Jewar Airport News : पहले ही महीने 'सुपरहिट' हुआ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट!, 15 शहरों से जुड़कर रचा नया इतिहास, 2.6 गुना बढ़ीं उड़ानें, रोजाना 3 हजार से अधिक यात्रियों की आवाजाही; पश्चिमी यूपी का नया एविएशन हब बनकर उभरा जेवर एयरपोर्ट, एसीईओ एवं नोएडा एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया ने कहा कि यात्रियों की संख्या और एयर ट्रैफिक लगातार बढ़ना बेहद सकारात्मक संकेत है
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने कहा कि एयरपोर्ट तक पहुंचने वाली सड़क व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे इंटरचेंज शुरू होने के बाद दिल्ली, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और एनसीआर के अन्य हिस्सों से एयरपोर्ट तक पहुंचना और अधिक आसान हो जाएगा।

जेवर/नोएडा, रफ़्तार टुडे। देश के सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने संचालन शुरू होने के महज एक महीने के भीतर ही वह कर दिखाया है, जिसकी उम्मीद आने वाले वर्षों में की जा रही थी। पहले ही महीने एयरपोर्ट ने यात्रियों, एयरलाइंस और निवेशकों का भरोसा जीतते हुए यह साबित कर दिया कि यह केवल एक नया हवाई अड्डा नहीं, बल्कि उत्तर भारत के भविष्य का सबसे बड़ा एविएशन और आर्थिक केंद्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। महज कुछ ही सप्ताह में उड़ानों की संख्या में 2.6 गुना वृद्धि, हवाई नेटवर्क का 15 शहरों तक विस्तार, रोजाना 3 हजार से अधिक यात्रियों की आवाजाही और ट्रांजिट यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि जेवर एयरपोर्ट ने शुरुआत से ही अपनी अलग पहचान बना ली है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर के विमानन दबाव को कम करने के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
हर सप्ताह बढ़ती गई रफ्तार, आसमान में दिखाई दी नई उड़ान
15 जून से नियमित संचालन शुरू होने के बाद एयरपोर्ट ने पहले ही सप्ताह में शानदार प्रदर्शन किया। शुरुआती सप्ताह में कुल 86 उड़ानों का सफल संचालन हुआ। इस दौरान इंडिगो और अकासा एयर ने पांच प्रमुख शहरों के लिए सेवाएं शुरू कीं। दूसरे सप्ताह में उड़ानों की संख्या बढ़कर 88 हो गई, जबकि तीसरे सप्ताह में विस्तार की गति और तेज हो गई। एयरपोर्ट का नेटवर्क सीधे 15 शहरों तक पहुंच गया और उड़ानों की संख्या बढ़कर 201 हो गई। चौथे सप्ताह में यह आंकड़ा 224 उड़ानों तक पहुंच गया। इस प्रकार 15 जून से 13 जुलाई के बीच कुल 599 उड़ानों का सफल संचालन दर्ज किया गया। यह तेजी बताती है कि एयरलाइंस भी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की संभावनाओं को लेकर बेहद उत्साहित हैं और लगातार नए गंतव्यों को जोड़ने की दिशा में काम कर रही हैं।
यात्रियों का बढ़ता भरोसा, पहले महीने में ही शानदार रिकॉर्ड
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में भी लगातार उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। जून में संचालन शुरू होने के बाद केवल 15 दिनों के भीतर 27,841 यात्रियों ने एयरपोर्ट का उपयोग किया। इसके बाद जुलाई में केवल 13 दिनों के भीतर ही यह संख्या बढ़कर 33,446 यात्रियों तक पहुंच गई। यह वृद्धि इस बात का स्पष्ट संकेत है कि लोग इस नए एयरपोर्ट को तेजी से अपना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क, आधुनिक सुविधाएं और समय की बचत यात्रियों को नोएडा एयरपोर्ट की ओर आकर्षित कर रही हैं।

अब केवल स्थानीय एयरपोर्ट नहीं, ट्रांजिट हब भी बन रहा जेवर
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब केवल नोएडा, ग्रेटर नोएडा या पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों तक सीमित नहीं रह गया है। यह धीरे-धीरे राष्ट्रीय ट्रांजिट और ट्रांसफर हब के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार लगभग 18,242 यात्रियों ने यहां से अपनी यात्रा शुरू की, जबकि 18,089 यात्री विभिन्न शहरों से यहां पहुंचे।
