Sharda University News : “भक्ति, ऊर्जा और एकता का अद्भुत संगम!” — नवरात्रि के पहले दिन शारदा यूनिवर्सिटी में गूंजे मंत्र, 500 छात्रों ने लिया हवन में हिस्सा, मंत्रोच्चार और विधि-विधान से हुआ मां दुर्गा का पूजन, प्रो-चांसलर YK Gupta का संदेश शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। नवरात्रि के पावन पर्व की शुरुआत के साथ ही ग्रेटर नोएडा स्थित Sharda University एक बार फिर भक्ति, आस्था और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर नजर आई। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज में नवरात्रि के प्रथम दिन श्रद्धा और उल्लास के साथ भव्य हवन का आयोजन किया गया, जिसमें 500 से अधिक छात्र-छात्राओं, फैकल्टी और स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि इसने परिसर में एकता, संस्कृति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण भी निर्मित किया।
मंत्रोच्चार और विधि-विधान से हुआ मां दुर्गा का पूजन
कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत हवन और मां दुर्गा की पूजा-अर्चना से हुई। वैदिक मंत्रों की गूंज और हवन की पवित्र अग्नि ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
सभी उपस्थित लोगों ने एक साथ मिलकर मां दुर्गा से सुख-समृद्धि, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और सफलता की कामना की। वातावरण में श्रद्धा और भक्ति का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने हर किसी के मन को सुकून और ऊर्जा से भर दिया।
छात्रों और फैकल्टी की बड़ी भागीदारी, दिखा उत्साह
इस आयोजन में विभिन्न स्कूलों के फैकल्टी मेंबर्स, स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी देखने को मिली। 500 से अधिक छात्रों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और भी भव्य बना दिया।
छात्रों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ हवन में भाग लेकर न केवल अपनी धार्मिक आस्था व्यक्त की, बल्कि भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा भी दिखाई।
प्रो-चांसलर का संदेश: शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर Y. K. Gupta ने कहा कि नवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि यह नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच और आत्मबल का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन संस्थान में आपसी जुड़ाव को मजबूत करते हैं और विद्यार्थियों को अपने सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ते हैं। उन्होंने सभी के उज्ज्वल भविष्य और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए मां दुर्गा का आशीर्वाद बनाए रखने की प्रार्थना की।
संस्कृति और एकता का मजबूत संदेश
इस आयोजन ने यह साबित किया कि शिक्षा संस्थान केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे संस्कृति और मूल्यों को भी संजोने का कार्य करते हैं।
हवन जैसे धार्मिक आयोजनों के माध्यम से छात्रों को भारतीय परंपराओं से जोड़ने का यह प्रयास न केवल सराहनीय है, बल्कि समाज में सकारात्मकता फैलाने का भी माध्यम बनता है।
प्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद वितरित किया गया और नवरात्रि की शुभकामनाएं दी गईं।
यह आयोजन हर किसी के लिए एक यादगार अनुभव बन गया, जिसमें भक्ति, एकता और सकारात्मक ऊर्जा का सुंदर संगम देखने को मिला।
आस्था के साथ संस्कारों की भी शिक्षा
नवरात्रि के इस पावन अवसर पर आयोजित हवन ने शारदा यूनिवर्सिटी को एक बार फिर आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध बनाया।
यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय परंपराओं और संस्कारों को भी समान महत्व दिया जा रहा है।



