Breaking News : ‘लोकल से ग्लोबल’ का सबसे बड़ा मंच बनेगा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026! 80 देशों के खरीदार, 5000 करोड़ की बिजनेस डील और यूपी के स्वाद से लेकर AI तक का दिखेगा दम, ODOC के अंतर्गत प्रदेश के विशिष्ट, ऐतिहासिक एवं पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल कराए जाएं स्थापित

लखनऊ/ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार, निवेश, नवाचार और सांस्कृतिक पहचान के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। आगामी यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS)-2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं और इस बार सरकार का लक्ष्य इसे पहले के मुकाबले कहीं अधिक भव्य, आकर्षक और वैश्विक स्तर का बनाना है। इसी क्रम में प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने लखनऊ में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस वर्ष का ट्रेड शो केवल व्यापारिक आयोजन न होकर उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक, औद्योगिक और आर्थिक ताकत का वैश्विक प्रदर्शन बने।
बैठक में ट्रेड शो के मास्टर प्लान, लेआउट, अंतरराष्ट्रीय भागीदारी, प्रचार-प्रसार, यातायात प्रबंधन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और निवेश संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो अब प्रदेश की पहचान बन चुका है और इसे इस बार नए आयाम देने होंगे ताकि दुनिया भर के निवेशकों, उद्योगपतियों और व्यापारिक संगठनों को उत्तर प्रदेश की क्षमता का प्रत्यक्ष अनुभव हो सके।
25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा बनेगा ग्लोबल बिजनेस हब
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 का आयोजन 25 से 29 सितंबर 2026 के बीच इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, नॉलेज पार्क, ग्रेटर नोएडा में किया जाएगा। प्रदेश सरकार और इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट के संयुक्त तत्वावधान में होने वाला यह आयोजन पिछले तीन संस्करणों की सफलता के बाद अब और बड़े स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है।
इस वर्ष ट्रेड शो की थीम “UP for Global Growth: Innovation, Manufacturing & Exports” रखी गई है। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश को वैश्विक विनिर्माण, निर्यात, नवाचार और निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
यूपी की संस्कृति, इतिहास और विरासत का होगा भव्य प्रदर्शन
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्रेड शो में केवल उद्योग और व्यापार ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहर, लोक कला, जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक हस्तशिल्प और लोक संगीत का भी भव्य प्रदर्शन किया जाए।
उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाले लाखों आगंतुकों को उत्तर प्रदेश की विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि से परिचित कराने के लिए विशेष थीम आधारित मंडप और प्रदर्शनी तैयार की जाएं। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच मिलेगा।
‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ बनेगा खास आकर्षण
इस बार ट्रेड शो में पहली बार “वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन (ODOC)” को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा। इसके तहत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रसिद्ध और पारंपरिक व्यंजनों के विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। लखनऊ के कबाब, आगरा का पेठा, मथुरा के पेड़े, वाराणसी की चाट, मेरठ की रेवड़ी, कानपुर के विशेष व्यंजन और बुंदेलखंड के पारंपरिक स्वाद जैसे अनेक स्थानीय व्यंजन देश-विदेश से आने वाले मेहमानों को आकर्षित करेंगे।
AI, रोबोटिक्स और स्टार्टअप्स दिखाएंगे भविष्य की तस्वीर
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में इस बार तकनीक और नवाचार को भी विशेष महत्व दिया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, डिजिटल ट्रेड, ई-कॉमर्स, डेयरी, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण और अत्याधुनिक औद्योगिक तकनीकों से जुड़े आकर्षक मॉडल और प्रदर्शनी शामिल की जाएं।
इससे निवेशकों और युवाओं को आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों की संभावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा।
80 देशों के खरीदार और 45 हजार B2B प्रतिभागियों का लक्ष्य
इस वर्ष ट्रेड शो को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए सरकार ने बड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं। आयोजन में: 80 से अधिक देशों के लगभग 550 विदेशी खरीदार 45,000 से अधिक बी2बी खरीदार
हजारों उद्योगपति, निर्यातक और निवेशक
शामिल होंगे। सरकार को उम्मीद है कि इस आयोजन के माध्यम से लगभग 5000 करोड़ रुपये की बिजनेस इन्क्वायरी प्राप्त होगी, जबकि 20,000 करोड़ रुपये तक की संभावित व्यावसायिक गतिविधियां उत्पन्न हो सकती हैं।
5000 से अधिक एमओयू होने की संभावना
यूपी सरकार का मानना है कि यह आयोजन निवेश और औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा। अनुमान है कि ट्रेड शो के दौरान 5000 से अधिक एमओयू (MoUs) पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। ये समझौते विभिन्न क्षेत्रों जैसे—विनिर्माण, MSME, स्टार्टअप, निर्यात, लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि आधारित उद्योग में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे।
देशभर में होगी भव्य ब्रांडिंग
मुख्य सचिव ने ट्रेड शो के प्रचार-प्रसार को लेकर भी बड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पोर्टल, डीआईसी पोर्टल, डिजिटल मीडिया, समाचार पत्र, रेडियो और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार किया जाए।
इसके अलावा दिल्ली, मुंबई, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ सहित देश के प्रमुख शहरों और एयरपोर्ट्स पर बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाए जाएंगे। यूपी मेट्रो नेटवर्क में भी ट्रेड शो की विशेष ब्रांडिंग की जाएगी।
ग्रेटर नोएडा को मिलेगा सीधा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि इस विशाल आयोजन से ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा। होटल, परिवहन, रेस्टोरेंट, पर्यटन, व्यापार और स्थानीय रोजगार के अवसरों में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा



