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Panchsheel 2 Green Society News : पंचशील ग्रीन-2 में ‘ग्रीन बेल्ट’ पर कब्जे की साज़िश!, निवासियों का हंगामा, बोला – “हरियाली पर दीवार नहीं, सांस लेने की आज़ादी चाहिए”, ग्रीन बेल्ट’ विवाद बना नोएडा वेस्ट का नया पर्यावरणीय संघर्ष, पंचशील ग्रीन-2 में ग्रीन बेल्ट पर ‘मेंटेनेंस टीम’ का कब्जा, निवासियों ने जताई कड़ी नाराज़गी – मौके पर पहुंची पुलिस!

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की चर्चित पंचशील ग्रीन-2 सोसायटी एक बार फिर विवादों में घिर गई है। इस बार मामला है सोसायटी के बाहर स्थित ग्रीन बेल्ट पर कब्जे का। निवासियों ने आरोप लगाया है कि मेंटेनेंस प्रबंधन टीम ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत मूल नक्शे से हटकर हरित क्षेत्र में अवैध निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।

जैसे ही लोगों को जानकारी मिली, सोसायटी के सैकड़ों निवासी एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। देखते ही देखते माहौल गर्म हो गया और सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत कराना पड़ा।

हरियाली को कंक्रीट में बदलने की कोशिश” – नाराज़ निवासियों का आरो

निवासियों का कहना है कि सोसायटी के पास स्थित यह ग्रीन बेल्ट क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक उपयोग के लिए छोड़ा गया था। यह हिस्सा लोगों को खुली हवा, हरियाली और स्वच्छ वातावरण देने के उद्देश्य से विकसित किया गया था।

लेकिन, अब मेंटेनेंस टीम द्वारा वहां दीवार और फेंसिंग लगाई जा रही है, जिससे यह सार्वजनिक ग्रीन बेल्ट धीरे-धीरे निजी नियंत्रण में चली जाएगी।
एक निवासी ने कहा “ग्रीन बेल्ट किसी की प्रॉपर्टी नहीं, यह हमारी सांसों का सहारा है। अगर इसे भी कब्जा कर लिया गया तो बच्चों के खेलने और लोगों के टहलने की जगह खत्म हो जाएगी।”

प्राधिकरण द्वारा पास नक्शे से ‘इतर’ हो रहा निर्माण कार्य!

निवासियों के अनुसार, बिल्डर प्रबंधन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत मास्टर प्लान का उल्लंघन कर रहा है। इस क्षेत्र को निर्माण-रहित घोषित किया गया था, लेकिन अब मेंटेनेंस टीम द्वारा ग्रीन बेल्ट की सीमाओं को तोड़कर ईंट-बालू डलवाया जा रहा है।

लोगों का आरोप है कि यह सब कुछ “शांत तरीके से कब्जा करने की रणनीति” के तहत किया जा रहा है। यदि समय रहते रोकथाम नहीं की गई तो कुछ ही हफ्तों में यहां स्थायी निर्माण खड़ा हो जाएगा।

पुलिस पहुंची मौके पर, निवासियों ने रोका काम – हंगामा रहा जारी

जब गुस्से से भरे निवासी विरोध कर रहे थे, तभी स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने काम रोकने और दोनों पक्षों को शांत करने का प्रयास किया।

निवासियों ने साफ कहा कि “जब तक प्राधिकरण से लिखित अनुमति नहीं मिलती, तब तक कोई निर्माण नहीं होने दिया जाएगा।” पुलिस ने आश्वासन दिया कि मामले की पूरी जानकारी प्राधिकरण तक पहुंचाई जाएगी और जो भी अवैध होगा, उस पर कार्रवाई होगी।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में दर्ज हुई शिकायत, कार्रवाई की मांग

विरोध के बाद सोसायटी निवासियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बिल्डर प्रबंधन पर ग्रीन बेल्ट को अवैध रूप से कब्जाने का आरोप लगाया और मांग की कि तत्काल निरीक्षण कर निर्माण कार्य को रोका जाए।

