सोनीपत8 मिनट पहले
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हरियाणा के सोनीपत के नागरिक अस्पताल में प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर (PMO) डा. जयभगवान को सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। उस पर अस्पताल की लेडी डाक्टर से छेड़छाड़ और अश्लील मैसेज भेजने का आरोप है। उनके खिलाफ 17 नवंबर को पुलिस में मामला दर्ज हुआ है, जिसमें वो जमानत पर हैं।
सोनीपत नागरिक अस्पताल में PMO डा. जयभगवान को तीसरी बार सस्पेंड किया गया है। राज्यपाल कार्यालय की ओर से उनके निलंबन के आदेश आए हैं। उनको स्वास्थ्य महानिदेशक कार्यालय से संबद्ध किया गया है। पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय अधिकारी किसी भी प्रकार की जानकारी देने से बच रहे हैं। सीएमओ डा. जयकिशोर ने स्पष्ट कहा कि वो न तो उनका निलंबन पत्र दिखाएंगे और न ही कुछ बोलेंगे।
हो चुके गिरफ्तार
डा. जयभगवान के खिलाफ 17 नवंबर को सेक्टर-27 थाना पुलिस ने दफा 354ए,355डी के तहत मामला दर्ज किया था। अस्पताल की एक महिला डॉक्टर ने उनके खिलाफ फोन पर अश्लील मैसेज भेजने और छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। पुलिस डॉक्टर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उनको जमानत मिल गई। एक अन्य महिला डॉक्टर ने भी डा. जयभगवान पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं।
विभागीय जांच के बाद निलंबन
PMO पर छेड़छाड़ के आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच की जा रही थी। बताया गया है विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही उनको निलंबित किया गया है। इससे पहले उन पर गुरुग्राम में भी तैनाती के दाैरान छेड़छाड़ के आरोप लगे थे। वे जींद और कैथल में भी विभिन्न आरोपों के चलते दो बार पहले सस्पेंड हो चुके हैं।
मामले में एक तथ्य यह भी
बताया गया है कि अस्पताल की जिस डॉक्टर ने जयभगवान के खिलाफ मामला दर्ज कराया है, उससे जुड़ी एक शिकायत की जांच उनके पास थी। महिला डॉक्टर पर सोनीपत के सरकारी अस्पताल के साथ दिल्ली के एक निजी अस्पताल में काम करने की शिकायत विभाग को मिली थी। डा. जयभगवान ने ही इसकी जांच कर उन पर लगे आरोपों की पुष्टि की थी।