Noida Authority News : नोएडा में जलभराव पर सीईओ कृष्णा करुणेश का बड़ा एक्शन, लापरवाही पर JE बर्खास्त, प्रबंधक को प्रतिकूल प्रविष्टि, ठेकेदार पर ₹5 लाख का जुर्माना, सीईओ के आदेशों के बावजूद नहीं सुधरी व्यवस्था, दो अधिकारियों की सेवा समाप्त, दो प्रबंधकों को प्रतिकूल प्रविष्टि, सभी वर्क सर्किल को अंतिम चेतावनी
"नोएडा के नागरिकों की सुरक्षा और सुविधाएं हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। जलभराव जैसी समस्या किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। जिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरती है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है। हमारा लक्ष्य नोएडा को सुरक्षित, व्यवस्थित और जलभराव मुक्त शहर बनाना है।" – कृष्णा करुणेश, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, नोएडा प्राधिकरण

नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा में मंगलवार की बारिश के बाद कई इलाकों में हुए भीषण जलभराव को लेकर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) कृष्णा करुणेश ने कड़ा रुख अपनाया है। ग्राम बरौला सहित कई क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था ध्वस्त होने और लोगों के घरों तक पानी पहुंचने की घटनाओं को गंभीर लापरवाही मानते हुए सीईओ ने जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के बाद प्राधिकरण के विभिन्न विभागों में हड़कंप मच गया है।
सीईओ के आदेशों के बावजूद नहीं सुधरी व्यवस्था
प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने लगभग एक सप्ताह पहले ही सभी संबंधित अधिकारियों को जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा आवश्यक सुधार कार्य समय पर नहीं किए गए। मंगलवार को हुई तेज बारिश में बरौला समेत शहर के कई इलाकों में दोबारा भारी जलभराव हो गया। कई स्थानों पर सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और पानी लोगों के घरों में भी घुस गया। सोशल मीडिया पर जलभराव के वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद सीईओ ने पूरे मामले की समीक्षा कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
दो अधिकारियों की सेवा समाप्त, दो प्रबंधकों को प्रतिकूल प्रविष्टि
लापरवाही और कार्य में शिथिलता पाए जाने पर जूनियर इंजीनियर (JE) पार्थ राठौर तथा सुपरवाइजर मांगेराम की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं। इसके अलावा जलभराव की स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रख पाने के कारण प्रबंधक करण सिंह त्यागी (सिविल) एवं प्रबंधक रमेंद्र (जल एवं सीवर) को प्रतिकूल प्रविष्टि (Adverse Entry) दी गई है।
ठेकेदार पर ₹5 लाख की पेनल्टी, ब्लैकलिस्ट करने का नोटिस
सीईओ कृष्णा करुणेश ने केवल विभागीय अधिकारियों पर ही नहीं, बल्कि कार्यदायी संस्था पर भी सख्त कार्रवाई की है। कार्य में लापरवाही बरतने पर मैसर्स वर्म इंडिया पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा गया है कि उसे कार्य में शिथिलता और लापरवाही के चलते ब्लैकलिस्ट क्यों न किया जाए।
सभी वर्क सर्किल को अंतिम चेतावनी
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जनसुविधाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी वर्क सर्किल के अधिकारियों और कर्मचारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए निर्देश दिए कि भविष्य में यदि किसी क्षेत्र में जलभराव या अन्य मूलभूत समस्याओं के समाधान में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ इससे भी अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जनहित सर्वोपरि, जवाबदेही तय होगी
प्राधिकरण प्रशासन का कहना है कि उसका उद्देश्य शहरवासियों को जलभराव जैसी समस्याओं से स्थायी राहत दिलाना और विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। सीईओ कृष्णा करुणेश ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखा जाए तथा बरसात के दौरान किसी भी शिकायत का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।
सीईओ कृष्णा करुणेश का बयान
“नोएडा के नागरिकों की सुरक्षा और सुविधाएं हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। जलभराव जैसी समस्या किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। जिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरती है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है।भविष्य में भी यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के विरुद्ध और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। हमारा लक्ष्य नोएडा को सुरक्षित, व्यवस्थित और जलभराव मुक्त शहर बनाना है।” – कृष्णा करुणेश, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, नोएडा प्राधिकरण



