UP Expressway News : यूपी में 8,585 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा 6-लेन जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सफर होगा और आसान, 74.46 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेगा नोएडा एयरपोर्ट, EPC मॉडल पर होगा निर्माण, उद्योगों और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास के साथ-साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की घोषणा की थी। जेवर लिंक एक्सप्रेसवे उन्हीं प्रमुख परियोजनाओं में से एक है। यूपीडा के अनुसार यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे गौतमबुद्ध नगर के ब्राह्मण गांव से शुरू होकर बुलंदशहर जिले के बाहांपुर गांव तक जाएगा। मार्ग का चयन इस प्रकार किया गया है कि आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों, लॉजिस्टिक पार्कों और भविष्य की विकास परियोजनाओं को भी इसका लाभ मिल सके।

यूपी, रफ़्तार टूडे। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सबसे महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी देकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 8,585.51 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को स्वीकृति प्रदान की गई। यह परियोजना न केवल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच को आसान बनाएगी, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक, व्यावसायिक और लॉजिस्टिक विकास को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
करीब 74.46 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा कराया जाएगा। भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इसे इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि आवश्यकता पड़ने पर इसे छह लेन से बढ़ाकर आठ लेन तक विस्तारित किया जा सके।
गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेगा नोएडा एयरपोर्ट
जेवर लिंक एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा उद्देश्य गंगा एक्सप्रेसवे और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच सीधा और तेज संपर्क स्थापित करना है। वर्तमान में एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए यात्रियों और मालवाहक वाहनों को कई मार्गों का उपयोग करना पड़ता है, जिससे यात्रा में अधिक समय लगता है। नई परियोजना के पूरा होने के बाद गंगा एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहन बिना किसी बड़े अवरोध के सीधे नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे। इससे यात्रा का समय कम होगा और यातायात का दबाव भी घटेगा।
74.46 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेसवे
यूपीडा के अनुसार यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे गौतमबुद्ध नगर के ब्राह्मण गांव से शुरू होकर बुलंदशहर जिले के बाहांपुर गांव तक जाएगा। मार्ग का चयन इस प्रकार किया गया है कि आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों, लॉजिस्टिक पार्कों और भविष्य की विकास परियोजनाओं को भी इसका लाभ मिल सके। इस एक्सप्रेसवे के बनने से केवल एयरपोर्ट ही नहीं, बल्कि जेवर क्षेत्र में विकसित हो रहे औद्योगिक कॉरिडोर, वेयरहाउसिंग हब और लॉजिस्टिक नेटवर्क को भी बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा।
8,585 करोड़ रुपये की परियोजना
सरकार के अनुसार परियोजना की कुल लागत 8,585.51 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसमें भूमि अधिग्रहण, निर्माण कार्य और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं। निर्माण कार्य पर लगभग 4,479.52 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जबकि शेष राशि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और अन्य प्रशासनिक कार्यों पर व्यय की जाएगी।
ईपीसी मॉडल पर होगा निर्माण
इस एक्सप्रेसवे का निर्माण इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल के तहत कराया जाएगा। इस मॉडल में परियोजना का डिजाइन, निर्माण और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था एक ही एजेंसी द्वारा की जाती है, जिससे परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में सुविधा होती है। सरकार का मानना है कि ईपीसी मॉडल अपनाने से निर्माण की गुणवत्ता बेहतर रहेगी और परियोजना निर्धारित समयसीमा में पूरी की जा सकेगी।
एयरपोर्ट की बढ़ेगी कनेक्टिविटी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े और आधुनिक हवाई अड्डों में शामिल होने जा रहा है। इसके संचालन के बाद उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा। जेवर लिंक एक्सप्रेसवे बनने के बाद मेरठ, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, अलीगढ़, बुलंदशहर, संभल, बदायूं और गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़े अन्य जिलों के यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने में काफी कम समय लगेगा।
उद्योगों और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर क्षेत्र के औद्योगिक विकास पर भी पड़ेगा। बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से नए उद्योगों की स्थापना, लॉजिस्टिक कंपनियों का विस्तार और निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब और वेयरहाउसिंग सेक्टर को इस एक्सप्रेसवे से बड़ी मजबूती मिलेगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
भूमि अधिग्रहण का कार्य जारी
यूपीडा के अधिकारियों के अनुसार एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रभावित किसानों से नियमानुसार भूमि अधिग्रहित की जाएगी और उन्हें सरकार की नीति के अनुसार मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
भूमि अधिग्रहण पूरा होते ही निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी ताकि परियोजना को समय पर पूरा किया जा सके।
मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास के साथ-साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की घोषणा की थी। जेवर लिंक एक्सप्रेसवे उन्हीं प्रमुख परियोजनाओं में से एक है।
सरकार का लक्ष्य है कि एयरपोर्ट पूरी क्षमता से संचालित होने से पहले आसपास का सड़क नेटवर्क भी अत्याधुनिक बनाया जाए, ताकि यात्रियों और माल परिवहन दोनों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई दिशा
जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर और आसपास के जिलों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। तेज और सुरक्षित सड़क संपर्क से व्यापार, पर्यटन, निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की उपयोगिता और महत्व भी कई गुना बढ़ जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास का नया आधार बनेगा। बेहतर परिवहन व्यवस्था से उद्योगों की लागत कम होगी, निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और क्षेत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होगा। आने वाले वर्षों में यह परियोजना उत्तर प्रदेश की आधारभूत संरचना को नई पहचान देने के साथ-साथ राज्य को देश के सबसे मजबूत औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



