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Galgotia University News : गलगोटिया विश्वविद्यालय ने रचा इतिहास, वैश्विक मंच पर भारतीय शिक्षा का परचम फहराया, QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 में शानदार प्रदर्शन, पेटीएम के CBO अजय शेखर शर्मा की भावुक वापसी

नंद गोपाल 'नंदी' बोले — “हर चुनौती में छिपा होता है एक नया अवसर”, विश्वविद्यालय के GSCALE विज़न और ग्लोबल अप्रोच की जमकर सराहना


ग्रेटर नोएडा | रफ़्तार टुडे ब्यूरो


QS रैंकिंग में गलगोटियास की ऐतिहासिक छलांग

गलगोटिया विश्वविद्यालय, जो उत्तर भारत में उच्च शिक्षा का एक उभरता हुआ केंद्र बन चुका है, ने एक बार फिर अपनी वैश्विक प्रतिष्ठा को मजबूत किया है। QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए इस विश्वविद्यालय ने इतिहास रच दिया है। भारत के सर्वश्रेष्ठ निजी विश्वविद्यालयों में 15वां स्थान, जबकि समस्त भारतीय विश्वविद्यालयों (सरकारी और निजी) में 43वां स्थान प्राप्त करना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।

ग्लोबल रैंकिंग में भी गलगोटिया विश्वविद्यालय ने 1201–1400 रैंक बैंड में अपनी मज़बूत उपस्थिति दर्ज कराई है, जिससे यह साबित होता है कि भारत के निजी संस्थान अब वैश्विक मंच पर प्रभाव छोड़ने लगे हैं।


🎤 प्रेरक भाषण में नंद गोपाल ‘नंदी’ ने दी छात्रों को नई दिशा

इस विशेष अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री श्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा:

“किसी भी समस्या को सिर्फ समस्या मानना ग़लत है। हर समस्या में एक अवसर छिपा होता है, जिसे पहचानने पर व्यक्ति सफलता के शिखर तक पहुँच सकता है।”

उन्होंने कहा कि गलगोटिया विश्वविद्यालय ने जिस तरह शोध, नवाचार, और वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई है, वह सराहनीय है। विद्यार्थियों को उन्होंने सकारात्मक सोच अपनाने और हर चुनौती को अवसर में बदलने की प्रेरणा दी।


🌐 वैश्विक मान्यता की ओर बढ़ते कदम

कार्यक्रम में QS मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और साउथ एशिया के कार्यकारी निदेशक डॉ. अश्विन फर्नांडीस मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि गलगोटिया विश्वविद्यालय की रैंकिंग में आई बढ़ोतरी सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि इसकी वैश्विक दृष्टिकोण, शोध और शिक्षण प्रणाली की गवाही है

उन्होंने विश्वविद्यालय के ग्लोबल आउटलुक, फैकल्टी-स्टूडेंट फ्रेमवर्क, और इंटरनेशनल कोलैबोरेशन की जमकर सराहना की।


🧑‍💼 पेटीएम के CBO अजय शेखर शर्मा की भावुक वापसी

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और पेटीएम के चीफ बिज़नेस ऑफिसर श्री अजय शेखर शर्मा भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए कहा:

“मैं एक Alumnus के रूप में अपने विश्वविद्यालय में आकर गर्व महसूस कर रहा हूं। यहाँ के छात्रों को अवसर देना मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी।”

उन्होंने गलगोटिया विश्वविद्यालय की प्रगति, गुणवत्ता और वैश्विक साझेदारियों की सराहना करते हुए इसे तेज़ी से उभरता हुआ विश्वस्तरीय संस्थान बताया।

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गलगोटिया यूनिवर्सिटी में सेमिनार में लेते औद्योगिक मंत्री नंद गोपाल नंदी

📚 डॉ. ध्रुव गलगोटिया: QS रैंकिंग मेहनत और प्रतिबद्धता का प्रमाण

कार्यक्रम के दौरान गलगोटिया विश्वविद्यालय के कार्यकारी अधिकारी डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने अपने विचार साझा करते हुए कहा:

“QS रैंकिंग केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि यह हमारे शिक्षकों, छात्रों, स्टाफ, पूर्व छात्रों और समस्त स्टेकहोल्डर्स की संयुक्त मेहनत और प्रतिबद्धता का परिणाम है।”

उन्होंने आगे बताया कि विश्वविद्यालय का GSCALE मॉडल (Global, Socially Responsible, Collaborative, Adaptive, Learning-centric, and Entrepreneurial) और Active Learning Based Pedagogy छात्रों को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाती है। इसका उद्देश्य छात्रों को सिर्फ जॉब रेडी नहीं, बल्कि ग्लोबली रेलेवेंट लीडर बनाना है।


🌟 विशेष उपस्थिति ने बढ़ाया समारोह का गौरव

इस भव्य समारोह में कुलाधिपति श्री सुनील गलगोटिया, निदेशक संचालन अराधना गलगोटिया, फैकल्टी मेंबर्स, विद्यार्थी, और विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। पूरा परिसर उत्साह और गर्व की भावना से भरा हुआ था।

समारोह का आयोजन इस बात का प्रतीक था कि गलगोटिया विश्वविद्यालय ना केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पटल पर भी अपनी पहचान पुख्ता कर चुका है।


🧾 गलगोटियास की सफलता के पीछे कारण क्या हैं?

  1. नवाचार पर ज़ोर – यूनिवर्सिटी में रिसर्च, पेटेंट और इनोवेशन को विशेष बढ़ावा।
  2. अंतरराष्ट्रीय सहयोग – वैश्विक संस्थानों से टाई-अप और एक्सचेंज प्रोग्राम।
  3. गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रणाली – इंडस्ट्री ओरिएंटेड कोर्स, अनुभवी फैकल्टी और डिजिटल लर्निंग।
  4. स्टूडेंट सपोर्ट सिस्टम – करियर काउंसलिंग, इंटर्नशिप, ग्लोबल प्लेसमेंट सपोर्ट।
  5. स्थिर नेतृत्व और विज़न – गलगोटिया परिवार की एकजुट सोच और दीर्घकालिक रणनीति।

निष्कर्ष: शिक्षा में गुणवत्ता की नई परिभाषा गढ़ता गलगोटिया विश्वविद्यालय

गलगोटिया विश्वविद्यालय की यह उपलब्धि सिर्फ एक रैंकिंग नहीं, बल्कि भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली की संभावनाओं और निजी विश्वविद्यालयों की क्षमताओं को दर्शाती है। यह सफलता विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है और पूरे देश के लिए गर्व की बात।


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