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Yamuna Authority News : यमुना प्राधिकरण की 86वीं बोर्ड बैठक स्मार्ट विलेज से लेकर लॉजिस्टिक हब तक, जेवर एयरपोर्ट के गांव होंगे आदर्श, विकास की गाथा गढ़ेगा 350 करोड़ का मेगा प्लान, स्टॉल्ड रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स पर सख्ती, किसानों को राहत, मुआवजे में 64.7% भुगतान पूरा

जेवर/ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 86वीं बोर्ड बैठक शनिवार को प्राधिकरण सभागार में बड़े ही गंभीर और ऐतिहासिक फैसलों के साथ सम्पन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता आलोक कुमार (अपर मुख्य सचिव, औद्योगिक विकास विभाग एवं यीडा बोर्ड अध्यक्ष) ने की। बैठक में मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह (IAS) ने विभिन्न विभागीय एजेंडा बिंदु प्रस्तुत किए।29 ग्रामों के पात्र किसानों को 6260 आरक्षण पत्र दिए जा चुके हैं। इनमें से 4171 भूखंडों का आवंटन भी हो चुका है

बैठक के निर्णयों ने साफ कर दिया कि आने वाले वर्षों में यमुना प्राधिकरण क्षेत्र केवल एक हवाई अड्डा (Jewar Airport) का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि स्मार्ट विलेज, लॉजिस्टिक हब, ग्रीन ऑफिस और औद्योगिक क्लस्टर जैसी परियोजनाओं का मॉडल बनेगा।

राजस्व और व्यय का लेखा-जोखा: 2000 करोड़ से ज्यादा भुगतान

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 31 अगस्त तक यमुना प्राधिकरण को ₹1314.10 करोड़ की प्राप्तियां हुईं, जबकि ₹2063.41 करोड़ का भुगतान किया गया। यह दिखाता है कि प्राधिकरण बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश कर रहा है।

किसानों को राहत, मुआवजे में 64.7% भुगतान पूरा

भूमि अधिग्रहण प्रभावित किसानों को अब तक ₹2835.03 करोड़ का 64.7% अतिरिक्त प्रतिकर (नो-लिटिगेशन इंसेंटिव) दिया जा चुका है। यह किसानों के विश्वास और सहमति से विकास के मॉडल की ओर एक मजबूत कदम है।

7% आबादी भूखंड योजना – किसानों को भी मिलेगा हक

अब तक 29 ग्रामों के पात्र किसानों को 6260 आरक्षण पत्र दिए जा चुके हैं। इनमें से 4171 भूखंडों का आवंटन भी हो चुका है। इससे साबित होता है कि विकास केवल उद्योगों का नहीं, बल्कि किसानों और ग्रामीणों का भी है।

स्मार्ट विलेज योजना: 29 गांवों को बदलेगा YEIDA

यमुना प्राधिकरण ने मास्टर प्लान 2041 के तहत 29 गांवों को स्मार्ट विलेज बनाने का बीड़ा उठाया है।

9 गांवों में काम पूरा हो चुका है।

10 में कार्य प्रगति पर है।

10 गांवों में परियोजनाएं प्रस्तावित हैं।

दिसंबर 2026 तक ₹125 करोड़ की लागत से यह काम पूरा किया जाएगा। जेवर एयरपोर्ट के आसपास के ये गांव उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास का आदर्श उदाहरण बनेंगे।

गौशाला सुविधा: धीरऊ में 2.2 किमी सड़क

आगरा के धीरऊ गांव स्थित गौशाला तक जाने के लिए 2.2 किमी लंबा पहुंच मार्ग बनाया जाएगा। इस पर ₹2.15 करोड़ की लागत आएगी। इससे पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

ग्रीन और भूकंपरोधी YEIDA ऑफिस बिल्डिंग

प्राधिकरण ने सेक्टर-18 में 27,800 वर्गमीटर क्षेत्र में थीम आधारित ग्रीन बिल्डिंग और भूकंपरोधी कार्यालय भवन बनाने की डिज़ाइन को मंजूरी दी है। यह भवन पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक होगा।

