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Breaking News : ग्रेटर नोएडा में मोमोज बना ‘ज़हर की पुड़िया’, एक ही परिवार के चार सदस्य फूड पॉइज़निंग का शिकार, अस्पताल में भर्ती, शहर के मशहूर अल्फा-1 कमर्शियल बेल्ट से खरीदे गए मोमोज ने भेजा परिवार को अस्पताल, फूड इंस्पेक्टर से सख्त कार्रवाई की मांग


ग्रेटर नोएडा, रफ्तार टुडे।
ग्रेटर नोएडा के एक प्रतिष्ठित बाजार में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक ही परिवार के चार सदस्यों को मोमोज खाने के बाद गंभीर फूड पॉइज़निंग हो गई और उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। घटना शहर के अल्फा-1 कमर्शियल बेल्ट की है, जहां रविवार शाम को बाजार में घूमने गए परिवार ने एक स्थानीय दुकान से मोमोज खाए और कुछ ही देर में उन्हें पेट में दर्द, उल्टी, दस्त और बुखार जैसे लक्षण दिखाई देने लगे।

कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया परिवार, हालत बनी हुई है गंभीर

जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवार ग्रेटर नोएडा के XU-2 सेक्टर में रहता है। मुनीता कसाना, विनय कसाना, पारूल कसाना और दीपिका कसाना नामक चारों सदस्य रोज की तरह रविवार को थोड़ी ताजगी के लिए पास के बाजार गए थे। शाम करीब 7 बजे उन्होंने बाजार के एक ठेले से मोमोज खरीदे और वहीं खा लिए। लेकिन कुछ ही देर में सभी को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत शुरू हो गई।

परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें कैलाश अस्पताल, ग्रेटर नोएडा में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर्स ने बताया कि यह गंभीर फूड पॉइज़निंग का मामला है और तत्काल इलाज शुरू किया गया।

डॉक्टरों की पुष्टि: मोमोज में था ‘विषैला केमिकल’

अस्पताल में प्राथमिक जांच के बाद चिकित्सकों ने बताया कि मोमोज में ऐसा पदार्थ मिला है, जो सामान्य रूप से भोजन में नहीं होता। डॉक्टर्स का मानना है कि या तो मोमोज को तैयार करने में किसी खराब तेल या सड़े हुए सब्ज़ियों का इस्तेमाल किया गया या फिर उसे अधिक समय तक खुले में रखे रहने के कारण बैक्टीरियल संक्रमण हो गया।
इसके अलावा, यह भी आशंका जताई जा रही है कि मोमोज के साथ दी जाने वाली चटनी में कोई केमिकल या रंग मिला हो सकता है।

डॉक्टरों का बयान:

“यह एक क्लासिकल केस है फूड बॉर्न इलनेस का, जिसमें गंदगी, संक्रमण और केमिकल्स की भूमिका प्रमुख होती है। यदि समय रहते इलाज न होता तो मामला जानलेवा हो सकता था।” — डॉ. आर के चौहान, मेडिकल अफसर, कैलाश हॉस्पिटल

फूड सेफ्टी विभाग को दी गई शिकायत, दुकानदार पर कार्रवाई की मांग

घटना के तुरंत बाद परिवार ने लिखित शिकायत जिला फूड इंस्पेक्टर, गौतम बुद्ध नगर को सौंपी है, जिसमें निम्नलिखित माँगें की गई हैं:

  • अल्फा-1 मार्केट में उस मोमोज दुकान पर तत्काल छापा डाला जाए।
  • सभी फूड आइटम्स के सैंपल लिए जाएं और लैब टेस्ट कराया जाए।
  • यदि दोष सिद्ध होता है तो दुकान को तत्काल सील किया जाए और दुकानदार पर FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई हो।

शिकायत के साथ पीड़ितों ने अपनी मेडिकल रिपोर्ट्स, अस्पताल का बिल और फोटो/वीडियो सबूत भी संलग्न किए हैं।

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ग्रेटर नोएडा में मोमोज बना ‘ज़हर की पुड़िया’, एक ही परिवार के चार सदस्य फूड पॉइज़निंग का शिकार, अस्पताल में भर्ती, शहर के मशहूर अल्फा-1 कमर्शियल बेल्ट से खरीदे

परिवार का दर्द: “संडे स्पेशल बना ज़हर की थाली”

पीड़ित विनय कसाना ने रफ्तार टुडे से बातचीत में बताया:

“हम सोच रहे थे कि रविवार की शाम कुछ अलग खा लें, तो बच्चों की पसंद पर मोमोज ले लिए। लेकिन हमें क्या पता था कि ये मोमोज ज़हर का काम करेंगे। डॉक्टर ने साफ कहा कि ये अगर थोड़ी देर और हो जाती तो हालत और बिगड़ सकती थी। अब हम सिर्फ न्याय चाहते हैं।”


ग्रेटर नोएडा के खानपान सिस्टम पर बड़ा सवाल

अल्फा-1, परी चौक और जगत फ़ार्म जैसे इलाके ग्रेटर नोएडा के मुख्य मार्केट माने जाते हैं, जहां हर दिन हजारों लोग आते हैं। लेकिन इन स्थानों पर खुले में बिक रहे खाने की गुणवत्ता पर कई बार सवाल उठ चुके हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकांश ठेले, फूड वैन और सस्ते स्टॉल्स पर न तो साफ़-सफाई का ध्यान रखा जाता है और न ही फूड सेफ्टी लाइसेंस होते हैं। यही कारण है कि अक्सर लोग बीमार पड़ते हैं लेकिन रिपोर्टिंग नहीं हो पाती।


नागरिकों और RWA की मांग: “हर स्टॉल का हो लैब टेस्ट और लाइसेंस चेक”

ग्रेटर नोएडा RWA महासंघ के अध्यक्ष देवेंद्र टाइगर ने कहा:

“हमने पहले भी प्राधिकरण और जिला प्रशासन से मांग की थी कि सभी खुले फूड स्टॉल्स और वैन पर लाइसेंस और सफाई की जांच होनी चाहिए। लेकिन ज़्यादातर बार यह खानापूर्ति बनकर रह जाती है।”

आर्य नगर RWA के महासचिव वीरेश भाटी ने भी इस घटना पर नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा कि खाद्य विभाग की टीम हर हफ्ते एक बार रैंडम टेस्टिंग करे और दोषी दुकानदारों पर सख्त एक्शन लिया जाए।


सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल

घटना के बाद जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, लोगों ने प्रशासन और फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की जमकर आलोचना शुरू कर दी। ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर #FoodPoisoningNoida, #ZaharilaKhana जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। कुछ लोगों ने तो घटना की तुलना सामूहिक हत्या के प्रयास से कर दी।


🆘 रफ्तार टुडे की अपील: सावधानी ही सुरक्षा है

हमारे पाठकों से अपील है कि वे बाजार से फास्ट फूड खरीदते समय सतर्क रहें:

  • साफ़-सफाई देखें
  • केवल लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही खरीदारी करें
  • शक होने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें

यदि आप भी किसी प्रकार की फूड सेफ्टी से जुड़ी घटना के शिकार हुए हैं, तो नीचे दिए गए संपर्क माध्यमों से शिकायत करें:


शिकायतकर्ता की जानकारी

  • नाम: मुनीता कसाना, विनय कसाना, पारूल कसाना, दीपिका कसाना
  • वर्तमान पता: सी-445, XU-2, ग्रेटर नोएडा
  • स्थायी पता: ग्राम हाजीपुर, सेक्टर 104, नोएड
  • शिकायत दिनांक: 29.05.2025

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