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Panchsheel Hynish News : “इंतज़ार जो थमता नहीं, पंचशील हाईनिश सोसाइटी में चुनावी जंग के साये में लोग बेहाल, अव्यवस्था ने बढ़ाई टेंशन”, एओए के चुनाव लटके, सुविधाएं चरमराई, डीएम से लगाई गुहार – ‘अब तो इंसाफ दो सरकार!’


ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टुडे।।
एक तरफ नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र को स्मार्ट सिटी की संज्ञा दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर पंचशील हाईनिश जैसी हाईराइज़ सोसाइटी में रहने वाले हजारों परिवार खुद को सुनवाई से महरूम और सुविधाओं से वंचित महसूस कर रहे हैं। सोसायटी में एओए (A.O.A) के चुनाव कई महीनों से अधर में लटके हैं और निवासियों का सब्र अब जवाब देने लगा है।


कालातीत एओए पर विवाद – लोकतंत्र की अनदेखी!

पंचशील हाईनिश की निवर्तमान एओए का कार्यकाल 15 मार्च 2025 को समाप्त हो चुका है।
डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा भी इसे “कालातीत” घोषित किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद पूर्व एओए के पदाधिकारी अपने पद पर काबिज हैं और चुनाव की प्रक्रिया में बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं

निवासियों का आरोप है कि –

“चुनाव अधिकारी की नियुक्ति होने के बावजूद न तो उन्हें जरूरी दस्तावेज़ दिए जा रहे हैं, न ही चुनावी खर्च और रिकॉर्ड्स सौंपे जा रहे हैं। यह सीधा लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन है।”


अव्यवस्थाओं ने छीन ली शांति – सुविधाएं ठप, समस्याएं सर पर

एओए चुनाव को लेकर पैदा हुए प्रशासनिक असंतुलन का सीधा असर सोसायटी की सुविधाओं पर पड़ा है।
निवासियों के मुताबिक:

  • लिफ्ट आए दिन खराब रहती हैं, जिससे बुज़ुर्गों, महिलाओं और बच्चों को खासा दिक्कत होती है।
  • पानी की आपूर्ति बाधित होती रहती है, जिससे रोज़मर्रा की जरूरतें पूरी करना तक मुश्किल हो गया है।
  • सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, गंदगी के ढेर और बदबू से सांस लेना दूभर हो गया है।
  • आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ गई है, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
  • सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा गार्डों की निगरानी ढीली है, जिससे असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

निवासियों की नाराज़गी चरम पर – ‘हमने घर लिया था, ज़िंदगी नहीं’

परेशान लोगों का कहना है कि जो घर उन्होंने सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक जीवन के लिए खरीदा था, वहां अब तनाव, डर और अव्यवस्था की भरमार है।

“रोज़मर्रा की बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। बच्चों को खेलने नहीं भेज सकते, बुज़ुर्ग लिफ्ट के खराब होने से कमरे में कैद हैं। आखिर कब तक सहें?” – रहवासी दीपक चौधरी


डीएम से लगाई गुहार – चुनाव कराओ, व्यवस्था बहाल करो

निवासियों ने ग्रेटर नोएडा के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अपील की है कि:

  • जिला पूर्ति अधिकारी, जो चुनाव अधिकारी के रूप में नामित हैं, उन्हें प्रशासनिक समर्थन और सुरक्षा दी जाए।
  • कालातीत एओए के गैर-कानूनी हस्तक्षेप को तुरंत रोका जाए।
  • चुनाव की प्रक्रिया को तुरंत प्रारंभ कर नई कार्यकारिणी का गठन कराया जाए।
  • सोसायटी के रोज़मर्रा संचालन के लिए एक तदर्थ व्यवस्था बनाई जाए जब तक नई एओए नहीं बनती।

कानूनी पेच और राजनीतिक चुप्पी – कौन लेगा जिम्मेदारी?

सोसायटी रेजिडेंट्स का कहना है कि डिप्टी रजिस्ट्रार ने एओए को कालातीत घोषित कर सही कदम उठाया था, लेकिन इसके बाद जो निष्क्रियता रही, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह है।

“अगर चुनाव अधिकारी को सहयोग नहीं दिया जा रहा, तो यह प्रशासनिक विफलता है।” – रहवासी संगीता भाटी


सोसायटी के युवाओं की पहल – ऑनलाइन अभियान और धरना की तैयारी

अब सोसायटी के जागरूक युवाओं ने ऑनलाइन पिटीशन और सोशल मीडिया अभियान छेड़ने की तैयारी शुरू कर दी है।
हैशटैग्स जैसे –
#PanchsheelHighnishCrisis, #AOAElectionNow, #ResidentsRights, #LiftSafetyMatters, #NoMoreDelay, #DemocracyInSociety, #StopIllegalAOA, #SupportDistrictMagistrate
ट्विटर और इंस्टाग्राम पर ट्रेंड किए जा रहे हैं।


बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान

“हम वोट देने की उम्र में हैं लेकिन हमारी सोसायटी में हमारा ही अधिकार छीना जा रहा है।” – रहवासी सरोज शर्मा (65 वर्ष)
“पानी और सफाई नहीं, बच्चों को डर लगता है, ये हाईराइज़ है या हाइपर टेंशन?” – रहवासी नीलम यादव


क्या कहता है सोसायटी कानून?

उत्तर प्रदेश अपार्टमेंट एक्ट के अनुसार, एओए का कार्यकाल समाप्त होते ही नई एओए का गठन आवश्यक होता है। यदि कार्यकाल समाप्त हो चुका हो, तो चुनाव अधिकारी की निगरानी में निष्पक्ष चुनाव कराना अनिवार्य होता है।
लेकिन यहां पद पर बने रहने की ज़िद और रिकार्ड न सौंपना, कानून का उल्लंघन माना जाएगा।


रफ़्तार टुडे की अपील – सुनिए जनसंवेदना की आवाज

रफ़्तार टुडे प्रशासन से अपील करता है कि:

  • डीएम स्वयं इस मामले का संज्ञान लें और चुनावी प्रक्रिया को अविलंब प्रारंभ कराएं।
  • कालातीत कार्यकारिणी को कार्य से प्रतिबंधित किया जाए ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।
  • निवासियों की बुनियादी समस्याओं को प्राथमिकता पर लेकर तत्काल व्यवस्था बहाल की जाए।

सोशल मीडिया के ज़रिए बनाएं आवाज़ को बुलंद

आप भी अपनी बात पहुँचाएं – ट्वीट करें और पोस्ट करें
👉 #HighnishForDemocracy
👉 #LiftFixKaro
👉 #SahiAOAChahiye
👉 #SocietySuffers
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👉 #ResidentsNotPrisoners
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