इसके अलावा 11,732 यात्रियों ने दूसरी फ्लाइट पकड़ने के लिए एयरपोर्ट का उपयोग किया, जबकि 13,042 यात्री ट्रांजिट यात्री के रूप में कुछ समय एयरपोर्ट पर रुकने के बाद उसी विमान से आगे रवाना हुए। यह स्थिति दर्शाती है कि एयरपोर्ट की भूमिका लगातार विस्तृत हो रही है और भविष्य में यह देश के प्रमुख एविएशन नेटवर्क का अहम हिस्सा बन सकता है।
रोजाना तीन हजार से अधिक यात्रियों की आवाजाही
एयरपोर्ट की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पहले दिन जहां 1,427 यात्रियों ने सफर किया था, वहीं कुछ ही सप्ताह बाद यह संख्या लगातार बढ़ती चली गई। जून के अंतिम सप्ताह तक प्रतिदिन लगभग 1,900 यात्रियों की आवाजाही होने लगी। जुलाई की शुरुआत में यह आंकड़ा और तेजी से बढ़ा तथा 10 जुलाई को रिकॉर्ड 3,255 यात्रियों ने एयरपोर्ट का उपयोग किया। इसके बाद भी प्रतिदिन लगभग 3,000 यात्रियों की नियमित आवाजाही बनी हुई है।
नई उड़ानों के साथ बढ़ेंगी संभावनाएं
यीडा के एसीईओ एवं नोएडा एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया ने कहा कि यात्रियों की संख्या और एयर ट्रैफिक लगातार बढ़ना बेहद सकारात्मक संकेत है। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए नई व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं तथा एयरलाइंस भी नए शहरों को जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं। उनका कहना है कि आने वाले महीनों में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय विस्तार देखने को मिलेगा।
सड़क कनेक्टिविटी होगी और मजबूत
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने कहा कि एयरपोर्ट तक पहुंचने वाली सड़क व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे इंटरचेंज शुरू होने के बाद दिल्ली, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और एनसीआर के अन्य हिस्सों से एयरपोर्ट तक पहुंचना और अधिक आसान हो जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यमुना सिटी तेजी से औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स और निवेश के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो रही है और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई उड़ान
विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट केवल हवाई यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसके माध्यम से रोजगार, पर्यटन, व्यापार, निर्यात, लॉजिस्टिक्स, होटल उद्योग और रियल एस्टेट सेक्टर को भी नई गति मिलेगी। एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी भविष्य में इस क्षेत्र को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बना सकती है।
मुख्य उपलब्धियां एक नजर में
15 शहरों से सीधी हवाई कनेक्टिविटी। पहले महीने में उड़ानों की संख्या में 2.6 गुना वृद्धि। कुल 599 उड़ानों का सफल संचालन। जून के 15 दिनों में 27,841 यात्रियों ने किया सफर। जुलाई के 13 दिनों में 33,446 यात्रियों की रिकॉर्ड आवाजाही। 10 जुलाई को 3,255 यात्रियों का एक दिन का सर्वोच्च आंकड़ा। ट्रांसफर और ट्रांजिट यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि।
एयरपोर्ट तक सड़क संपर्क मजबूत करने के लिए कई परियोजनाएं प्रगति पर।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की यह शानदार शुरुआत स्पष्ट संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में यह एयरपोर्ट केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत के सबसे व्यस्त और आधुनिक हवाई अड्डों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा। बढ़ती उड़ानें, लगातार बढ़ती यात्री संख्या, बेहतर कनेक्टिविटी और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर इस महत्वाकांक्षी परियोजना की सफलता की नई कहानी लिख रहे हैं।



