ITS College News : ज्ञान की वीणा, भक्ति का सुर और बसंत की मुस्कान…, आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज में माँ सरस्वती की आराधना से महक उठा पूरा परिसर, माँ सरस्वती की आराधना से गूंज उठा कॉलेज परिसर, उल्लास के साथ मनाया गया बसंत पंचमी पर्व

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। जब मौसम में हल्की-सी गर्माहट, पेड़ों पर पीले फूल और मन में नई उम्मीदें जन्म लेने लगें, तब समझ लेना चाहिए कि बसंत आ चुका है। इसी उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ ग्रेटर नोएडा स्थित आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज में आज बसंत पंचमी का पर्व पूरे श्रद्धा, आस्था और भावनात्मक वातावरण के बीच मनाया गया। यह आयोजन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के मन में ज्ञान, संस्कार और आत्मविश्वास का संचार करने वाला अवसर बन गया।
कॉलेज परिसर में सुबह से ही विशेष रौनक देखने को मिली। चारों ओर पीले रंग की सजावट, पुष्पों की खुशबू और भक्ति संगीत ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। ज्ञान, कला और संगीत की देवी माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष विधिवत पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जैसे ही सरस्वती वंदना के स्वर गूंजे, पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।
कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. मयंक गर्ग द्वारा दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती की वंदना के साथ की गई। दीप की लौ के साथ मानो अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान के प्रकाश का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे और सभी ने सामूहिक रूप से माँ सरस्वती से आशीर्वाद प्राप्त किया।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में डॉ. मयंक गर्ग ने कहा कि बसंत पंचमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि ज्ञान, सृजन और नवचेतना का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन माँ सरस्वती का प्राकट्य हुआ था, इसलिए यह दिन विद्यार्थियों के जीवन में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग जैसे तकनीकी क्षेत्र में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी विवेक, नैतिकता और रचनात्मक सोच उतनी ही आवश्यक है, जितनी तकनीकी दक्षता।
डॉ. गर्ग ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि ज्ञान केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका उपयोग समाज और राष्ट्र के हित में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि माँ सरस्वती की सच्ची आराधना तभी सफल होती है, जब हम अपने ज्ञान से दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करें।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने पूरे मनोयोग और श्रद्धा के साथ पूजा में भाग लिया। कई विद्यार्थियों ने अपनी आने वाली परीक्षाओं, करियर और जीवन में सफलता के लिए माँ सरस्वती से प्रार्थना की। कुछ छात्रों के लिए यह पल भावनात्मक भी रहा, क्योंकि वे अपने भविष्य को लेकर उम्मीदों और संकल्पों के साथ देवी के चरणों में नतमस्तक दिखाई दिए।
पूरे आयोजन के दौरान कॉलेज परिसर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार स्पष्ट रूप से महसूस किया गया। पीले परिधान में सजे छात्र-छात्राएं, पुष्पों से सुसज्जित पूजा स्थल और मंत्रोच्चारण से गूंजता वातावरण बसंत पंचमी की सांस्कृतिक गरिमा को जीवंत कर रहा था।
कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया और सभी ने एक-दूसरे को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं दीं। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि विद्यार्थियों के मन में संस्कार, अनुशासन और सकारात्मक सोच को भी मजबूत कर गया।
आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज में मनाया गया यह बसंत पंचमी समारोह यह संदेश देकर गया कि आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं का समन्वय ही विद्यार्थियों को संपूर्ण व्यक्तित्व प्रदान करता है। ज्ञान की देवी माँ सरस्वती की आराधना के साथ यह दिन छात्रों के लिए नई ऊर्जा, नई प्रेरणा और नए सपनों की शुरुआत बन गया।



