Vijay Mahotsav Ramlila News : अहिल्या उद्धार से लेकर जनकपुरी तक, ग्रेटर नोएडा में रामलीला मंचन का दिव्य उत्सव, तीसरे दिन भावनाओं का उमड़ा सैलाब, जनकपुरी में हुआ स्वागत और पहली झलक माता सीता की, 50 फीट धनुष का चमत्कार बनेगा आकर्षण का केंद्र

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। श्री रामलीला कमेटी ग्रेटर नोएडा द्वारा आयोजित विजय महोत्सव का रंगारंग मंचन अपने तीसरे दिन दिव्य लीलाओं के साथ आगे बढ़ा। ग्रेटर नोएडा साइट-4 स्थित मंच पर गणेश वंदना के साथ लीला का शुभारंभ हुआ, जहां श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं का अनोखा संगम देखने को मिला। मंचन का उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ADM LA श्री बच्चू सिंह जी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की मुख्य अतिथि श्री बच्चू सिंह ने भव्य आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि, “रामचरित्र भारतीय संस्कृति का मूल है, और आज की पीढ़ी को रामलीला जैसे आयोजनों के माध्यम से इन आदर्शों को आत्मसात करना चाहिए।”
ग्रेटर नोएडा की इस रामलीला में जिस प्रकार पौराणिक प्रसंगों का सजीव मंचन हो रहा है, वह न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा भी है। कल का भव्य धनुष यज्ञ और सीता स्वयंवर निश्चित ही नगरवासियों के लिए अविस्मरणीय अनुभव होगा।
अहिल्या उद्धार की अद्भुत झलक
महासचिव विजेंद्र सिंह आर्य ने बताया कि तीसरे दिन की लीला में भगवान श्रीराम और लक्ष्मण गुरु विश्वामित्र के साथ आश्रम में आश्रमवासियों की पीड़ा सुनते हैं। इसी समय मिथिला से राजा जनक का दूत निमंत्रण लेकर आता है। जनकपुरी के लिए प्रस्थान करते समय मार्ग में श्रीराम द्वारा गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या का उद्धार का अद्भुत दृश्य मंचित किया गया। शिला बन चुकी अहिल्या का उद्धार श्रीराम के चरण स्पर्श से होता है और मंचन देख रहे दर्शक भाव-विभोर हो उठते हैं। पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा।
जनकपुरी में हुआ स्वागत और पहली झलक माता सीता की
कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग ने बताया कि विश्वामित्र संग जनकपुरी पहुंचे दोनों भाइयों का स्वागत राजा जनक ने बड़े हर्षोल्लास से किया। जनकपुरी के भव्य बाजार में भ्रमण करते समय दर्शकों को मिथिला नगरी की समृद्ध संस्कृति की झलक दिखाई गई।
इसके बाद संध्या पूजन के लिए पुष्प लेने वाटिका पहुंचे श्रीराम और लक्ष्मण की पहली बार माता सीता से भेंट होती है। माता सीता सखियों के साथ गौरी पूजन हेतु आई थीं। यह दिव्य मिलन का दृश्य दर्शकों के लिए बेहद हृदयस्पर्शी और रोमांचक क्षण लेकर आया।
आगामी दिन का आकर्षण: धनुष यज्ञ और सीता स्वयंवर
संयुक्त महासचिव सौरभ बंसल ने जानकारी दी कि आगामी 27 सितम्बर को विशेष मंचन होगा, जिसमें धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर, लक्ष्मण-परशुराम संवाद, जनकपुरी में बारात का स्वागत, चारों भाइयों का विवाह और विदाई समारोह जैसी भव्य लीलाएं प्रस्तुत की जाएंगी।
50 फीट धनुष का चमत्कार बनेगा आकर्षण का केंद्र
मीडिया प्रभारी विनोद कसाना ने बताया कि कल की लीला का सबसे बड़ा आकर्षण 50 फीट लंबे धनुष का होगा, जिसे 55 फीट ऊँचाई पर खण्डित किया जाएगा। यह अद्भुत दृश्य नगरवासियों के लिए यादगार होगा। उन्होंने नगरवासियों से परिवार सहित कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।
अध्यक्ष और गणमान्य लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम की अध्यक्षता सरदार मनजीत सिंह ने की। इस अवसर पर धर्मपाल प्रधान, बिजेंद्र सिंह आर्य, मनोज गर्ग, सौरभ बंसल, विनोद कसाना, ओमप्रकाश अग्रवाल, कुलदीप शर्मा, मुकेश शर्मा, हरेंद्र भाटी, के.के. शर्मा, कमल सिंह आर्य, मुकुल गोयल, अमित गोयल, अतुल जिंदल, गिरीश जिंदल, सुनील प्रधान, श्यामवीर भाटी, श्रीचंद भाटी, गजेन्द्र चौधरी, मनोज यादव, सुभाष चंदेल, अनुज भारतद्वाज, अरुण गुप्ता, अरुण जैन, मोनू अग्रवाल, विकास, रिंकू, दीपक, टी.पी. सिंह समेत अनेक सदस्य और श्रद्धालु मौजूद रहे।
रामलीला: सिर्फ मंचन नहीं, संस्कृति का संरक्षण
इस अवसर पर कमेटी पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि रामलीला केवल धार्मिक मंचन ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आदर्शों और मूल्यों के संरक्षण का माध्यम है। अहिल्या उद्धार से लेकर सीता-राम मिलन तक हर दृश्य ने नगरवासियों को भावविभोर किया।ग्रेटर नोएडा की इस रामलीला में जिस प्रकार पौराणिक प्रसंगों का सजीव मंचन हो रहा है, वह न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा भी है।



