Sparsh Global School News : ‘जश्न-ए-काफ़िला 2.0’ में बहा कला-सुरों और संस्कृति का समंदर, स्पर्श ग्लोबल विद्यालय का धमाकेदार वार्षिकोत्सव ग्रेटर नोएडा में छाया, मनोरंजक स्टॉल और स्वादिष्ट व्यंजनों ने बढ़ाई महफ़िल की रौनक, मोनालिशा बैंड, अनिल वेंट्रिलोक्विस्ट और मंजोत सिंह, कवि बादल सिंह का मंच पर कला का तिलिस्म

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। अगर आपने कभी ऐसा आयोजन देखा हो जहाँ संगीत की लहरें दिल में उतर जाएँ, नृत्य की ताल पैरों को थिरकने पर मजबूर कर दे, और साहित्य की मिठास सुनने वालों के दिलों को खुशी से भर दे—तो यकीन मानिए, स्पर्श ग्लोबल विद्यालय का ‘जश्न-ए-काफ़िला 2.0’ बिल्कुल वैसा ही एक जादुई अनुभव था। 15 नवंबर को आयोजित यह वार्षिकोत्सव पूरी तरह कला और संस्कृति के रंगों में रंगा नजर आया।
यह कार्यक्रम न सिर्फ मनोरंजन का उत्सव था, बल्कि यह विद्यालय की रचनात्मकता, अनुशासन और सांस्कृतिक मूल्य शिक्षा का एक भव्य प्रतिरूप भी बना। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई और पूरा परिसर मानो उत्साह, उमंग और सकारात्मक ऊर्जा से झिलमिला उठा।
दीप प्रज्वलन—संस्कृति, ऊर्जा और सकारात्मकता का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिष्ठित प्रबंधन समिति के सदस्यों द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई।
दीप की लौ ने मानो पूरे सभागार को आशा, ऊर्जा और नवसृजन के प्रकाश से भर दिया।
वातावरण में गूंजते मंत्रोच्चार ने इस कार्यक्रम को आध्यात्मिक गरिमा के रंगों से रंग दिया—और इसी क्षण यह स्पष्ट हो गया कि ‘जश्न-ए-काफ़िला 2.0’ केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि संस्कृति और मूल्यों की यात्रा भी है।
मुख्य अतिथि डॉ. शिशिर अग्रवाल ने भरी ऊर्जा—ज्ञान और अनुशासन बने जीवन मंत्र
इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं वित्त विशेषज्ञ डॉ. शिशिर अग्रवाल।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि—
“सफलता का रास्ता ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और दृढ़ संकल्प से ही होकर गुजरता है।”
उनके संबोधन ने न सिर्फ बच्चों बल्कि अभिभावकों को भी प्रेरित किया। उनका व्यक्तित्व और मार्गदर्शन समारोह की गरिमा को और ऊँचाइयों पर ले गया।
सुमिता दत्ता की सुरमई शाम—ग़ज़लों और सूफ़ियाना प्रस्तुति ने बांधा जादू
कार्यक्रम की सबसे चमकदार पहचान रहीं मशहूर गायिका सुमिता दत्ता, जिनकी मधुर आवाज़ ने सभागार में बैठे दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
- उनकी ग़ज़लें…
- उनके सूफ़ियाना कलाम…
- और अर्धशास्त्रीय रचनाएँ…
इन सबने मिलकर कार्यक्रम को एक यादगार संगीत संध्या में बदल दिया। 35 वर्षों से संगीत साधना कर रही इस प्रतिष्ठित कलाकार को ऑल इंडिया रेडियो, दूरदर्शन और राष्ट्रीय एकता पुरस्कार सहित कई सम्मान प्राप्त हैं। उनकी प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।

