Breaking News : नोएडा-ग्रेटर नोएडा को मिलेगी बड़ी कनेक्टिविटी, मेट्रो, नमो भारत और जेवर एयरपोर्ट एक नेटवर्क से होंगे जुड़े, जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी होगी और मजबूत, DPR केंद्र सरकार को भेजी गई, औद्योगिक विकास और निवेश को मिलेगा बढ़ावा, भविष्य के स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम की ओर बड़ा कदम
प्रस्तावित परियोजना के लागू होने के बाद यात्रियों को अलग-अलग परिवहन साधनों के बीच बार-बार बदलाव की परेशानी से राहत मिलेगी। एकीकृत नेटवर्क के माध्यम से यात्री नोएडा मेट्रो, नमो भारत ट्रेन और जेवर एयरपोर्ट तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इससे यात्रा का समय कम होगा, आवागमन अधिक सुगम बनेगा और सार्वजनिक परिवहन को नई मजबूती मिलेगी।

नोएडा/ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के लाखों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। आने वाले समय में इस पूरे क्षेत्र की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पूरी तरह बदलने वाली है। नोएडा मेट्रो को नमो भारत (RRTS) नेटवर्क और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से जोड़ने की महत्वाकांक्षी परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेज दी गई है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।
एक ही नेटवर्क से मेट्रो, नमो भारत और एयरपोर्ट तक आसान सफर
प्रस्तावित परियोजना के लागू होने के बाद यात्रियों को अलग-अलग परिवहन साधनों के बीच बार-बार बदलाव की परेशानी से राहत मिलेगी। एकीकृत नेटवर्क के माध्यम से यात्री नोएडा मेट्रो, नमो भारत ट्रेन और जेवर एयरपोर्ट तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इससे यात्रा का समय कम होगा, आवागमन अधिक सुगम बनेगा और सार्वजनिक परिवहन को नई मजबूती मिलेगी।
इन क्षेत्रों के लाखों लोगों को होगा सीधा लाभ
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, सूरजपुर, परी चौक, ईकोटेक, दनकौर, यमुना प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र और जेवर के निवासियों को मिलेगा। प्रतिदिन नौकरी, शिक्षा, उद्योग और व्यापार के लिए सफर करने वाले हजारों लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध होगा। साथ ही एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और यात्रियों को विश्वस्तरीय मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम का लाभ मिलेगा।
जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी होगी और मजबूत
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन को देखते हुए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एयरपोर्ट शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होगा। ऐसे में हाई-स्पीड नमो भारत नेटवर्क और मेट्रो से सीधी कनेक्टिविटी मिलने पर दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न हिस्सों से एयरपोर्ट तक पहुंचना पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगा। सरकार का उद्देश्य केवल एयरपोर्ट तक पहुंच आसान बनाना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना भी है, जिससे ट्रैफिक जाम, ईंधन की खपत और प्रदूषण में कमी लाई जा सके।
डीपीआर केंद्र सरकार को भेजी गई
उत्तर प्रदेश सरकार से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना की डीपीआर अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेज दी गई है। मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना एनसीआर के सबसे महत्वपूर्ण मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में से एक साबित होगी।
औद्योगिक विकास और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर परिवहन व्यवस्था का सीधा असर क्षेत्र के औद्योगिक विकास, निवेश और रियल एस्टेट सेक्टर पर भी पड़ेगा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में नई औद्योगिक परियोजनाओं को गति मिलेगी, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और क्षेत्र का आर्थिक विकास और तेज होगा।
भविष्य के स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम की ओर बड़ा कदम
मेट्रो, नमो भारत और जेवर एयरपोर्ट को एक ही परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की यह योजना एनसीआर के परिवहन ढांचे को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। यदि परियोजना समय पर पूरी होती है, तो आने वाले वर्षों में नोएडा-ग्रेटर नोएडा देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल होगा, जहां मेट्रो, हाई-स्पीड रीजनल रेल और अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट एकीकृत सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के तहत जुड़े होंगे। इससे न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा को एक वैश्विक निवेश एवं आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।



