Breaking News : यमुना-हिंडन के डूब क्षेत्र में बने आलीशान फार्महाउसों पर मंडराया बुलडोजर का खतरा, नोटिस के बाद भी नहीं माने मालिक तो अब चलेगी बड़ी कार्रवाई, नोएडा प्राधिकरण की सूची तैयार होते ही मचा हड़कंप, नोटिस दिए, चेतावनी दी, लेकिन नहीं हटे अवैध निर्माण, पर्यावरण और बाढ़ सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बने अवैध फार्महाउस, अवैध निर्माणकर्ताओं में बढ़ी बेचैनी

नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा और आसपास के इलाकों में यमुना तथा हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए आलीशान फार्महाउसों के खिलाफ अब बड़ी कार्रवाई की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। लंबे समय से अवैध निर्माणों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच नोएडा प्राधिकरण ने ऐसे फार्महाउसों की पहचान कर सूची तैयार कर ली है। अब केवल पुलिस बल उपलब्ध होने का इंतजार है। जैसे ही पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मिलेगी, प्राधिकरण का विशेष अभियान शुरू होगा और चिन्हित अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया जाएगा।
नोटिस दिए, चेतावनी दी, लेकिन नहीं हटे अवैध निर्माण
सूत्रों के अनुसार, नोएडा प्राधिकरण ने इससे पहले संबंधित लोगों को कई बार नोटिस जारी किए थे। उन्हें स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए थे कि निर्धारित समय सीमा के भीतर स्वयं अपने अवैध निर्माणों को हटा लें, ताकि कठोर कार्रवाई से बचा जा सके। हालांकि अधिकांश मामलों में इन चेतावनियों का कोई असर नहीं दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि कई फार्महाउस मालिकों ने प्राधिकरण के निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया और न तो निर्माण हटाया और न ही किसी प्रकार का संतोषजनक जवाब दिया। इसके बाद अब प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाने का फैसला किया है।
पर्यावरण और बाढ़ सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बने अवैध फार्महाउस
विशेषज्ञों का मानना है कि यमुना और हिंडन के डूब क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हुए अवैध निर्माण केवल भूमि उपयोग नियमों का उल्लंघन नहीं हैं, बल्कि यह पर्यावरणीय संतुलन के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। डूब क्षेत्र प्राकृतिक जल निकासी का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यदि इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निर्माण होते हैं तो बाढ़ के दौरान पानी के प्रवाह में बाधा उत्पन्न होती है। इससे आसपास के क्षेत्रों में जलभराव और अन्य आपदाओं का खतरा बढ़ सकता है।
जिन्होंने खुद हटाया निर्माण, उन्हें मिलेगी राहत
सूत्रों के मुताबिक, जिन लोगों ने प्राधिकरण के नोटिस के बाद स्वयं अपने अवैध निर्माणों को हटा लिया है, उन्हें इस अभियान से बाहर रखा जाएगा। लेकिन जिन्होंने चेतावनी के बावजूद नियमों की अनदेखी जारी रखी, उनके खिलाफ अब किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
प्राधिकरण की टीम ने ऐसे सभी मामलों का सर्वेक्षण कर सूची तैयार कर ली है। बताया जा रहा है कि इस सूची में कई बड़े और आलीशान फार्महाउस शामिल हैं।
भारी पुलिस बल के साथ चलेगा अभियान
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माण हटाने के दौरान किसी प्रकार के विरोध या कानून-व्यवस्था की स्थिति से बचने के लिए अभियान में भारी पुलिस बल तैनात किया जाएगा। इसके लिए पुलिस प्रशासन के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध होते ही अतिक्रमण हटाने वाली टीम, इंजीनियरिंग विभाग और प्रशासनिक अधिकारी संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम देंगे। सूत्रों का कहना है कि इस बार अभियान को लेकर प्राधिकरण पूरी तैयारी में है और किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।
अवैध निर्माणकर्ताओं में बढ़ी बेचैनी
प्राधिकरण की कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद डूब क्षेत्र में बने फार्महाउसों के मालिकों और अवैध निर्माण से जुड़े लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। कई लोगों ने अपने स्तर पर कानूनी सलाह लेना शुरू कर दिया है, जबकि कुछ लोग निर्माण हटाने के विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि यदि यह अभियान बड़े स्तर पर शुरू होता है तो यह नोएडा के इतिहास में डूब क्षेत्र के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक साबित हो सकता है।
प्राधिकरण ने लोगों को फिर किया आगाह
नोएडा प्राधिकरण ने एक बार फिर आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण से बचें और भूमि खरीदने या निर्माण कराने से पहले उसकी वैधता की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी ने नियमों के विरुद्ध निर्माण किया है तो बेहतर होगा कि वह स्वयं उसे हटा ले, क्योंकि प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान न केवल ध्वस्तीकरण किया जाएगा बल्कि अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
डूब क्षेत्र में नहीं चलेगी मनमानी
प्राधिकरण के अधिकारियों का साफ कहना है कि यमुना और हिंडन के डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण, बाढ़ नियंत्रण और शहरी नियोजन के नियमों को ध्यान में रखते हुए आने वाले दिनों में ऐसे निर्माणों के खिलाफ और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।



