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Greater Noida West News : ग्रेटर नोएडा की एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में 500 परिवारों का जीवन 3 साल से बना हुआ है नर्क, सुविधाओं की जगह मिल रहा है सिर्फ आश्वासन, मेंटिनेंस चार्ज लिया जा रहा, सुविधाएं गायब, बुजुर्ग बोले “लिफ्ट के इंतज़ार में कई बार छूट जाती है दवाइयां”

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टुडे।
एक तरफ सरकारें स्मार्ट सिटी और विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित “एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसायटी” के 500 परिवार तीन सालों से मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।

बिजली और पानी के अलावा यहां किसी भी सुविधा का नामोनिशान नहीं है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि लोगों को अब झूठे वादों और लापरवाह बिल्डर प्रबंधन के खिलाफ सड़कों पर उतरना पड़ा।


सुविधाएं सिर्फ कागज़ों पर, ज़मीन पर हालात बेहद भयावह

रविवार को सोसायटी के निवासियों ने “हल्ला बोल प्रदर्शन” कर बिल्डर प्रबंधन को चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे कानूनी रास्ता भी अपनाएंगे।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि—

  • बेसमेंट में लगातार पानी भरा रहता है, जिससे बिल्डिंग के पिलर कमजोर हो गए हैं।
  • लिफ्ट बार-बार खराब हो जाती हैं, जिससे बुजुर्गों और बीमारों को भारी परेशानी होती है।
  • सुरक्षा गार्ड तक तैनात नहीं हैं, जिससे चोरी और असुरक्षा का खतरा बना रहता है।
  • क्लब हाउस, बच्चों के खेलने का स्थान, साफ-सफाई, जल निकासी व्यवस्था — सबकुछ अधूरा पड़ा है।
  • बावजूद इसके नियमित मेंटिनेंस चार्ज वसूला जा रहा है।

3 साल से सिर्फ मिल रहा है “आश्वासन” — क्या यही है ‘डिलीवरिंग इंडिया’?

निवासियों ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से लगातार लिखित व मौखिक शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन बिल्डर प्रबंधन हर बार नई तारीख, नया वादा और नया बहाना देकर टालता रहा है।

“यहां रहना अब जीवन नहीं, सज़ा बन चुका है।”
— एक महिला निवासी की नाराज़गी


बुजुर्ग बोले: “लिफ्ट के इंतज़ार में कई बार छूट जाती है दवाइयां”

80 वर्षीय निवासी श्री आर.के. शर्मा बताते हैं:

“मुझे रोज़ दवा लेनी होती है, लेकिन लिफ्ट अक्सर बंद रहती है। कई बार छड़ी लेकर सीढ़ियां उतरनी पड़ती हैं। प्रशासन और बिल्डर दोनों सो रहे हैं।”


बच्चों और महिलाओं की भी आवाज़ बुलंद

प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने बताया कि—

  • बच्चों को खेलने की सुरक्षित जगह नहीं है।
  • पार्क अधूरा पड़ा है।
  • स्ट्रीट लाइट्स अक्सर खराब रहती हैं।
  • पूरे सोसायटी में रात होते ही डर का माहौल बन जाता है।

मेंटिनेंस चार्ज लिया जा रहा, सुविधाएं गायब

निवासी हर महीने हज़ारों रुपये मेंटिनेंस चार्ज दे रहे हैं, लेकिन बदले में—

  • साफ-सफाई,
  • सीवरेज सिस्टम,
  • कचरा निस्तारण व्यवस्था,
  • सुरक्षा,
  • और न ही बुनियादी कनेक्टिविटी।

अब कोर्ट और आरडब्ल्यूए से उम्मीद

सोसाइटी के लोगों ने कहा कि अब वो—

  • न्यायालय और उपभोक्ता फोरम में केस दाखिल करेंगे
  • रेरा (RERA) और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी में संगठित शिकायत पत्र सौंपेंगे
  • अगर ज़रूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर याचिका दर्ज कराएंगे

प्रदर्शन के मुख्य मांगें:

✅ लिफ्ट्स की तत्काल मरम्मत और रखरखाव
✅ बेसमेंट का जल निकासी एवं कंक्रीट मरम्मत
✅ सुरक्षा गार्डों की तैनाती और सीसीटीवी
✅ क्लब हाउस, पार्क और सामुदायिक सुविधाओं का पूरा संचालन
✅ बिल्डर प्रबंधन के खिलाफ कार्यवाही और मुआवज़ा


प्रशासन और बिल्डर से सवाल

➡️ तीन साल बाद भी अधूरी परियोजना क्यों?
➡️ रेरा और नगर विकास प्राधिकरण ने इसपर अब तक क्या कार्रवाई की?
➡️ मेंटिनेंस के नाम पर पैसा कहां खर्च हो रहा है?


निष्कर्ष: “भरोसा टूट चुका है, अब बदलाव चाहिए”

यह मामला सिर्फ एक सोसायटी नहीं, ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई सोसायटियों की वास्तविक तस्वीर है, जहां लोग मूलभूत जीवन सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अगर समय रहते बिल्डरों और अथॉरिटीज़ की जवाबदेही तय नहीं की गई, तो यह शहरी विकास की पूरी अवधारणा पर बड़ा प्रश्नचिन्ह होगा।


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