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Breaking News : युद्ध की आग का असर अब आपकी जेब पर! पहले दूध अब पेट्रोल-डीजल के दामों में बड़ा धमाका, CNG भी महंगी, सुबह उठते ही जनता को लगा महंगाई का झटका“कार चलाना अब और महंगा”, 2022 के बाद पहली बार ईंधन कीमतों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी, दिल्ली-एनसीआर में हाहाकार

नई दिल्ली, रफ़्तार टूडे। देशभर के करोड़ों वाहन चालकों और आम जनता को शुक्रवार सुबह एक बड़ा आर्थिक झटका लगा, जब पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में अचानक भारी बढ़ोतरी लागू कर दी गई। शुक्रवार सुबह 6 बजे से नई दरें प्रभावी हो गईं, जिसके बाद लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है। सबसे ज्यादा चिंता उन लोगों में देखी जा रही है जो रोजाना निजी वाहन या कमर्शियल वाहनों से लंबी दूरी तय करते हैं।
पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते युद्ध तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर अब भारत के उपभोक्ताओं पर साफ दिखाई देने लगा है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमत में 3.14 रुपये प्रति लीटर, डीजल में 3.11 रुपये प्रति लीटर और CNG में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी है। यह वर्ष 2022 के बाद पहली बार है जब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इतना बड़ा इजाफा देखने को मिला है।

सुबह-सुबह जनता को लगा “महंगाई करंट”
शुक्रवार की सुबह जब लोग पेट्रोल पंपों पर पहुंचे तो बदली हुई कीमतों ने सभी को चौंका दिया। दिल्ली में अब नियमित पेट्रोल की कीमत बढ़कर करीब 97.91 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल 90.78 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है। प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें भी 105 से 107 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई हैं।
ईंधन की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है, क्योंकि पेट्रोल-डीजल महंगा होने का असर केवल वाहन चलाने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवहन लागत बढ़ने से सब्जियां, दूध, राशन, ऑनलाइन डिलीवरी, टैक्सी किराया और अन्य आवश्यक वस्तुएं भी महंगी होने लगती हैं।

पश्चिम एशिया के युद्ध का असर भारत तक
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार को बुरी तरह प्रभावित किया है। कच्चे तेल की आपूर्ति में बाधा और वैश्विक अनिश्चितता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार उछाल देखा जा रहा है।
इसके साथ ही भारतीय रुपये की डॉलर के मुकाबले कमजोरी ने भी तेल आयात को महंगा बना दिया है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाला हर उतार-चढ़ाव सीधे घरेलू बाजार को प्रभावित करता है।

पेट्रोल पंप संचालकों को रात में मिला ईमेल
दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष निश्चल सिंघानिया ने बताया कि तेल कंपनियों की ओर से पेट्रोल पंप संचालकों को देर रात ईमेल भेजकर नई कीमतों की जानकारी दी गई थी। इसके अनुसार शुक्रवार सुबह 6 बजे से नई दरें लागू कर दी गईं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बढ़ती कीमतें और रुपये की गिरती स्थिति के कारण तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा था, जिसके चलते यह मूल्यवृद्धि आवश्यक बताई गई।

दिल्ली-एनसीआर में सबसे ज्यादा असर
दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों में लाखों लोग रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। ऐसे में ईंधन की कीमत बढ़ने से सबसे अधिक असर मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ेगा।
ऑफिस आने-जाने वाले कर्मचारियों, कैब ड्राइवरों, ऑटो चालकों और डिलीवरी बॉयज की लागत सीधे बढ़ जाएगी। छोटे व्यापारियों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए भी यह बढ़ोतरी चुनौती बन सकती है।

CNG महंगी होने से ऑटो-टैक्सी किराया बढ़ने के संकेत
पेट्रोल और डीजल के साथ-साथ CNG की कीमतों में भी 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली-एनसीआर में बड़ी संख्या में ऑटो, टैक्सी और कमर्शियल वाहन CNG पर चलते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में किराए बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
ट्रांसपोर्ट यूनियनों का कहना है कि लगातार बढ़ती लागत के कारण किराया संशोधन की मांग उठ सकती है। यदि ऐसा हुआ तो इसका सीधा असर आम यात्रियों की जेब पर पड़ेगा।

महंगाई की नई लहर का डर
आर्थिक जानकारों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में महंगाई और तेज हो सकती है। ईंधन महंगा होने का असर हर सेक्टर पर पड़ता है, क्योंकि परिवहन लागत बढ़ने से वस्तुओं की कीमतें स्वतः बढ़ने लगती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार सरकार आने वाले समय में टैक्स में राहत या अन्य विकल्पों पर विचार कर सकती है, लेकिन फिलहाल आम जनता को बढ़ी हुई कीमतों का बोझ उठाना पड़ेगा।

लोगों में नाराजगी, सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़
नई कीमतें लागू होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई लोगों ने इसे “महंगाई का नया झटका” बताया, जबकि कुछ लोगों ने रोजमर्रा के खर्चों को लेकर चिंता जताई। खासकर नौकरीपेशा और मध्यम वर्गीय परिवारों में इस बढ़ोतरी को लेकर निराशा देखी जा रही है।

नई कीमतें एक नजर में
नियमित पेट्रोल: ₹94.77 से बढ़कर ₹97.91 प्रति लीटर
प्रमियम पेट्रोल: ₹102-104 से बढ़कर ₹105.14-107.14 प्रति लीटर
नियमित डीजल: ₹87.67 से बढ़कर ₹90.78 प्रति लीटर
CNG: ₹2 प्रति किलो महंगी

आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं कीमतें?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं हुआ और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती रहीं, तो आगे भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल जनता को उम्मीद है कि सरकार जल्द राहत देने के लिए कोई बड़ा कदम उठा सकती है।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
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