Shri Ram janmotsav
- धार्मिक
Greater Noida: राम जन्म की गूंज से भाव-विभोर हुआ ग्रेटर नोएडा, भक्ति-भाव और भव्यता का अद्भुत संगमबना रामलीला मैदान, राम कथा में जन्मोत्सव का दिव्य उत्सव
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे । ग्रेटर नोएडा के ऐछर बिरोड़ा सेक्टर पाई-1 स्थित रामलीला मैदान में आयोजित श्री रामकथा का माहौल इन दिनों पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा में डूबा हुआ है। श्री धार्मिक रामलीला कमेटी के तत्वाधान मेंचल रहे इस भव्य आयोजन का चौथा दिन विशेष रूप से आस्था, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजरआया। अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक अतुल कृष्ण भारद्वाज की अमृतमयी वाणी ने कथा स्थल पर उपस्थित हजारों श्रद्धालुओंको मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके प्रवचनों ने न केवल राम कथा के गूढ़ अर्थों को सरलता से समझाया, बल्कि भक्तोंके हृदय में भक्ति की ज्योति भी प्रज्वलित की। राम जन्मोत्सव का दिव्य वर्णन, भाव–विभोर हुए श्रद्धालु आज की कथा में महाराज जी ने भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का अत्यंत जीवंत और भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंनेबताया कि किस प्रकार महाराज दशरथ ने अयोध्या में प्रभु श्रीराम और उनके तीनों भाइयों—भरत, लक्ष्मण औरशत्रुघ्न—के जन्म पर भव्य उत्सव मनाया। कथा के दौरान यह भी बताया गया कि देवी–देवता स्वयं विभिन्न रूपों में अयोध्या पहुंचे, ताकि वे प्रभु श्रीराम केदर्शन कर सकें। इस दिव्य प्रसंग का वर्णन इतना प्रभावशाली था कि पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंजउठा और श्रद्धालु भक्ति में लीन हो गए। राम जन्मोत्सव का दिव्य वर्णन, भाव–विभोर हुए श्रद्धालु आज की कथा में महाराज जी ने भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का अत्यंत जीवंत और भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंनेबताया कि किस प्रकार महाराज दशरथ ने अयोध्या में प्रभु श्रीराम और उनके तीनों भाइयों—भरत, लक्ष्मण औरशत्रुघ्न—के जन्म पर भव्य उत्सव मनाया। कथा के दौरान यह भी बताया गया कि देवी–देवता स्वयं विभिन्न रूपों में अयोध्या पहुंचे, ताकि वे प्रभु श्रीराम केदर्शन कर सकें। इस दिव्य प्रसंग का वर्णन इतना प्रभावशाली था कि पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंजउठा और श्रद्धालु भक्ति में लीन हो गए। पंडाल में सजी राम जन्म की झांकी, भक्ति में झूमे श्रद्धालु कथा के साथ–साथ पंडाल में भी प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने नृत्य, भजन और कीर्तन के माध्यम से अपनी भक्ति अर्पित की। पूरा वातावरण ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो अयोध्या नगरी स्वयं धरती पर उतर आई हो। हर ओर भक्ति, उल्लासऔर श्रद्धा का संगम देखने को मिला, जिसने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया। हनुमान जी की भक्ति का संदेश, जीवन में सुमिरन का महत्व कथावाचक अतुल कृष्ण भारद्वाज ने अपने प्रवचन में हनुमान जी की भक्ति और समर्पण का भी उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हनुमान जी ने प्रभु श्रीराम के नाम का सुमिरन अपने जीवन का आधार बनाया, उसीप्रकार हर व्यक्ति को भी ईश्वर के नाम का स्मरण और कीर्तन अपने जीवन में शामिल करना चाहिए। उन्होंने सरल शब्दों में समझाया कि भक्ति ही जीवन को सार्थक बनाती है, और राम कथा के माध्यम से व्यक्तिअपने जीवन की दिशा को सही मार्ग पर ले जा सकता है। यजमानों की भागीदारी और आयोजन की गरिमा आज के कथा कार्यक्रम में मुख्य यजमान के रूप में हरवीर मावी उपस्थित रहे, जबकि सह–यजमान के रूप में शेरसिंह भाटी और धीरज शर्मा ने भागीदारी निभाई। वहीं दैनिक यजमान के रूप में राम अवतार जी और नीतीशउपाध्याय जी ने कथा में अपनी श्रद्धा अर्पित की। उनकी उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया और सामूहिक रूप से इस धार्मिक आयोजन को सफलबनाने में योगदान दिया। गणमान्य व्यक्तियों और श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी राम कथा में आज कई प्रमुख सामाजिक और धार्मिक व्यक्तित्वों की उपस्थिति भी देखने को मिली। वरिष्ठप्रचारक ईश्वर दयाल जी, स्वामी सुशील जी महाराज, प्रांत प्रचारक वेदपाल जी, जिला प्रचारक नेम पाल जी सहितअनेक गणमान्य लोगों ने कथा में भाग लेकर अपनी आस्था प्रकट की। इसके अलावा क्षेत्र के कई प्रमुख नागरिक, समाजसेवी और सैकड़ों श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिन्होंनेपूरे आयोजन को भक्ति के महासागर में बदल दिया…
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