मोनालिशा बैंड, अनिल वेंट्रिलोक्विस्ट और मंजोत सिंह—, बादल सिंह का मंच पर कला का तिलिस्म
‘जश्न-ए-काफ़िला 2.0’ में एक से बढ़कर एक कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का जादू बिखेरा।
मोनालिशा म्यूज़िक बैंड
ऊर्जावान और धड़कनें बढ़ा देने वाली प्रस्तुति से माहौल को लाइव कॉन्सर्ट का एहसास करवा दिया।
अनिल सिंह (वेंट्रिलोक्विस्ट)
पपेट और आवाज़ के जादू से बच्चों-बड़ों के चेहरों पर हँसी बिखेर दी। उनकी प्रस्तुति ने सभागार को ठहाकों और तालियों से गूंजा दिया।
तबला वादक मंजोत सिंह
शास्त्रीय संगीत का भार और सौंदर्य मंच पर बिखेरते हुए उन्होंने तबले की थापों से हर किसी को झूमने पर मजबूर कर दिया।
कवि बदल शर्मा
अपने प्रभावशाली काव्य पाठ से हॉल में बैठे दर्शकों का दिल जीत लिया। उनकी कविताओं में हास्य, भावनाएँ और जीवन की गहराई का सुंदर मिश्रण देखने को मिला।
विद्यार्थियों की दमदार प्रस्तुति—‘अंतरदर्शन: एक अनंत खोज’ ने छू लिया दिल
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के बच्चों द्वारा प्रस्तुत भव्य नृत्य–नाट्य मंचन से हुई।
‘अंतरदर्शन : एक अनंत खोज — परमशक्ति से मिलने का रहस्य’ शीर्षक से प्रस्तुत यह नाटक गहरे आध्यात्मिक भावों का प्रतीक बना।
इसमें—
- अभिनय,
- भाव-प्रदर्शन,
- मंच सज्जा,
- संवाद अदायगी,
- प्रकाश व्यवस्था
हर पहलू ने यह साबित किया कि स्पर्श ग्लोबल विद्यालय केवल अकादमिक क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि कला और रचनात्मक अभिव्यक्ति में भी उत्कृष्ट है।
दर्शकों ने बच्चों की मेहनत और प्रस्तुति की जमकर तारीफ की।

खेल विभाग की ऊर्जा से भरी प्रस्तुति—अनुशासन और तालमेल का अद्भुत उदाहरण
कार्यक्रम में खेल विभाग द्वारा प्रस्तुत स्पोर्ट्स ड्रिल ने सभी का ध्यान खींचा। विद्यार्थियों की सटीक चाल, तालमेल और उत्साह यह दर्शाता था कि विद्यालय सिर्फ कक्षा में ही नहीं, मैदान पर भी उत्कृष्टता का पर्याय है।
मनोरंजक स्टॉल और स्वादिष्ट व्यंजनों ने बढ़ाई महफ़िल की रौनक
कार्यक्रम स्थल पर लगे—
- रोमांचक खेल स्टॉल,
- कला-हस्तकला प्रदर्शनी,
- और स्वादिष्ट व्यंजनों के फूड स्टॉल
ने पूरे आयोजन में मेले जैसा उत्सवमय माहौल बना दिया।
अभिभावक और विद्यार्थी दोनों इस महोत्सव का हिस्सा बनकर बेहद खुश नजर आए।
स्पर्श ग्लोबल विद्यालय—जहाँ शिक्षा के साथ खिलता है कला का फूल
‘जश्न-ए-काफ़िला 2.0’ ने स्पष्ट कर दिया कि स्पर्श ग्लोबल विद्यालय केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक केंद्र, रचनात्मक मंच और व्यक्तित्व निर्माण का अद्भुत स्थान है।
यह आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सांस्कृतिक मूल्यों के विकास की दिशा में एक और मजबूत कदम साबित हुआ।
विद्यालय प्रबंधन ने सभी सहयोगियों, अतिथियों, कलाकारों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रेरक और भव्य आयोजनों को जारी रखने का संकल्प लिया।

विद्यार्थियों की प्रस्तुति—‘अंतरदर्शन : एक अनंत खोज’ ने दी आध्यात्मिक अनुभूति
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यार्थियों की भव्य नृत्य–नाट्य प्रस्तुति ‘अंतरदर्शन : एक अनंत खोज’ से हुआ।
इस प्रस्तुति में बच्चों ने आत्मचिंतन, परमशक्ति से मिलने की यात्रा, अध्यात्म की खोज और मानवीय भावनाओं की गहराई को सुंदरता से मंच पर उतारा।
नाटक की विशेषताएँ गहन अभिनय
भाव-प्रदर्शन
संवाद-अदायगी
भव्य मंच सज्जा
सटीक प्रकाश व्यवस्था इन सबके कारण नाटक एक जीवंत दृश्य–कला बन गया, जिसे अभिभावकों ने विशेष सराहना दी।
स्पर्श ग्लोबल विद्यालय—कला, संस्कृति, शिक्षा और मूल्यों का अद्भुत संगम
“जश्न-ए-काफ़िला 2.0” ने यह साबित कर दिया कि स्पर्श ग्लोबल विद्यालय सिर्फ किताबों की शिक्षा नहीं देता, यह विद्यालय संस्कार, संस्कृति, कला, विज्ञान, साहित्य और सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास का अद्भुत मंच है।
विद्यालय प्रबंधन ने सभी कलाकारों, अभिभावकों, छात्रों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी इसी तरह के सृजनात्मक और प्रेरणादायी कार्यक्रमों की परंपरा जारी रखने का संकल्प दोहराया।



