अथॉरिटीआम मुद्देग्रेटर नोएडाग्रेटर नोएडा वेस्ट

Greater Noida Authority News : बिसरख में बनेगा आधुनिक श्मशान घाट, 10 करोड़ की लागत से डेढ़ साल में मिलेगा ग्रेटर नोएडा वेस्ट को बड़ा तोहफ़ा, निवासियों की पुरानी समस्या का होगा समाधान, श्मशान घाट की खास सुविधाएं, निर्माण का लक्ष्य और समयसीमा

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट (Noida Extension) की तेजी से बढ़ती आबादी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच एक लंबे समय से लंबित मांग अब पूरी होने जा रही है। बिसरख गांव में जल्द ही आधुनिक श्मशान घाट का निर्माण शुरू होने वाला है। यह श्मशान घाट न केवल एक धार्मिक व सामाजिक सुविधा होगी, बल्कि क्षेत्र के लाखों निवासियों के लिए राहत और सम्मानजनक विदाई का स्थान भी बनेगा। इस परियोजना पर करीब 10 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे और इसे लगभग डेढ़ साल (18 महीने) में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल-3 द्वारा इस काम को अंजाम दिया जाएगा और टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बनने वाला यह श्मशान घाट एक सामाजिक क्रांति से कम नहीं। यह दिखाता है कि प्रशासन अब केवल हाई-टेक सुविधाओं या मॉल्स और सड़कों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि समाज की संवेदनशील जरूरतों को भी महत्व दे रहा है।
जब यह श्मशान घाट डेढ़ साल में तैयार होगा तो यह क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए सम्मानजनक विदाई और सुविधा का प्रतीक बन जाएगा।

निवासियों की पुरानी समस्या का होगा समाधान

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में पिछले एक दशक से लगातार सोसाइटियों और कॉलोनियों का विस्तार हुआ है। लाखों लोग यहां बस चुके हैं, लेकिन श्मशान घाट जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव हमेशा खटकता रहा।
किसी परिजन की मृत्यु होने पर परिजनों को मजबूरी में नोएडा सेक्टर-94, गाजियाबाद या ग्रेटर नोएडा के साकीपुर श्मशान घाट जाना पड़ता था। इससे न केवल भावनात्मक तनाव बढ़ता था बल्कि व्यवस्था और दूरी के कारण परिजनों को भारी असुविधा झेलनी पड़ती थी।

निवासियों ने कई बार प्राधिकरण से मांग उठाई थी और अंततः प्राधिकरण के सीईओ एन.जी. रवि कुमार के हस्तक्षेप के बाद अब यह मांग पूरी होने जा रही है।

श्मशान घाट की खास सुविधाएं

बिसरख में बनने वाला यह श्मशान घाट पारंपरिक ढांचे से अलग एक आधुनिक स्वरूप लिए होगा। यहां पर उपलब्ध होने वाली प्रमुख सुविधाएं होंगी:

मजबूत चारदीवारी से घिरा हुआ सुरक्षित क्षेत्र

40 दाह संस्कार प्लेटफॉर्म

एक मंदिर परिसर

120 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था

प्रार्थना सभा स्थल

बेहतर कनेक्टिविटी के लिए सीसी रोड का निर्माण

लकड़ी का गोदाम और अन्य आवश्यक संसाधन

इन सुविधाओं के साथ यह श्मशान घाट न केवल ग्रेटर नोएडा वेस्ट बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और सेक्टरों के लोगों के लिए भी बड़ी राहत साबित होगा।

भावनाओं और जरूरत का संगम

श्मशान घाट का निर्माण सिर्फ एक इमारत खड़ी करना नहीं है, बल्कि यह उस समाज को राहत देने जैसा है जो वर्षों से इसकी कमी झेल रहा था।
आधुनिक सोसाइटियों और ऊंची-ऊंची इमारतों से घिरे इस क्षेत्र में शहरीकरण की तेज़ रफ्तार के बीच जब अंतिम संस्कार के लिए जगह ही नहीं होती, तो यह व्यवस्था बेहद अहम हो जाती है।

यहां के निवासी इसे एक संवेदनशील और मानवीय पहल मानते हैं। उनका कहना है कि अब किसी प्रियजन की विदाई के समय उन्हें लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

प्रशासन की संवेदनशील पहल

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस योजना को अपनी प्राथमिकता में रखा है। सीईओ एन.जी. रवि कुमार ने निवासियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस पर तुरंत कार्रवाई की।
प्राधिकरण के परियोजना विभाग ने न सिर्फ तेजी से योजना को आगे बढ़ाया बल्कि टेंडर प्रक्रिया भी समय रहते पूरी की। अब निर्माण कार्य की शुरुआत होना तय है।

निर्माण का लक्ष्य और समयसीमा

इस परियोजना की अनुमानित लागत 10 करोड़ रुपए रखी गई है और काम को 18 महीनों (डेढ़ साल) में पूरा करने का लक्ष्य है।
अगर समय पर निर्माण पूरा हो जाता है तो 2027 की शुरुआत तक बिसरख का यह श्मशान घाट पूरी तरह से तैयार हो जाएगा और आमजन को समर्पित कर दिया जाएगा।

निवासियों में खुशी और संतोष

इस घोषणा के बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट और बिसरख क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। निवासियों ने इसे अपनी जीत और प्रशासन की संवेदनशीलता का परिणाम बताया है।
लोगों का कहना है कि यह परियोजना उनके लिए न केवल सुविधा बल्कि सम्मान की भी प्रतीक है।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Back to top button