Breaking News : ग्रेटर नोएडा को मिलेगी नई रफ्तार, 15 अक्टूबर से खुलेगा ईस्टर्न पेरिफेरल–यमुना एक्सप्रेसवे इंटरचेंज, नोएडा एयरपोर्ट तक सफर होगा और आसान, जगनपुर अफजलपुर के पास बन रहा है आधुनिक इंटरचेंज, नोएडा एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी होगी और मजबूत, एनसीआर में ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, यीडा सेक्टरों को भी मिलेगा सीधा लाभ

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की कनेक्टिविटी को नई गति देने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना जल्द ही लोगों को समर्पित होने जा रही है। ग्रेटर नोएडा में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित इंटरचेंज आगामी 30 सितंबर तक पूरी तरह तैयार हो जाएगा, जबकि 15 अक्टूबर से इसे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। इस इंटरचेंज के शुरू होने से हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच सफर पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान, तेज और सुगम हो जाएगा।
यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय यातायात व्यवस्था को नया आयाम देगी, बल्कि औद्योगिक, व्यावसायिक और लॉजिस्टिक गतिविधियों को भी गति प्रदान करेगी। इंटरचेंज के चालू होने से हजारों वाहन प्रतिदिन बिना शहर के भीतर प्रवेश किए सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे, जिससे ट्रैफिक दबाव में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
जगनपुर अफजलपुर के पास बन रहा है आधुनिक इंटरचेंज
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला यह इंटरचेंज जगनपुर अफजलपुर के निकट विकसित किया जा रहा है। निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है और निर्धारित समय सीमा के भीतर इसे पूरा करने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। हाल ही में एनएचएआई के चेयरमैन संतोष यादव ने परियोजना स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी हो तथा गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।
नोएडा एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी होगी और मजबूत
इस इंटरचेंज का सबसे बड़ा लाभ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) तक पहुंचने वाले यात्रियों को मिलेगा। हरियाणा, गाजियाबाद, बागपत, सोनीपत, पलवल, फरीदाबाद सहित कई जिलों से आने वाले लोगों को अब लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। नई कनेक्टिविटी से एयरपोर्ट तक पहुंचने का समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी और माल परिवहन भी अधिक तेज एवं सुगम बन सकेगा। इससे भविष्य में विकसित होने वाले औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक पार्क और निवेश परियोजनाओं को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
एनसीआर में ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
इंटरचेंज के शुरू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव कम होने की संभावना है। वर्तमान में कई वाहन नोएडा और ग्रेटर नोएडा के अंदरूनी मार्गों से होकर गुजरते हैं, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद लंबी दूरी के वाहन सीधे एक्सप्रेसवे नेटवर्क का उपयोग करेंगे, जिससे शहर के भीतर यातायात अधिक व्यवस्थित होगा और स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी।
उच्च गुणवत्ता और हरियाली पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान एनएचएआई चेयरमैन संतोष यादव ने निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए कि परियोजना केवल समय पर पूरी ही न हो, बल्कि उच्च इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप भी तैयार की जाए। उन्होंने इंटरचेंज के आसपास लैंडस्केपिंग, पौधारोपण और हरियाली विकसित करने के निर्देश दिए ताकि यहां से गुजरने वाले यात्रियों को आधुनिक और आकर्षक इंफ्रास्ट्रक्चर का अनुभव मिल सके। साथ ही उन्होंने सड़क सुरक्षा, ड्रेनेज व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सभी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।
चार प्रवेश, चार निकासी मार्ग और 13 किलोमीटर से अधिक रैंप नेटवर्क
यह इंटरचेंज लगभग 83 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकसित किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत—
4 प्रवेश (Entry) मार्ग
4 निकासी (Exit) मार्ग
4 बड़े लूप
8 आधुनिक रैंप
कुल 13.308 किलोमीटर लंबा रैंप नेटवर्क
8 अंडरपास का निर्माण किया जा रहा है, जिससे विभिन्न दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों को निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलेगी।
यीडा सेक्टरों को भी मिलेगा सीधा लाभ
इस परियोजना को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 60 मीटर चौड़ी सड़क से भी जोड़ा जा रहा है। इससे यीडा के विकसित हो रहे सेक्टरों, औद्योगिक क्षेत्रों, आवासीय योजनाओं और भविष्य की स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी। निरीक्षण के दौरान यीडा के एसीईओ मनीष मीणा, ओएसडी शैलेंद्र सिंह सहित एनएचएआई एवं यीडा के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई गति
विशेषज्ञों का मानना है कि यह इंटरचेंज केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बनने जा रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योगों, निवेश, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन के बाद यह इंटरचेंज पूरे क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।



