Accurate College News : डिजिटल इनोवेशन से सजे फार्मेसी के नए दौर की ओर कदम — एक्यूरेट कॉलेज ऑफ फार्मेसी में राष्ट्रीय सम्मेलन “Shaping the Future of Pharmacy” का भव्य आयोजन(डिजिटल हेल्थकेयर, फार्माकोविजिलेंस और इनोवेशन पर देशभर के विशेषज्ञों ने साझा किए विचार)

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। फार्मेसी के भविष्य को नई दिशा देने और स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल क्रांति की संभावनाओं पर विमर्श के लिए एक्यूरेट कॉलेज ऑफ फार्मेसी, ग्रेटर नोएडा में शनिवार को एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया।
सम्मेलन का विषय था — “Shaping the Future of Pharmacy: Empowering Healthcare through Digital Transformation and Innovations” यानी “डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और नवाचार के ज़रिए स्वास्थ्य सेवा को सशक्त बनाना”।
देशभर के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और संस्थानों से आए शोधकर्ताओं, शिक्षकों, उद्योग विशेषज्ञों और विद्यार्थियों ने इसमें भाग लिया। यह आयोजन न केवल फार्मेसी शिक्षा के भविष्य पर केंद्रित था, बल्कि हेल्थकेयर सेक्टर में तकनीकी बदलावों और रिसर्च इनोवेशन की नई दिशा तय करने वाला साबित हुआ।
उद्घाटन सत्र: ज्ञान, नवाचार और प्रेरणा का संगम
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई, जिसने सम्मेलन को एक आध्यात्मिक और प्रेरणादायक शुरुआत दी।
कॉलेज की चेयरपर्सन सुश्री पूनम शर्मा ने सम्मेलन की अध्यक्षता की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा “आज फार्मेसी केवल दवाओं तक सीमित नहीं रही है, बल्कि यह तकनीक, डेटा और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। ऐसे सम्मेलन छात्रों को वैश्विक स्तर की सोच विकसित करने में मदद करते हैं।”
कॉलेज के निदेशक डॉ. मोजाहिदुल इस्लाम ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्रों के लिए “नॉलेज एक्सचेंज और रिसर्च लर्निंग प्लेटफॉर्म” की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि फार्मेसी का भविष्य तकनीक के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है, और डिजिटल परिवर्तन को अपनाना समय की मांग है।
देश के शीर्ष विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव — डिजिटल फार्मेसी पर गहन चर्चा
सम्मेलन के दौरान देशभर से आए प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने फार्मेसी और हेल्थकेयर में हो रहे डिजिटल बदलावों पर अपने विचार रखे —
डॉ. जावेद अली, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय, नई दिल्ली, ने लिपोसोम्स (Liposomes) के औषधीय उपयोग और उनकी आधुनिक चिकित्सा में भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि लिपोसोमल ड्रग डिलीवरी सिस्टम कैसे मरीजों को बेहतर परिणाम दे रहा है।
डॉ. एस.के. अब्दुल रहमान, डीन एवं प्रोफेसर, गलगोटियास विश्वविद्यालय, ने बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights – IPR) की महत्ता और पेटेंट फाइलिंग प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रिसर्च तभी सफल होती है जब उसे कानूनी सुरक्षा मिलती है।
डॉ. मनोज शर्मा, क्यूपीपीवी एवं प्रमुख, ग्लोबल पेशेंट सेफ्टी सिस्टम एंड फार्माकोविजिलेंस, विन मेडिकेयर प्रा. लि., नई दिल्ली, ने फार्माकोविजिलेंस और Adverse Drug Reactions (ADR) के प्रबंधन पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि भविष्य का हेल्थकेयर डेटा-संचालित और सुरक्षित होगा।
डॉ. तनवीर नवेद, डिप्टी डीन, एमिटी यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा, ने पोस्ट कोविड-19 युग में औषधीय पौधों (Medicinal Plants) के बढ़ते महत्व और प्राकृतिक चिकित्सा की पुनर्स्थापना पर जोर दिया।
इन विशेषज्ञों ने एक स्वर में कहा कि अब फार्मेसी केवल एक अकादमिक क्षेत्र नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी-ड्रिवन हेल्थकेयर इकोसिस्टम बन चुका है, जिसमें AI, मशीन लर्निंग और बिग डेटा एनालिटिक्स अहम भूमिका निभा रहे हैं।
विद्यार्थियों का जलवा – 120 से अधिक शोध पोस्टर प्रस्तुतियाँ ने बढ़ाया सम्मेलन का स्तर
सम्मेलन में देशभर के विश्वविद्यालयों से आए 120 से अधिक प्रतिभागियों ने अपने रिसर्च प्रोजेक्ट्स और नवाचार प्रस्तुत किए।
इसमें 70 ऑफलाइन और 50 ऑनलाइन पोस्टर प्रस्तुतियाँ शामिल थीं।
शोध विषयों में ड्रग इनोवेशन, हेल्थकेयर डेटा एनालिटिक्स, नेचुरल मेडिसिन, डिजिटल फार्मेसी, पेशेंट सेफ्टी सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण विषय रहे। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन छात्रों में रिसर्च कल्चर और इनोवेशन की भावना को बढ़ावा देते हैं।
विश्व फार्मासिस्ट दिवस और फार्माकोविजिलेंस वीक के विजेताओं को किया गया सम्मानित
कॉलेज ने सम्मेलन के अवसर पर विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2025 और फार्माकोविजिलेंस वीक 2025 के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया।
इन प्रतियोगिताओं में मॉडल प्रेजेंटेशन, रिसर्च पोस्टर, निबंध लेखन और फार्मा क्विज़ शामिल थे।
सम्मान समारोह के दौरान पूरे हॉल में छात्रों की तालियों की गूंज सुनाई दी, जो उनकी मेहनत और उत्साह का प्रमाण थी।
समापन सत्र – नई दिशा, नई प्रेरणा
कार्यक्रम के समापन सत्र में सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।
चेयरपर्सन सुश्री पूनम शर्मा ने कहा “यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भविष्य की फार्मेसी का खाका है। हमें ऐसे इनोवेशन को बढ़ावा देना होगा जो समाज की भलाई और बेहतर स्वास्थ्य सेवा में योगदान दे।”
वहीं, डॉ. मोजाहिदुल इस्लाम ने कहा कि इस आयोजन ने छात्रों में अनुसंधान और नवाचार की भावना को मजबूत किया है और यह आने वाले वर्षों में कई नई तकनीकी खोजों का मार्ग प्रशस्त करेगा।
एक्यूरेट कॉलेज ऑफ फार्मेसी – उत्कृष्टता, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक
एक्यूरेट कॉलेज ऑफ फार्मेसी, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश के अग्रणी संस्थानों में से एक है। यह कॉलेज फार्मेसी शिक्षा में उत्कृष्टता और रिसर्च-ड्रिवन लर्निंग के लिए जाना जाता है।
कॉलेज का उद्देश्य है – “Educate, Innovate, and Inspire” यानी शिक्षा के साथ नवाचार और प्रेरणा को जोड़ना। संस्थान निरंतर प्रयासरत है कि इसके छात्र न केवल देश, बल्कि वैश्विक स्तर पर फार्मेसी और हेल्थकेयर के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाएं।