लॉजिस्टिक और वेयरहाउसिंग हब

जेवर एयरपोर्ट के पास सेक्टर-8F में एक विशाल लॉजिस्टिक हब विकसित होगा। इसके लिए जल्द ही विशेषज्ञ परामर्शदाता संस्था अध्ययन करेगी। इससे ट्रेड, सप्लाई चेन और निर्यात में तेजी आएगी।

भवन सुरक्षा नीति लागू – IIT/NIT करेंगे ऑडिट

प्राधिकरण ने ग्रुप हाउसिंग और व्यावसायिक भवनों के लिए स्ट्रक्चरल ऑडिट पॉलिसी लागू करने का निर्णय लिया है। अब IIT/NIT जैसे संस्थानों के विशेषज्ञ भवनों की सुरक्षा की जांच करेंगे।

हाथरस और आगरा में शहरी केंद्र

हाथरस के फेज-2 क्षेत्र में अर्बन सेंटर विकसित किया जाएगा। आगरा में मास्टर प्लान 2041 के तहत 14,480 हेक्टेयर भूमि पर 16.5 लाख जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए विकास होगा।
इसमें सोलर पार्क, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब, जल संरक्षण और सामाजिक ढांचे का निर्माण होगा।

औद्योगिक क्लस्टर्स की प्रगति

एपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर (NEC): 81 भूखंड आवंटित, 61 लीज डीड निष्पादित, 7 ने निर्माण कार्य शुरू किया।

मेडिकल डिवाइस पार्क: 89 भूखंड आवंटित, 8 ने निर्माण कार्य शुरू किया।

स्टॉल्ड रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स पर सख्ती

प्राधिकरण ने 11 बिल्डरों के बकाए की गणना की और 25% नेट ड्यूज की वसूली की है। इससे हजारों फंसे हुए खरीदारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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यमुना प्राधिकरण की 86वीं बोर्ड बैठक स्मार्ट विलेज से लेकर लॉजिस्टिक हब तक, जेवर एयरपोर्ट के गांव होंगे आदर्श

जेवर एयरपोर्ट के आसपास गांव बनेंगे आदर्श गांव

यमुना प्राधिकरण के CEO राकेश कुमार सिंह, जो मूल रूप से ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं, ने कहा कि –
“गांवों की बदौलत ही जेवर एयरपोर्ट और यमुना सिटी बस रही है। इसलिए प्राधिकरण ने गांवों को आदर्श गांव बनाने का बीड़ा उठाया है।”

29 गांवों का चयन किया गया है।

9 गांवों में DPR के मुताबिक काम पूरा हो चुका है।

11 गांवों में टेंडर प्रक्रिया चल रही है।

दिसंबर 2026 तक सभी गांव आदर्श गांव बन जाएंगे।

गुणवत्ता पर सख्ती – लापरवाह ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट

CEO ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी गांव में विकास कार्यों की गुणवत्ता में कमी पाई गई, तो ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा और भुगतान रोक दिया जाएगा।

350 करोड़ का खर्च और विकास का ऑडिट

कुल 29 गांवों के विकास पर लगभग ₹350 करोड़ खर्च किए जाएंगे। अब तक जिन 9 गांवों में काम हुआ है, उसका ऑडिट कराया जाएगा। गांववार विवरण तैयार होगा और गुणवत्ता की जांच के बाद ही आगे भुगतान होगा।

YEIDA बोर्ड बैठक बनी विकास का रोडमैप

यमुना प्राधिकरण की 86वीं बोर्ड बैठक ने यह साफ कर दिया कि आने वाला समय किसानों, गांवों, उद्योगों और आम नागरिकों के लिए बड़ा बदलाव लेकर आने वाला है। जेवर एयरपोर्ट केवल उड़ानों का हब नहीं होगा, बल्कि इसके आसपास के गांव आदर्श विकास की मिसाल पेश करेंगे।

29 ग्रामों के पात्र किसानों को 6260 आरक्षण पत्र दिए जा चुके हैं। इनमें से 4171 भूखंडों का आवंटन भी हो चुका है

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