन विकसित करने तथा बरसात के दौरान होने वाले जलभराव से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को और मजबूत करने की मांग रखी। उद्यमियों का कहना था कि इन व्यवस्थाओं से औद्योगिक क्षेत्रों में स्वच्छता, यातायात व्यवस्था और कार्य वातावरण में उल्लेखनीय सुधार होगा।
एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
बैठक में उद्यमियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के बाद एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने प्राधिकरण के परियोजना, जल, सीवर, विद्युत, स्वास्थ्य एवं नियोजन विभाग के अधिकारियों को सभी मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास ग्रेटर नोएडा की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार है और उद्यमियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक समस्या पर समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर उसका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि उद्योगों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में उद्यमी रहे मौजूद
बैठक में प्राधिकरण की ओर से महाप्रबंधक वित्त स्वतंत्र कुमार गुप्ता, महाप्रबंधक परियोजना ए.के. सिंह, डीजीएम विजय रावल, वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम सिंह, नरोत्तम सिंह, राजेश कुमार, सन्नी यादव, प्रबंधक प्रशांत समाधिया, उद्यमी मित्र मनु कौशिक, संदीप विश्वकर्मा एवं आलोक श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
वहीं उद्यमियों की ओर से आईबीए के अध्यक्ष अमित उपाध्याय, महासचिव सुनील दत्त शर्मा, उपाध्यक्ष नरेश चौहान, सुधीर त्यागी, कृष्ण शर्मा, डॉ. खुशबू सिंह, राजेश खन्ना, कोषाध्यक्ष राकेश अग्रवाल, कार्यकारिणी सदस्य ललित सिंघल, हर्ष कुमार, चंचल कुमार, जेड रहमान, मुकेश कुमार, पूरन कुमार, संजीव शर्मा, चरणजीत सलूजा, यशपाल गुप्ता सहित अनेक उद्यमी मौजूद रहे। बैठक के अंत में उद्यमियों ने उम्मीद जताई कि प्राधिकरण द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद औद्योगिक क्षेत्रों की आधारभूत समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा, जिससे ग्रेटर नोएडा का औद्योगिक वातावरण और अधिक सुदृढ़ होगा तथा नए निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।



