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Bjp Organasation News : “मर्यादा भूली सियासत पर भाजपाइयों का हल्ला बोल!”, सूरजपुर कलेक्ट्रेट पर गूंजे नारे, सपा नेताओं के बयान पर गौतमबुद्धनगर में उबाल, मातृशक्ति से युवाओं तक सड़क पर उतरा विरोध, “अमर्यादित भाषा लोकतंत्र को कमजोर करती है”, ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी को लेकर भी नाराजगी

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। गौतमबुद्धनगर की राजनीति में बुधवार को उस समय माहौल गर्म हो गया, जब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी के नेताओं के कथित विवादित और अमर्यादित बयानों के विरोध में जिला मुख्यालय सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने सपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं और सामाजिक सौहार्द पर हमला बताया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा, वरिष्ठ नागरिक और पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए, जिससे पूरा जिला मुख्यालय राजनीतिक नारों और विरोध के स्वर से गूंज उठा।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि समाजवादी पार्टी के एक सांसद द्वारा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, वहीं सपा के एक जिला अध्यक्ष द्वारा ब्राह्मण समाज को लेकर की गई टिप्पणी ने सामाजिक समरसता को आहत किया है। इसी मुद्दे को लेकर भाजपा ने मोर्चा खोलते हुए इसे केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि भारतीय लोकतांत्रिक संस्कृति और सामाजिक सम्मान पर सीधा हमला करार दिया।

“विचारों की लड़ाई ठीक, लेकिन अपमान की राजनीति नहीं” — भाजपा
प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विचारधाराओं का संघर्ष स्वाभाविक है, लेकिन व्यक्तिगत मर्यादा और सामाजिक सम्मान को ठेस पहुंचाना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना है, लेकिन अब कुछ दल राजनीतिक हताशा में व्यक्तिगत टिप्पणियों और समाज को बांटने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
अभिषेक शर्मा ने कहा “राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन देश के प्रधानमंत्री और किसी समाज विशेष के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। भाजपा इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करती रहेगी।”

सूरजपुर कलेक्ट्रेट बना राजनीतिक रणक्षेत्र
सुबह से ही भाजपा कार्यकर्ताओं का जिला मुख्यालय की ओर पहुंचना शुरू हो गया था। देखते ही देखते सूरजपुर कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे और तख्तियां लेकर सपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन की खास बात यह रही कि इसमें केवल पार्टी पदाधिकारी ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा कार्यकर्ता, बुजुर्ग और विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोग भी शामिल हुए। भाजपा नेताओं का कहना था कि यह विरोध किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादा और सामाजिक सम्मान की रक्षा के लिए किया गया है।

“अमर्यादित भाषा लोकतंत्र को कमजोर करती है”
भाजपा नेताओं ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना हर जनप्रतिनिधि का दायित्व है। यदि राजनीतिक दलों के नेता ही संयमित भाषा का प्रयोग नहीं करेंगे तो समाज में गलत संदेश जाएगा।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं द्वारा लगातार ऐसी बयानबाजी की जा रही है, जो समाज में कटुता और विभाजन पैदा करने का प्रयास है। भाजपा ने इसे “राजनीतिक संस्कारों का पतन” बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति हमेशा सम्मान, संवाद और सभ्यता की पक्षधर रही है।

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सूरजपुर कलेक्ट्रेट पर गूंजे नारे, सपा नेताओं के बयान पर गौतमबुद्धनगर में उबाल


ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी को लेकर भी नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने विशेष रूप से उस बयान का भी विरोध किया, जिसमें कथित तौर पर ब्राह्मण समाज के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की गई थी। नेताओं का कहना था कि किसी भी समाज के सम्मान के साथ खिलवाड़ करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा पदाधिकारियों ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा सामाजिक समरसता और सभी वर्गों के सम्मान की पक्षधर रही है। पार्टी किसी भी ऐसे बयान को बर्दाश्त नहीं करेगी, जो समाज को बांटने या किसी समुदाय का अपमान करने की कोशिश करे।

लोकतांत्रिक विरोध के जरिए दिया संदेश
भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि पार्टी ने अपना विरोध पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए ऐसे बयानों पर सार्वजनिक माफी और भविष्य में मर्यादित भाषा के इस्तेमाल की मांग की। प्रदर्शन में मौजूद कार्यकर्ताओं का कहना था कि लोकतंत्र में विरोध जरूरी है, लेकिन विरोध की भाषा भी लोकतांत्रिक होनी चाहिए। यदि राजनीति व्यक्तिगत हमलों और अपमान तक पहुंच जाएगी, तो इससे जनता का भरोसा कमजोर होगा।

जिले की राजनीति में फिर बढ़ी बयानबाजी की गर्मी
गौतमबुद्धनगर में हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी को लेकर माहौल गरमा दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है। भाजपा जहां इसे लोकतांत्रिक मर्यादा और सामाजिक सम्मान का विषय बता रही है, वहीं राजनीतिक गलियारों में इस विरोध को आगामी राजनीतिक रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल, सूरजपुर में भाजपा का यह प्रदर्शन जिले की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है और साफ संकेत दे गया है कि राजनीतिक बयानबाजी अब केवल मंचों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सड़कों तक उसका असर दिखाई देगा।

बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी रहे मौजूद
इस प्रदर्शन में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल हुए। इनमें प्रमुख रूप से सुभाष भाटी, वीरेंद्र भाटी, सतेंद्र नागर, कर्मवीर आर्य, संजय चेची, पवन रावल, विकास चौधरी, डिम्पल आनंद, सत्यपाल शर्मा, महेश शर्मा, रजनी तोमर, वंदना वानखेड़े, राज नागर, योगेश चौहान, मुकेश भाटी, अन्नू सिंह, डॉ. आरती शर्मा, मनोज मावी, भगवत प्रसाद शर्मा, विशाल कुमार, सुनील सोनकर, संदीप शर्मा, विजय कसाना, अशोक रावल, अश्वनी गोयल, लोकेश त्यागी, ज्योति सिंह, गायत्री, उषा वत्स और हेमंत त्यागी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।


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