शिक्षाग्रेटर नोएडा

Llyod College News : लॉयड बिज़नेस स्कूल में गणेश चतुर्थी का अनोखा संगम, भगवान गणेश से सीखी मैनेजमेंट और लीडरशिप की बेमिसाल सीख, प्रो. (डॉ.) रिपुदमन गौड़ ने समझाया प्रबंधन का अद्भुत विज्ञान

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
शिक्षा और संस्कृति जब मिलते हैं, तो परिणाम होता है नवाचार और प्रेरणा। कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिला ग्रेटर नोएडा स्थित लॉयड बिज़नेस स्कूल में, जहाँ गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर PGDM के विद्यार्थियों ने एक अनूठा और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम “TALE of Lord Ganesha” का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल धार्मिक उत्सव मनाना ही नहीं, बल्कि भगवान गणेश की कथाओं और प्रतीकों से प्रबंधन (Management) एवं नेतृत्व (Leadership) की जीवनोपयोगी शिक्षाएँ निकालकर उन्हें विद्यार्थियों के भविष्य के करियर से जोड़ना था।

भगवान गणेश से मैनेजमेंट के सूत्र

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न नाट्य प्रस्तुतियों और कहानियों के माध्यम से दिखाया कि किस प्रकार भगवान गणेश के जीवन और व्यक्तित्व में छिपे गुण आधुनिक कॉर्पोरेट दुनिया में भी प्रासंगिक हैं।

धैर्य और शांति – संकटों में संतुलन बनाए रखना।

निर्णय लेने की क्षमता – समय पर सही विकल्प चुनना।

समर्पण और निष्ठा – लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहना।

संघर्ष प्रबंधन – चुनौतियों का सकारात्मक समाधान ढूंढना।

संतुलन और दूरदृष्टि – व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में तालमेल रखना।

विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि भगवान गणेश के जीवन से निकली ये शिक्षाएँ केवल आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि कारपोरेट लीडरशिप और टीम मैनेजमेंट की रीढ़ भी बन सकती हैं।

निदेशिका डॉ. वंदना अरोड़ा सेठी का प्रेरक संदेश

समूह निदेशिका डॉ. वंदना अरोड़ा सेठी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा –
“गणेश जी हमें यह सिखाते हैं कि सफलता का मूल मंत्र है – सुनने की क्षमता, विनम्रता और निरंतर सीखते रहना। उनकी बुद्धिमत्ता और संतुलन आज के युवा प्रबंधकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। जिस तरह से लॉयड बिज़नेस स्कूल के विद्यार्थी इन मूल्यों को आधुनिक प्रबंधन शिक्षा से जोड़ रहे हैं, वह वाकई सराहनीय है।”

प्रो. (डॉ.) रिपुदमन गौड़ ने समझाया प्रबंधन का अद्भुत विज्ञान

लॉयड बिज़नेस स्कूल के डीन प्रो. (डॉ.) रिपुदमन गौड़ ने अपने विचार रखते हुए कहा –
“भगवान गणेश का स्वरूप स्वयं प्रबंधन की पाठशाला है – बड़ा मस्तक दूरदृष्टि का प्रतीक है, छोटी आँखें एकाग्रता का, बड़े कान सुनने की कला का और छोटा वाहन मूषक यह सिखाता है कि चाहे साधन छोटे हों, संकल्प और ज्ञान से बड़ी से बड़ी सफलता पाई जा सकती है। हमारे विद्यार्थी इस संदेश को व्यावहारिक जीवन में उतारने का प्रयास कर रहे हैं।”

विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी

PGDM के विद्यार्थियों ने मंच पर विभिन्न प्रस्तुतियों के जरिए यह दिखाया कि प्रबंधन की किताबें ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और धार्मिक प्रतीक भी जीवन की सबसे बड़ी शिक्षाएँ दे सकते हैं। उनकी प्रस्तुतियों ने माहौल को न केवल प्रेरणादायक, बल्कि भावनात्मक भी बना दिया।

जय गणेश… जय ज्ञान

कार्यक्रम का समापन गणेश वंदना, दीप प्रज्वलन और पूरे प्रांगण में गूंजते “गणपति बप्पा मोरया” के जयघोष के साथ हुआ। यह आयोजन केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों के लिए यह अनुभव ज्ञान, संस्कार और प्रबंधन का अनोखा संगम साबित हुआ।

लॉयड बिज़नेस स्कूल का यह आयोजन एक मिसाल है कि आध्यात्मिकता और शिक्षा को मिलाकर कैसे युवाओं को बेहतर मैनेजर और लीडर बनाया जा सकता है। भगवान गणेश की शिक्षाएँ हर युग में प्रासंगिक रही हैं और आज के प्रतिस्पर्धी कॉर्पोरेट जगत में भी उनके जीवन से निकलने वाले सूत्र सफलता की राह दिखाते हैं।

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Raftar Today
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