शिक्षाग्रेटर नोएडा

GD Goenka Public School News : लाल किले की प्राचीरों से टकराई जिज्ञासा की आवाज़ें!, जी.डी. गोयनका पब्लिक स्कूल के छात्रों ने किया ऐतिहासिक भ्रमण, सीखा स्वाधीनता संग्राम का जीवंत पाठ


ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
इतिहास जब किताबों की सीमाओं से निकलकर आँखों के सामने सजीव हो जाए, तब शिक्षा केवल ज्ञान नहीं, अनुभव बन जाती है। यही दृश्य देखने को मिला जब जी.डी. गोयनका पब्लिक स्कूल, स्वर्ण नगरी, ग्रेटर नोएडा के कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों ने अपने शिक्षकों के साथ भारत की गौरवशाली ऐतिहासिक धरोहर लाल किला का शैक्षणिक भ्रमण किया।


लाल किले के प्राचीरों ने सुनाई इतिहास की गूंज

दिल्ली स्थित लाल किला, जहां से हर साल स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री तिरंगा फहराते हैं, वह केवल ईंट-पत्थरों की इमारत नहीं, बल्कि भारत के गौरव, संघर्ष और स्वतंत्रता का प्रतीक है। विद्यार्थियों ने इस ऐतिहासिक किले के दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय, मुग़ल वास्तुकला के भव्य स्तंभों, और प्राचीरों का अवलोकन किया।

गाइड द्वारा बताए गए किस्से – बहादुर शाह ज़फ़र की वीरगाथा, स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियाँ और मुग़लकालीन दरबार की संस्कृति – ने छात्रों को इतिहास से एक गहरा जुड़ाव अनुभव कराया।


विद्यार्थियों की आंखों में दिखा देशभक्ति का उत्साह

बच्चों की आंखों में सिर्फ जिज्ञासा ही नहीं, बल्कि देशभक्ति की चमक भी दिखी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी दीर्घाओं में गहन रुचि दिखाई।
कुछ छात्रों ने प्रश्न पूछकर यह भी जानने की कोशिश की कि 1857 की क्रांति में लाल किले की भूमिका क्या रही, तो किसी ने ‘आजादी की पहली पुकार’ किस किले से उठी – यह भी जानना चाहा।

इस संवादात्मक अनुभव ने न सिर्फ उनकी ऐतिहासिक समझ को सशक्त किया, बल्कि उनमें राष्ट्र प्रेम, विरासत के प्रति सम्मान और टीमवर्क की भावना को भी मजबूत किया।


शिक्षकों और मार्गदर्शकों ने बढ़ाया अनुभवात्मक शिक्षा का महत्व

इस दौरान उपस्थित शिक्षकों ने बताया कि इस प्रकार के भ्रमण विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक के बाहर जाकर सोचने और समझने की प्रेरणा देते हैं।
विद्यालय की प्रधानाचार्या रेनू सहगल ने कहा—

“लाल किले जैसे स्थानों की भव्यता और ऐतिहासिकता बच्चों को न केवल रोमांचित करती है, बल्कि उन्हें आत्मचिंतन और प्रश्न पूछने की प्रवृत्ति के लिए भी प्रेरित करती है। यह भ्रमण बच्चों के भीतर ‘शिक्षा’ को ‘अनुभव’ में बदलने का माध्यम बना।”


ग्रुप एक्टिविटी, प्रश्नोत्तर सत्र और देशभक्ति गीतों से हुआ माहौल और जीवंत

भ्रमण के दौरान छात्रों ने एक छोटा समूह प्रस्तुति सत्र भी किया, जिसमें उन्होंने लाल किले से जुड़ी घटनाओं पर संक्षिप्त भाषण, कविता पाठ, और देशभक्ति गीत गाकर माहौल को भावनात्मक बना दिया।


वापसी की राह भी रही ज्ञान और प्रेरणा से भरपूर

छात्रों ने बस में लौटते समय अपने अनुभव साझा किए—

  • “आज समझ आया कि लाल किला केवल एक इमारत नहीं, इतिहास की आत्मा है।”
  • “स्वतंत्रता सेनानियों का बलिदान और लाल किले की गाथा मेरे दिल को छू गई।”
  • “अब किताबें पढ़ते समय उनके दृश्य आंखों के सामने होंगे।”

अनुभव के लाभ

  • इतिहास की व्यवहारिक समझ
  • सांस्कृतिक विरासत के प्रति आदरभाव
  • राष्ट्र प्रेम की भावना में वृद्धि
  • टीमवर्क और समूह में संवाद का अभ्यास
  • समाचार, मीडिया और भारतीय धरोहरों से जोड़ने की पहल

प्रमुख हैशटैग्स:

#GDGoenkaHeritageTrip
#RedFortExploration
#StudentLearningBeyondBooks
#PatriotismInClassroom
#ExperientialEducation
#HistoricalAwareness
#LalQilaVisit
#GoenkaAtRedFort
#YoungHistorians
#RaftarTodayEducation
#DelhiHeritageTour
#IndianIndependenceJourney
#MughalArchitectureExperience
#BachchonKiTareekhSeMulaqat
#GrNoidaSchoolActivities


🛑 Raftar Today व्हाट्सएप चैनल से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक को टच करें:
👉 Follow the Raftar Today channel on WhatsApp

📍 Twitter (X): Raftar Today (@raftartoday)


रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Back to top button