Greater Noida Authority News : बिसरख में चला प्राधिकरण का बुलडोजर!, करोड़ों की जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के उड़ाए होश, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने मुक्त कराई 8900 वर्गमीटर जमीन, आकलित मूल्य 18 करोड़ रुपये, सीईओ NG रवि कुमार के निर्देश के बाद कार्रवाई

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एक बार फिर अतिक्रमणकारियों पर बड़ा एक्शन लेते हुए बिसरख ऐमनाबाद क्षेत्र में करोड़ों रुपये की अपनी अर्जित जमीन को कब्जा मुक्त करा लिया है। बुधवार शाम को की गई इस कार्रवाई में लगभग 8900 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया, जिसकी कीमत करीब 18 करोड़ रुपये आंकी गई है।
क्या था मामला? कैसे हुआ खुलासा?
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एन. जी. रवि कुमार को सूचना मिली कि बिसरख ऐमनाबाद गांव के खसरा संख्या 225 में प्राधिकरण की अधिग्रहित जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य किया जा रहा है।
सीईओ ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसीईओ सुमित यादव को तत्काल मौके की जांच के निर्देश दिए। जांच की जिम्मेदारी वर्क सर्किल-3 को सौंपी गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित जमीन पर आरएमसी प्लांट लगाया गया है, चारदीवारी बना दी गई है और कुछ कमरों का निर्माण भी किया जा रहा था।
जेसीबी चला, दीवारें गिरीं, अवैध निर्माण ने ढहा दम!
बुधवार शाम को वर्क सर्किल-3 के प्रभारी राजेश कुमार निम के नेतृत्व में मैनेजर रोहित गुप्ता और उनकी टीम मौके पर पहुंची और तत्काल प्रभाव से जेसीबी मशीनों के माध्यम से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
अतिक्रमणकारियों द्वारा बनाई गई चारदीवारी और निर्माणाधीन कमरे पूरी तरह तोड़ दिए गए। इस दौरान मौके पर प्राधिकरण की टीम के साथ स्थानीय पुलिस बल की मौजूदगी भी रही जिससे किसी प्रकार का विरोध उत्पन्न न हो।
सीईओ के आदेश के बाद एक्शन में आई टीम
प्राधिकरण के सीईओ एन.जी. रवि कुमार को जैसे ही खसरा संख्या 225 की जमीन पर अवैध कब्जे की सूचना मिली, उन्होंने तुरंत एसीईओ सुमित यादव को जांच के आदेश दिए। इसके बाद वर्क सर्किल-3 की टीम मौके पर पहुंची और पाया कि जमीन पर आरएमसी प्लांट लगाया गया है, चारदीवारी कर दी गई है और निर्माण की तैयारी चल रही है।
सूचना पक्की मिलने के बाद बुधवार शाम को प्राधिकरण की टीम ने जेसीबी मशीन के जरिए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
एसीईओ की सख्त चेतावनी: “बख्शे नहीं जाएंगे अतिक्रमणकारी!”
कार्रवाई के बाद एसीईओ सुमित यादव ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि
“प्राधिकरण की अधिसूचित भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण सहन नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।“
उन्होंने यह भी कहा कि अवैध कब्जेदारों के खिलाफ नियमित निगरानी अभियान चलाया जाएगा और आवश्यक होने पर विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।

क्यों महत्वपूर्ण है यह कार्रवाई?
- ग्रेटर नोएडा जैसे तेज़ी से विकसित होते शहरी क्षेत्र में भूमि माफिया प्राधिकरण की जमीन पर अवैध कब्जा कर व्यवसायिक लाभ लेने की कोशिश में रहते हैं।
- इस प्रकार की कार्रवाइयों से न केवल अवैध कब्जेदारों को कड़ा संदेश जाता है, बल्कि शहर के विकास के लिए आवंटित ज़मीन को मूल उद्देश्यों के लिए संरक्षित किया जा सकता है।
ज़मीन की तस्वीरें और वीडियोज जल्द होंगे सार्वजनिक
प्राधिकरण के सूत्रों के अनुसार इस अभियान की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई है, जो जल्द ही जनता को दिखाने के लिए जारी की जाएगी ताकि लोग देखें कि कानून अपना काम कर रहा है।
कैसे की गई कार्रवाई?
अभियान का नेतृत्व वर्क सर्किल-3 प्रभारी राजेश कुमार निम ने किया। उनके साथ मैनेजर रोहित गुप्ता और प्राधिकरण की टीम मौजूद रही।
मौके पर लगाए गए आरएमसी प्लांट, चारदीवारी और बन रहे कमरों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
अगले निशाने पर और भी क्षेत्र?
सूत्रों की मानें तो प्राधिकरण की नजर अब ऐसे कई अन्य गांवों और सेक्टरों पर भी है जहां अर्जित जमीन पर अवैध निर्माण की आशंका है। निकट भविष्य में और भी बुलडोजर एक्शन देखने को मिल सकते हैं।
निष्कर्ष:
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की यह सख्त कार्रवाई दर्शाती है कि अब अतिक्रमणकारियों के लिए कोई जगह नहीं बची है। जिन लोगों ने सरकारी जमीन पर बेजा कब्जा कर रखा है, उन्हें यह संदेश साफ है –
“या तो खुद हट जाओ, वरना बुलडोजर हटा देगा!”
संबंधित हैशटैग्स:
#ग्रेटरनोएडा #बुलडोजरएक्शन #अतिक्रमणहटाओ #GNIDAAction #बिसरख #जमीनमुक्तकरण #नोएडान्यूज #भूमिमाफिया #GreaterNoidaAuthority #RaviKumarIAS #SumitYadav #BulldozerInAction #RaftarToday



