Greater Noida Press Club : ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब की शानदार संगोष्ठी में गूंजा संवाद का स्वर, ‘विश्वास निर्माण में मीडिया और प्रशासन की साझा भूमिका’ पर हुआ गहन मंथन, पत्रकारों और अधिकारियों ने रखे अपने बेबाक विचार

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब के बैनर तले सोमवार को एक ऐतिहासिक संगोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसका विषय था — “समाज में विश्वास निर्माण : मीडिया एवं प्रशासन की भूमिका”। इस आयोजन ने पत्रकारिता, शासन और नागरिक समाज के बीच संवाद की एक नई दिशा स्थापित की।
कार्यक्रम का शुभारंभ गरिमामय वातावरण में हुआ, जब गौतमबुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव, वरिष्ठ पत्रकार रामकृपाल सिंह, वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री और गलगोटिया ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के सीईओ ध्रुव गलगोटिया ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर संगोष्ठी की शुरुआत की।
“सोशल मीडिया पर सच से पहले जांच जरूरी” – पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि आज का युग सूचना का युग है, लेकिन इसी के साथ यह ग़लत सूचना के प्रसार का भी समय है। उन्होंने कहा “आज सोशल मीडिया पर हर व्यक्ति खुद को पत्रकार समझने लगा है। लोग बिना तथ्य जांचे किसी भी संदेश को गीता के श्लोकों की तरह सत्य मान लेते हैं। पत्रकारों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह है कि वे सत्य और तथ्यों के आधार पर खबरें प्रकाशित करें, ताकि समाज में अविश्वास न फैले।”
उन्होंने गौतमबुद्ध नगर के पत्रकारों की सराहना करते हुए कहा कि “यहां के पत्रकार सुपरमैन हैं, जो सीमित संसाधनों में भी जनता की आवाज़ को प्रशासन तक पहुंचाते हैं।”
लक्ष्मी सिंह ने यह भी कहा कि “जरूरी नहीं कि जो चीज ऊपर से खराब दिखे, उसकी जड़ भी सड़ी हो। अगर पुलिस और प्रशासन की जड़ें सड़ी होतीं, तो भारत का लोकतंत्र 75 सालों से इतने मज़बूती से खड़ा नहीं होता।”
“बेहतर सुविधाएं देना हमारी प्राथमिकता” – एसीईओ सुमित यादव
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य नागरिकों को एक आधुनिक और सुविधायुक्त नगरी उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा —
> “ग्रेटर नोएडा में लगातार आधारभूत ढांचे को मज़बूत किया जा रहा है। लेकिन इस विकास में मीडिया की भूमिका उतनी ही अहम है जितनी प्रशासन की। जब मीडिया सकारात्मक दृष्टिकोण से जानकारी जनता तक पहुंचाती है, तब विकास योजनाओं में पारदर्शिता और विश्वास बढ़ता है।”
उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि वह प्रशासन के साथ सहयोग की भावना से कार्य करे ताकि जनता तक सटीक जानकारी और सुधारों की वास्तविक तस्वीर पहुंच सके।

“खबर बनाइए नहीं, खबर पाइए” – वरिष्ठ पत्रकार रामकृपाल सिंह
वरिष्ठ पत्रकार रामकृपाल सिंह ने पत्रकारिता की आत्मा को उजागर करते हुए कहा “पत्रकार को खबर का निष्पक्ष पर्यवेक्षक होना चाहिए। खबर की शुरुआत तथ्य से करें और अंत भी तथ्य पर करें, तभी पत्रकारिता विश्वसनीय बनेगी। पत्रकारिता में सबसे बड़ा खतरा तब होता है जब हम खबर को बनाना शुरू कर देते हैं, बजाय पाने के।”
उन्होंने कहा कि मीडिया को समाज का आईना बने रहना चाहिए, न कि केवल सनसनी फैलाने का माध्यम।
“पत्रकारिता का पक्ष है — सत्य और तथ्य” – वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री
अपने वक्तव्य में वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री ने कहा —
> “पत्रकारिता को पूर्णतः निरपेक्ष कहना उचित नहीं, क्योंकि उसका पक्ष हमेशा सत्य और तथ्य का होता है। पत्रकार को निष्पक्ष रहकर भी सत्य के पक्ष में खड़ा रहना चाहिए, क्योंकि यही लोकतंत्र की नींव है।”
उन्होंने कहा कि मीडिया को जनता की उम्मीदों और अधिकारों की आवाज़ बने रहना चाहिए।
“विश्वास ही समाज की सबसे बड़ी पूंजी है” – आदेश भाटी
ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब के अध्यक्ष आदेश भाटी ने कहा कि संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य मीडिया, प्रशासन और नागरिकों के बीच विश्वास की डोर को मजबूत करना है।
> “पत्रकारिता और शासन दोनों ही समाज के आईने हैं। जब दोनों पारदर्शी रहते हैं, तभी लोकतंत्र में जनविश्वास जीवित रहता है।”
उन्होंने कहा कि प्रेस क्लब हमेशा ऐसी चर्चाओं और विचार-विमर्श को प्रोत्साहित करता रहेगा, जो समाज को एकजुट और जागरूक बनाएं।
“सकारात्मक संवाद ही पारदर्शिता की कुंजी है” – रोहित प्रियदर्शिनी
ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब के महासचिव रोहित प्रियदर्शिनी ने कहा “हमारा प्रयास है कि समाज में पारदर्शिता और सकारात्मक संवाद कायम हो। जब संवाद रुकता है, तब अविश्वास बढ़ता है। प्रेस क्लब संवाद की उसी परंपरा को जीवित रखने का माध्यम है।”
उन्होंने कहा कि क्लब आगे भी मीडिया और प्रशासन के बीच भरोसे की पुल का कार्य करता रहेगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवियों, अधिकारियों और पत्रकारों की मौजूदगी
इस संगोष्ठी में जिले के वरिष्ठ पत्रकारों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, शिक्षाविदों और पत्रकारिता के छात्रों की बड़ी उपस्थिति रही।
सभी प्रतिभागियों ने एक मत से कहा कि यदि मीडिया और प्रशासन एक दूसरे के सहयोगी बनकर काम करें, तो समाज में पारदर्शिता, भरोसा और जवाबदेही का वातावरण बन सकता है।

संवाद से ही बनता है विश्वास
ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब की यह संगोष्ठी सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि यह मीडिया और शासन के बीच विश्वास के नए अध्याय की शुरुआत थी। वक्ताओं के विचारों ने स्पष्ट किया कि जब संवाद बढ़ता है, तब गलतफहमियां कम होती हैं और समाज की जड़ें और मजबूत होती हैं।
यह आयोजन न केवल पत्रकारों को बल्कि नागरिकों को भी यह संदेश देता है कि विश्वास, पारदर्शिता और सत्य ही एक सशक्त लोकतंत्र की असली पहचान हैं।



