Mahagun Mantra News : “थाली की गूंज से जागेगा बिल्डर?”, रजिस्ट्री के लिए तीन साल से तरसते फ्लैट खरीदारों ने बजाई थाली, बोले– “ताली बजाओ, प्रबंधन जगाओ!”, कागज़ पूरे, पैसे पूरे – फिर क्यों नहीं रजिस्ट्री?

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।।
महागुन मंत्रा-2 सोसाइटी के फ्लैट खरीदारों ने आखिरकार तीन साल से लटकी हुई रजिस्ट्री को लेकर अब अनोखा विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। नोएडा स्थित महागुन बिल्डर के कार्यालय के बाहर शनिवार को दर्जनों बायर्स ने थाली बजाकर अपनी नाराजगी जताई और अपनी आवाज़ उस प्रबंधन तक पहुंचाई, जो अब तक केवल “आश्वासन” ही देता आ रहा है। खरीदारों का स्पष्ट संदेश था– “अब नहीं सहेंगे, अब नहीं रुकेंगे।”
“रजिस्ट्री के बिना हम किराएदार जैसे हैं”: बायर्स की पीड़ा
बायर्स का कहना है कि उन्होंने वर्षों पहले अपना खून-पसीना लगाकर फ्लैट खरीदा, बैंक से लोन लिया, ईएमआई भरी और अब तीन साल से रजिस्ट्री के इंतज़ार में बैठे हैं। फ्लैट की कीमत का 100% भुगतान करने के बावजूद, न तो अधिकार मिला, न ही कानूनी मालिकाना हक।
एक बायर्स ने गुस्से में कहा, “घर हमारा है लेकिन अधिकार नहीं। ना हम बेच सकते हैं, ना किराए पर दे सकते हैं, और न ही लोन ट्रांसफर हो सकता है।”
थाली बजाओ आंदोलन: जब सरकार नहीं, तो जनता बोले
इस अनोखे प्रदर्शन का नाम दिया गया – “थाली बजाओ, प्रबंधन जगाओ आंदोलन”।
महागुन मंत्रा-2 के निवासियों का कहना है कि बार-बार ईमेल, मीटिंग और मांग पत्र देने के बावजूद, प्रबंधन केवल “जल्द रजिस्ट्री होगी” कहकर टालता रहा।
अब लोगों ने बिल्डर के कार्यालय के सामने थाली और ताली बजाकर सांकेतिक विरोध जताया, ताकि उनकी आवाज़ सिर्फ बिल्डर नहीं, बल्कि प्राधिकरण और सरकार तक भी पहुंचे।
कागज़ पूरे, पैसे पूरे – फिर क्यों नहीं रजिस्ट्री?
बायर्स का सवाल है–
- जब हमने पूरा भुगतान कर दिया
- जब कब्ज़ा भी मिल चुका
- जब बैंक भी लोन ट्रांसफर कर चुका
तो फिर रजिस्ट्री क्यों रुकी है?
इसका जवाब न तो बिल्डर देता है और न ही प्राधिकरण। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि बिल्डर अपने कागज़ों में खामियों या प्रोजेक्ट संबंधी विवादों के चलते जानबूझकर रजिस्ट्री नहीं करवा रहा।
प्रदर्शनकारियों की मांगें क्या हैं?
- तत्काल प्रभाव से रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू की जाए।
- रजिस्ट्री की तारीख घोषित की जाए।
- यदि कानूनी या प्रशासनिक अड़चन है तो उचित सार्वजनिक स्पष्टीकरण दिया जाए।
- ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और जिला प्रशासन इस मामले में हस्तक्षेप कर समाधान कराए।
“हम कोई आंदोलनकारी नहीं, लेकिन मजबूर ज़रूर हैं”
प्रदर्शन में शामिल एक महिला खरीदार ने कहा, “हमने घर का सपना देखा था, सड़क पर आंदोलन करने का नहीं। पर जब कोई सुनवाई न हो, तो थाली बजाना ही बचता है।”
कई सीनियर सिटीज़न भी प्रदर्शन में शामिल हुए, जो अपने जीवन की बचत लगाकर फ्लैट खरीद चुके हैं और अब अधिकारविहीन जीवन जीने को मजबूर हैं।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
बायर्स ने जिला प्रशासन से अपील की है कि वह मामले को गंभीरता से ले और महागुन बिल्डर के खिलाफ सख्त कदम उठाए। कई बायर्स ने बताया कि वे आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री कार्यालय तक अपनी बात पहुंचाने के लिए ज्ञापन देंगे, और जरूरत पड़ी तो ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी पर भी धरना देंगे।
बिल्डर प्रबंधन की चुप्पी
रफ़्तार टुडे संवाददाता ने जब इस पर महागुन ग्रुप के किसी प्रतिनिधि से बात करने की कोशिश की, तो कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया।
प्रबंधन की ओर से अब तक केवल इतना ही कहा गया है कि “हम रजिस्ट्री प्रक्रिया पर काम कर रहे हैं और जल्द ही समाधान निकल जाएगा।”
हालांकि बायर्स का कहना है कि यह “जल्द” तीन साल से सुनते आ रहे हैं।
थाली की गूंज रुकेगी नहीं, जब तक न्याय नहीं मिलेगा
बायर्स ने ऐलान किया है कि अगर अब भी उनकी सुनवाई नहीं हुई, तो वे हर सप्ताह अलग-अलग तरीकों से विरोध प्रदर्शन करेंगे।
कुछ ने ‘ब्लैक बैज मार्च’ और ‘नो टैक्स डे’ जैसे विचार भी साझा किए।
थाली बजाते हुए प्रदर्शन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल
इस विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रही हैं। #ThaliBajaoBuilderJagao, #RegistryDoBuilder, #MahagunProtest, #HomebuyersJustice, #NoRegistryNoPeace, #RERAWhereAreYou, #GreaterNoidaNews जैसे हैशटैग ट्विटर और इंस्टाग्राम पर ट्रेंड कर रहे हैं।
📌 रफ़्तार टुडे की अंतिम टिप्पणी
महागुन मंत्रा-2 की यह घटना न केवल एक प्रोजेक्ट की कहानी है, बल्कि देशभर में रियल एस्टेट सेक्टर में फंसे लाखों खरीदारों की पीड़ा की झलक है।
जब ‘अपने घर’ में रहने के बावजूद स्वामित्व अधिकार न मिले, तो हर खरीदार का भरोसा टूटता है।
प्रशासन और नीतिनिर्माताओं को यह समझना होगा कि घर की रजिस्ट्री कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि सम्मान और अधिकार का प्रमाण है।
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