Galgotia University News : गलगोटिया विश्वविद्यालय ने आईआईटी गुवाहाटी के सहयोग से एआई और एमएल पर आयोजित किया फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, शिक्षकों के कौशल उन्नयन की दिशा में बड़ा कदम

📍 ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
गलगोटिया विश्वविद्यालय ने आईआईटी गुवाहाटी के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का आयोजन किया। यह कार्यशाला इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत ई एंड आईसीटी अकादमी, आईआईटी गुवाहाटी के सहयोग से सफलतापूर्वक आयोजित की गई। कार्यक्रम में देशभर के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया।
📢 शिक्षकों के तकनीकी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
🔹 गलगोटिया विश्वविद्यालय के चांसलर श्री सुनील गलगोटिया ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा:
“आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधुनिक तकनीकी विकास की नींव बन चुके हैं। यह आवश्यक है कि हमारे शिक्षक इन तकनीकों से हमेशा अपडेट रहें, ताकि वे छात्रों को भविष्य के उद्योगों के लिए तैयार कर सकें। यह एफडीपी कार्यक्रम हमारे शिक्षकों को नवीनतम ज्ञान से सशक्त बनाने और उद्योग के अनुकूल शिक्षा प्रदान करने में सहायक होगा।”
🔹 गलगोटिया विश्वविद्यालय के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा:
“हम निरंतर सीखने और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम हमारे संकाय सदस्यों को एआई और एमएल में अत्याधुनिक ज्ञान से लैस करेगा। यह उन्हें न केवल शोध में योगदान देने बल्कि छात्रों को नई तकनीकों से परिचित कराने में भी मदद करेगा।”

🎯 एआई और एमएल पर कार्यशाला की मुख्य बातें
📌 तकनीकी सत्र:
कार्यशाला में आईआईटी गुवाहाटी के विशेषज्ञों ने एआई और एमएल के विभिन्न पहलुओं पर व्याख्यान दिया। इनमें डीप लर्निंग, न्यूरल नेटवर्क, डेटा एनालिटिक्स, बिग डेटा, कंप्यूटर विजन और प्राकृतिक भाषा प्रोसेसिंग (NLP) शामिल थे।
📌 प्रैक्टिकल हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग:
शिक्षकों को Python, TensorFlow और Keras जैसी तकनीकों का उपयोग करके एआई और एमएल मॉडल बनाने की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी गई।
📌 उद्योग विशेषज्ञों की भागीदारी:
कार्यक्रम में विभिन्न टेक कंपनियों और स्टार्टअप्स से आए विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे एआई और एमएल को विभिन्न उद्योगों में प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।
📌 अनुसंधान और नवाचार पर जोर:
कार्यक्रम में एआई और एमएल से जुड़े अनुसंधान के नए क्षेत्रों और पेटेंट फाइलिंग की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई।
👨🏫 शिक्षकों को कैसे मिलेगा लाभ?
✅ तकनीकी दक्षता: इस एफडीपी के माध्यम से शिक्षक एआई और एमएल के अत्याधुनिक टूल्स और एप्लिकेशन से परिचित हुए।
✅ शोध में प्रगति: प्रतिभागी शिक्षकों को नवीनतम अनुसंधान क्षेत्रों में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।
✅ छात्रों को नई शिक्षा प्रणाली से जोड़ना: शिक्षक अब अपने ज्ञान को छात्रों तक पहुंचाकर उन्हें उद्योग-समर्थित शिक्षा प्रदान कर सकेंगे।
✅ नौकरी के नए अवसर: एआई और एमएल से जुड़ी विशेषज्ञता से शिक्षकों को नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर करियर ग्रोथ के बेहतरीन अवसर मिलेंगे।

🔎 निष्कर्ष
📢 गलगोटिया विश्वविद्यालय और आईआईटी गुवाहाटी का यह संयुक्त प्रयास शिक्षकों को नई तकनीकों से लैस करने और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
📌 यह कार्यशाला अध्यापन में नवीनतम तकनीकों को जोड़ने और शिक्षा को भविष्य के उद्योगों के अनुरूप बनाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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