शिक्षाग्रेटर नोएडा

Greater Noida News : अमृता विश्व विद्यापीठ में कार्बन न्यूट्रल इंटरनेशनल सस्टेनेबिलिटी कॉन्फ्रेंस का भव्य आयोजन, 20 देशों के विशेषज्ञों ने रखा बेहतर भविष्य का रोडमैप, तीन डिजिटल प्लेटफॉर्म का हुआ शुभारंभ, वैश्विक भागीदारी – 20 देशों के 1,000 प्रतिभागी

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
अमृता विश्व विद्यापीठ ने अमृता स्कूल फॉर सस्टेनेबल फ्यूचर्स और यूनेस्को चेयर ऑन एक्सपीरिएंशियल लर्निंग फॉर सस्टेनेबल इनोवेशन एंड डेवलपमेंट के साथ मिलकर एक अनूठा आयोजन किया – कार्बन न्यूट्रल इंटरनेशनल सस्टेनेबिलिटी कॉन्फ्रेंस। यह सम्मेलन न सिर्फ शिक्षा और शोध को स्थिरता (Sustainability) से जोड़ने का प्रयास था, बल्कि इसमें वैश्विक स्तर पर ग्रीन फ्यूचर की दिशा में एक ठोस पहल भी दिखाई दी।

उद्घाटन समारोह में दिग्गजों की उपस्थिति

इस भव्य कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन कर्नाटक के अतिरिक्त मुख्य सचिव और विकास आयुक्त उमा महादेवन दास गुप्ता (IAS), नाबार्ड के चेयरमैन केवी शाजी और माता अमृतानंदमयी मठ के महासचिव स्वामी पूर्णामृतानंद पुरी ने किया। उनकी मौजूदगी ने आयोजन को और अधिक गरिमामय बना दिया।

यूनेस्को दिल्ली कार्यालय के डायरेक्टर का संदेश

यूनेस्को दिल्ली कार्यालय के निदेशक डॉ. टिम करटिस ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा –
“शिक्षा केवल हर व्यक्ति का मूल अधिकार नहीं है, बल्कि यह बेहतर भविष्य गढ़ने की सबसे बड़ी ताकत है। स्थिरता कोई लक्ष्य नहीं, बल्कि ऐसा सिद्धांत है, जो वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए भविष्य की पीढ़ियों को भी सुरक्षित रखता है।”

उन्होंने यह भी बताया कि “Partnership for Greening Education” पहल के माध्यम से अब तक 1,300 से ज्यादा NGO, निजी कंपनियां और शिक्षण संस्थान शिक्षा और समुदायों में हरित पाठ्यक्रम व स्थायी प्रथाओं को शामिल कर रहे हैं।

वैश्विक भागीदारी – 20 देशों के 1,000 प्रतिभागी

इस सम्मेलन में 20 से ज्यादा देशों से करीब 1,000 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

80 से अधिक एक्सपर्ट लेक्चर

हैकाथॉन

संगोष्ठी और वर्कशॉप्स

पेपर प्रेजेंटेशन

इन सत्रों के माध्यम से शोधकर्ताओं, छात्रों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने स्थिरता और नवाचार को लेकर अपने विचार साझा किए।

तीन डिजिटल प्लेटफॉर्म का हुआ शुभारंभ

कॉन्फ्रेंस के दौरान तीन नए डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए गए, जिनमें सबसे अहम था –
“Sustainability and Resilience by Community Engagement and Empowerment Platform”।
इन प्लेटफॉर्म्स का उद्देश्य है कम्युनिटी एंगेजमेंट बढ़ाना, रिसर्च को सुलभ बनाना और स्थायी समाधानों को व्यवहार में उतारना।

विशेषज्ञों की अहम भागीदारी

इस मौके पर डॉ. पी. अजीथ कुमार, डॉ. मनीषा वी. रमेश (प्रोवोस्ट), डॉ. बिपिन जी. नायर और डॉ. एम. रविशंकर जैसे शिक्षाविद भी मौजूद रहे। सभी ने सस्टेनेबल डेवलपमेंट को लेकर अपने अनुभव साझा किए और छात्रों को ग्रीन इनोवेशन अपनाने के लिए प्रेरित किया।

अमृता विश्व विद्यापीठ का यह सम्मेलन केवल एक अकादमिक आयोजन नहीं बल्कि एक वैश्विक आंदोलन की शुरुआत साबित हुआ। इसने यह संदेश दिया कि शिक्षा में स्थिरता को मुख्य धारा में लाना होगा।

ग्रीन इनोवेशन और कम्युनिटी एंगेजमेंट ही भविष्य की दिशा तय करेंगे। और सबसे अहम, शिक्षा ही वह शक्ति है जो आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और सुरक्षित धरती दे सकती है।

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Raftar Today
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