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GL Bajaj College News : “किताबों से निकलकर अब ग्लोबल रिसर्च की दुनिया में उड़ान भरेगा ग्रेटर नोएडा!”, GL बजाज में स्प्रिंगर नेचर के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ ने खोले रिसर्च सक्सेस के राज, फैकल्टी और शोधकर्ताओं को मिला ग्लोबल पब्लिशिंग का मंत्र

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा का शैक्षणिक माहौल अब केवल डिग्री और क्लासरूम तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यहां से निकलने वाली रिसर्च अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी पहचान बनाने की तैयारी कर रही है। इसी दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (GLBITM) ने अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) सेल के माध्यम से एक बेहद महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक सत्र “इनोवेशन एवं रिसर्च एक्सचेंज” का आयोजन किया।

इस विशेष कार्यक्रम में दुनिया के प्रतिष्ठित शैक्षणिक प्रकाशन संस्थान स्प्रिंगर नेचर, लंदन के विशेषज्ञ श्री अनिंदा बोस ने भाग लिया और शोध, नवाचार तथा अंतरराष्ट्रीय पब्लिकेशन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। यह आयोजन केवल एक औपचारिक अकादमिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह उन शोधकर्ताओं, शिक्षकों और अकादमिक विशेषज्ञों के लिए एक नई दिशा लेकर आया, जो अपने शोध को वैश्विक पहचान दिलाना चाहते हैं। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ प्रोफेसर, शोधकर्ता और संकाय सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे सत्र के दौरान शोध और इनोवेशन को लेकर गहरी रुचि और उत्साह देखने को मिला।

वैश्विक रिसर्च और पब्लिशिंग की दुनिया से रूबरू हुए शिक्षक
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री अनिंदा बोस, जो स्प्रिंगर नेचर, लंदन से जुड़े हुए हैं, ने अपने संबोधन में बताया कि आज के समय में केवल शोध करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस शोध को सही प्लेटफॉर्म तक पहुंचाना और उसे वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली बनाना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने शोध पत्रों के चयन, इंटरनेशनल जर्नल्स में पब्लिकेशन, रिसर्च क्वालिटी और उद्धरण (Citation Impact) बढ़ाने के कई व्यावहारिक तरीके साझा किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च यानी विभिन्न विषयों के संयुक्त शोध की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में संस्थानों को केवल तकनीकी शिक्षा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए नवाचार आधारित शोध को बढ़ावा देना चाहिए।

रिसर्च को इंटरनेशनल पहचान दिलाने की मिली रणनीति
इस सत्र में शिक्षकों और शोधकर्ताओं को कई ऐसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी दी गई, जो किसी भी शोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में मददगार साबित हो सकते हैं। सत्र के दौरान निम्नलिखित विषयों पर विशेष चर्चा हुई—
उच्च गुणवत्ता वाले शोध की तैयारी
अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स का सही चयन
पांडुलिपि (Manuscript) की गुणवत्ता सुधारने की तकनीक
शोध की दृश्यता और Citation बढ़ाने के तरीके
रिसर्च एथिक्स और अकादमिक ईमानदारी
वैश्विक स्तर पर सहयोगी शोध की संभावनाएं


स्प्रिंगर नेचर जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में पब्लिश होने की प्रक्रिया
श्री बोस ने बताया कि कई बार अच्छे शोध केवल इसलिए अंतरराष्ट्रीय मंच तक नहीं पहुंच पाते क्योंकि शोधकर्ताओं को सही प्रस्तुति और प्रकाशन प्रक्रिया की जानकारी नहीं होती। उन्होंने शोधकर्ताओं को आधुनिक डिजिटल टूल्स और डेटा आधारित रिसर्च अप्रोच अपनाने की सलाह भी दी।


“विश्वस्तरीय रिसर्च ही परिवर्तनकारी शिक्षा की असली पहचान” — कार्तिकेय अग्रवाल
इस अवसर पर जीएल बजाज एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के सीईओ श्री कार्तिकेय अग्रवाल ने कहा कि संस्थान केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वह छात्रों और शिक्षकों को वैश्विक स्तर की रिसर्च संस्कृति से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा— “जीएल बजाज में हमारा मानना है कि विश्वस्तरीय शोध ही परिवर्तनकारी शिक्षा की आधारशिला है। स्प्रिंगर नेचर जैसे वैश्विक संस्थानों के साथ जुड़ाव हमारे विजन को और मजबूत करता है। हम चाहते हैं कि हमारे शिक्षक और शोधकर्ता केवल भारत ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक जगत में भी अपनी मजबूत पहचान बनाएं।” उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में संस्थान और अधिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग कार्यक्रम, रिसर्च पार्टनरशिप और इनोवेशन आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देगा।

शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए बना “गेम चेंजर” सत्र
GLBITM के आर एंड डी सेल ने इस आयोजन को संस्थान के लिए “ट्रांसफॉर्मेटिव एक्सपीरियंस” बताया। संकाय सदस्यों ने कहा कि इस सत्र ने उन्हें केवल शोध करने की प्रेरणा ही नहीं दी, बल्कि यह भी समझाया कि किस तरह एक अच्छा शोध वैश्विक मंच पर प्रभाव छोड़ सकता है।
कार्यक्रम में शामिल शिक्षकों ने सक्रिय रूप से प्रश्न पूछे और अपने शोध कार्यों को बेहतर बनाने के लिए व्यक्तिगत मार्गदर्शन भी प्राप्त किया। कई प्रतिभागियों ने इसे अपने करियर के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक अनुभव बताया।

ग्रेटर नोएडा बन रहा एजुकेशन और रिसर्च हब
बीते कुछ वर्षों में ग्रेटर नोएडा शिक्षा और तकनीकी संस्थानों का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। यहां के संस्थान अब केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रिसर्च, स्टार्टअप, इनोवेशन और ग्लोबल इंडस्ट्री कनेक्शन पर भी तेजी से काम कर रहे हैं। GLBITM का यह आयोजन इसी बदलते शैक्षणिक वातावरण का उदाहरण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह उद्योग, रिसर्च संस्थान और विश्वविद्यालय मिलकर काम करते रहे, तो आने वाले वर्षों में ग्रेटर नोएडा देश का बड़ा “रिसर्च एंड इनोवेशन कॉरिडोर” बन सकता है।

भविष्य में भी होंगे ऐसे हाई-इम्पैक्ट कार्यक्रम
कार्यक्रम के समापन पर GLBITM प्रबंधन और आर एंड डी सेल ने श्री अनिंदा बोस का आभार व्यक्त किया और कहा कि संस्थान भविष्य में भी ऐसे उच्च स्तरीय अकादमिक और रिसर्च कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि शिक्षक और छात्र वैश्विक स्तर की सोच और शोध संस्कृति से जुड़ सकें।

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