Breaking News : तिलपता जाम से मिलेगी राहत!, Surajpur–Dadri Road पर डिवाइडर निर्माण शुरू, घंटों के ट्रैफिक संकट से मिल सकती है निजात, सुबह-शाम बन जाता था जाम का ‘हॉटस्पॉट’, लाखों यात्रियों की लाइफलाइन है यह सड़क, ट्रैफिक पुलिस और प्राधिकरण ने बनाई नई योजना

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा और नोएडा के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से जाम की समस्या से जूझ रहे तिलपता गांव के पास स्थित Surajpur–Dadri Road पर अब ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए सड़क के बीच डिवाइडर लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।
स्थानीय प्रशासन और ट्रैफिक विभाग की पहल पर शुरू हुए इस कार्य से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में इस मार्ग पर लगने वाले भारी जाम से लोगों को काफी हद तक राहत मिलेगी। यह सड़क ग्रेटर नोएडा, नोएडा, दादरी और हापुड़ को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं।
सुबह-शाम बन जाता था जाम का ‘हॉटस्पॉट’
दरअसल, तिलपता गांव से होकर गुजरने वाला Surajpur–Dadri Road पिछले कई वर्षों से ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या से जूझ रहा था। सुबह और शाम के पीक ऑवर में यह सड़क जाम का हॉटस्पॉट बन जाती थी।
दादरी और हापुड़ की दिशा से आने वाले वाहन जब ग्रेटर नोएडा और नोएडा की ओर बढ़ते थे तो तिलपता गांव के पास ट्रैफिक की रफ्तार अचानक धीमी हो जाती थी। कई बार हालात इतने खराब हो जाते थे कि वाहन चालकों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ता था।
इस समस्या का असर सिर्फ स्थानीय लोगों पर ही नहीं बल्कि रोजाना ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, व्यापारियों, छात्रों और मालवाहक वाहनों पर भी पड़ता था।
लाखों यात्रियों की लाइफलाइन है यह सड़क
Surajpur–Dadri Road को क्षेत्र की महत्वपूर्ण लाइफलाइन माना जाता है। यह मार्ग दादरी, हापुड़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को सीधे ग्रेटर नोएडा और नोएडा से जोड़ता है।
प्रतिदिन हजारों निजी वाहन, बसें, ट्रक और अन्य कमर्शियल वाहन इस सड़क से गुजरते हैं। ऐसे में थोड़ी सी भी बाधा ट्रैफिक को पूरी तरह प्रभावित कर देती है।
ट्रैफिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस सड़क पर डिवाइडर बनने से वाहनों की दिशा स्पष्ट होगी और अनियंत्रित कट, यू-टर्न और ओवरटेकिंग जैसी समस्याओं पर काफी हद तक रोक लग सकेगी।
अतिक्रमण ने बढ़ाई थी परेशानी
तिलपता गांव के पास ट्रैफिक जाम की समस्या को बढ़ाने में सड़क किनारे हुए अतिक्रमण की भी बड़ी भूमिका रही है। वर्षों से सड़क के दोनों किनारों पर अस्थायी दुकानें, ठेले और अन्य कब्जे बढ़ते चले गए, जिससे सड़क की चौड़ाई कम हो गई।
इसके कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने लगी और ट्रैफिक जाम की समस्या गंभीर होती चली गई। कई बार ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती थी।
ट्रैफिक पुलिस और प्राधिकरण ने बनाई नई योजना
तिलपता जाम से राहत दिलाने के लिए ट्रैफिक पुलिस और संबंधित प्राधिकरण ने कई बार बैठकें कर समाधान खोजने की कोशिश की। इसी क्रम में सड़क के बीच स्थायी डिवाइडर बनाने का निर्णय लिया गया।
अब इस योजना पर अमल शुरू हो गया है और सड़क के बीचोंबीच डिवाइडर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि डिवाइडर बनने के बाद वाहनों की लेन स्पष्ट हो जाएगी, जिससे ट्रैफिक का प्रवाह बेहतर होगा।
स्थानीय लोगों और यात्रियों में खुशी
डिवाइडर निर्माण का काम शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों और रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों में खुशी की लहर है। लोगों का कहना है कि अगर यह काम समय पर पूरा हो गया तो तिलपता जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
कई वाहन चालकों का कहना है कि अब तक उन्हें रोजाना जाम में फंसने के कारण काफी समय और ईंधन की बर्बादी झेलनी पड़ती थी। ऐसे में यह पहल उनके लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
आने वाले समय में और सुधार की उम्मीद
ट्रैफिक विशेषज्ञों का मानना है कि केवल डिवाइडर बनाना ही काफी नहीं होगा। इसके साथ-साथ सड़क किनारे अतिक्रमण हटाना, ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराना और आवश्यक स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल या पुलिस तैनाती भी जरूरी होगी।
यदि इन सभी उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है तो Surajpur–Dadri Road पर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह सुधर सकती है।
जाम से राहत की बढ़ी उम्मीद
फिलहाल सड़क पर डिवाइडर लगाने का काम शुरू हो जाने से लोगों में उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में तिलपता गांव के पास लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलेगी।
यदि यह परियोजना सफल रहती है तो यह क्षेत्र के ट्रैफिक प्रबंधन के लिए एक बड़ा उदाहरण भी बन सकती है और हजारों यात्रियों का रोजाना का सफर आसान हो सकेगा।