शिकायत में लिखा गया है कि “मेंटेनेंस टीम द्वारा पर्यावरण क्षेत्र को निजी उपयोग के लिए घेरा जा रहा है। यह न केवल मास्टर प्लान का उल्लंघन है बल्कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम का भी सीधा उल्लंघन है।”

प्राधिकरण के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है और जल्द टीम मौके का निरीक्षण करेगी।

निवासियों ने उठाई पर्यावरणीय चिंता – “ग्रीन बेल्ट खत्म हुई तो बढ़ेगा प्रदूषण”

पंचशील ग्रीन-2 के निवासियों का कहना है कि ग्रीन बेल्ट का उद्देश्य केवल सुंदरता नहीं, बल्कि वायु गुणवत्ता बनाए रखना भी है।
एक वरिष्ठ नागरिक ने कहा“हमने यहां घर इसलिए खरीदा था क्योंकि यह ग्रीन सोसाइटी कही जाती थी। अब अगर हरियाली ही खत्म कर दी जाएगी तो ‘ग्रीन’ नाम रखना भी बेमानी है।”

लोगों का मानना है कि यह मामला केवल एक सोसायटी का नहीं बल्कि पूरे नोएडा वेस्ट के पर्यावरण और नागरिक अधिकारों से जुड़ा हुआ है।

मेंटेनेंस प्रबंधन का पक्ष – “कब्जा नहीं, सौंदर्यीकरण कर रहे हैं”

वहीं दूसरी ओर, सोसायटी के मेंटेनेंस प्रबंधन ने अपनी सफाई में कहा है कि वे किसी भी तरह का कब्जा नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि “ग्रीन बेल्ट को सुंदर बनाने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए हल्की फेंसिंग की जा रही है। यह पर्यावरण की सुरक्षा के लिए ही किया जा रहा है, न कि निजी कब्जे के लिए।”

हालांकि निवासियों का कहना है कि यह “सौंदर्यीकरण” नहीं बल्कि धीरे-धीरे स्थायी निर्माण की शुरुआत है।

ग्रीन बेल्ट’ विवाद बना नोएडा वेस्ट का नया पर्यावरणीय संघर्ष

नोएडा वेस्ट में पिछले कुछ वर्षों से ग्रीन जोन और पार्कों पर अतिक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कई जगह बिल्डरों और प्रबंधन समितियों द्वारा खुले स्थानों को पार्किंग या कमर्शियल इस्तेमाल में बदलने की शिकायतें मिल रही हैं।

अब पंचशील ग्रीन-2 का मामला भी इसी दिशा में नया उदाहरण बन गया है। सामाजिक कार्यकर्ता इसे “नोएडा वेस्ट का पर्यावरण युद्ध” बता रहे हैं।

हम हरियाली नहीं छोड़ेंगे” – निवासियों का ऐलान, जल्द करेंगे सामूहिक याचिका दाखिल

विरोध प्रदर्शन के दौरान निवासियों ने ऐलान किया कि यदि प्राधिकरण कार्रवाई नहीं करता, तो वे एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) और जिला प्रशासन में सामूहिक याचिका दाखिल करेंगे।

उन्होंने कहा “हमें किसी के खिलाफ नहीं जाना, पर अगर हमारी ग्रीन बेल्ट पर हमला हुआ तो हम हर कानूनी कदम उठाएंगे।”

अंत में – जब ‘ग्रीन’ नाम ही खतरे में हो तो विकास किसका?

कभी पर्यावरण-हितैषी योजना के रूप में जानी जाने वाली पंचशील ग्रीन-2 सोसायटी आज हरियाली बचाओ संघर्ष का प्रतीक बन गई है।
जहां लोग एक हरियाले, स्वस्थ माहौल में जीवन की उम्मीद लेकर आए थे, वहां अब दीवारें और विवाद खड़े हो गए हैं।

निवासी अब बस एक ही मांग पर अडिग हैं “हमारी ग्रीन बेल्ट लौटाओ, क्योंकि सांस लेने का अधिकार किसी से कम नहीं!”

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
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