गाजियाबाद2 घंटे पहले
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गाजियाबाद के वैशाली स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में आयोजित कॉन्क्लेव में बोलते डॉ. मनीष वैश्य।
वैशाली स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जरी विभाग ने न्यूरो-कॉन 2021 का आयोजन शनिवार को किया। ‘मरीजों के लिए न्यूरोसर्जरी को सुरक्षित बनाना’ विषय पर हुई कॉन्क्लेव में देश के कई राज्यों से न्यूरो सर्जन शामिल हुए। न्यूरो-कॉन 2021 के अध्यक्ष और वैशाली स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जरी विभाग के निदेशक डॉ. मनीष वैश्य ने कहा, पिछला डेढ़ वर्ष चिकित्सा क्षेत्र के सभी विभागों के लिए कठिन रहा, क्योंकि पूरा ध्यान कोविड-19 पर था। न्यूरोलॉजी, चिकित्सा विज्ञान का वह क्षेत्र है जिसमें उपचार का समय एक संवेदनशील मुद्दा होता है, क्योंकि उपचार में किसी भी तरह की देरी से अपरिवर्तनीय क्षति हो सकती है। हम हमेशा अपने मरीजों के लिए न्यूरो सर्जरी को सुरक्षित बनाने के लिए सुधार करते रहने की कोशिश करते हैं।

इस कॉन्क्लेव में कई राज्यों के न्यूरो सर्जन शामिल हुए।
8 सत्र में 24 विषयों पर प्रस्तुति
न्यूरो-कॉन में 8 सत्र थे, जिनमें 24 विषयों को प्रस्तुत किया गया और उन पर चर्चा की गई। कुछ विषय जिन्हें इस कॉन्क्लेव में शामिल किया गया, उनमें मिनिमली इनवेसिव स्पाइनल सर्जरी, स्ट्रोक और कोविड युग, मिनिमली इनवेसिव ब्रेन सर्जरी, न्यूरोनेविगेशन और अवेक क्रैनियोटॉमी थे।
पोर्टेबिल वेंटिलेटरों का महत्व बताया
नई दिल्ली स्थित एम्स के न्यूरोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. दीपक अग्रवाल ने न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में नवीनतम विकास के बारे में बताया। उन्होंने नई तकनीकों और पद्धियों की व्याख्या की, जिन्होंने न्यूरोसर्जरी को अधिक सुरक्षित बना दिया है। उन्होंने उन पोर्टेबल वेंटिलेटरों के महत्व पर भी प्रकाश डाला जो उन मरीजों के लिए हैं, जिन्हें जीवनभर वेंटिलेटर के सपोर्ट की जरूरत होती है। इनका आविष्कार एम्स में किया गया है।
स्पाइनल सर्जरी में जटिलता से बचने के टिप्स
नई दिल्ली स्थित आरएमएल अस्पताल के न्यूरोसर्जरी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजय चौधरी ने इंट्रासेरेब्रल हैमरेज के बारे में बताया। जबलपुर के सुपरस्पेशयलिटी अस्पताल मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. वाईआर यादव ने स्पाइनल सर्जरी में जटिलताओं से बचने के बारे में बताया।