Breaking News : "ऑपरेशन सफल हुआ लेकिन मरीज नहीं बची होती!", नोएडा के नामी हॉस्पिटल पर मरीज की जान से खिलवाड़ का सनसनीखेज आरोप, पति ने दर्ज कराई शिकायत, उठे मेडिकल लापरवाही पर बड़े सवाल, दर्द से तड़पती रही पत्नी, समय रहते न संभलते तो जान चली जाती...
यथार्थ हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा के डॉक्टर बोले- सब ठीक है, लेकिन स्टोन रह गया शरीर में! दर्द से तड़पती रही पत्नी, समय रहते न संभलते तो जान चली जाती...

ग्रेटर नोएडा, रफ्तार टुडे।
स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर हर साल लाखों रुपए खर्च करने वाले लोग जब अपने प्रियजनों की जान को सुरक्षित मानते हैं, तो उन्हें यह उम्मीद रहती है कि डॉक्टर, नर्स और अस्पताल प्रबंधन पूरी ईमानदारी से इलाज करेंगे। लेकिन जब यही भरोसा टूटे, और डॉक्टर की ‘सर्जिकल भूल’ जानलेवा बन जाए — तब सवाल सिर्फ एक नहीं, कई उठते हैं।
जी हां, ग्रेटर नोएडा के अम्रपाली ग्रैंड सोसाइटी में रहने वाले पूर्व सचिव एडवोकेट धीरेंद्र भाटी S% राजसिंह भाटी प्रधान ने ग्रेटर नोएडा के मशहूर यथार्थ हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनकी पत्नी राखी की गॉलब्लैडर सर्जरी के दौरान कथित लापरवाही ने उन्हें मौत के मुंह तक पहुंचा दिया।
कैसे शुरू हुई ये मेडिकल त्रासदी?
पूर्व सचिव एडवोकेट धीरेंद्र भाटी ने बताया कि दिनांक 30 मई 2025 को उनकी पत्नी राखी को अचानक पेट में तेज़ दर्द हुआ। अल्ट्रासाउंड में पता चला कि गॉलब्लैडर (पित्ताशय) में दो स्टोन हैं, जिसमें से एक 10 एमएम का है। तुरंत यथार्थ हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ डॉ. हमीदी ने तत्काल ऑपरेशन की सलाह दी।
“ऑपरेशन सफल रहा”, लेकिन स्टोन में ‘गलती’ रह गई…
31 मई को लेप्रोस्कोपिक चोलेसिस्टेक्टॉमी (Gallbladder removal) हुआ। डॉक्टर ने ऑपरेशन के बाद बताया कि स्टोन निकाल लिया गया है। एक स्टोन को मरीज के पति को दिखाया गया, लेकिन दूसरे स्टोन के बारे में सिर्फ इतना कहा गया कि वह “लेब टेस्टिंग” के लिए भेजा गया है।
ऑपरेशन के बाद भी दर्द से तड़पती रही राखी
राखी को जब होश आया, तो उन्होंने तुरंत पेट और कंधे में दर्द की शिकायत की। डॉक्टरों ने इसे “नॉर्मल पोस्ट-सर्जरी दर्द” कहकर पेनकिलर दे दिए। लेकिन दर्द थमा नहीं। 2 जून को राखी को डिस्चार्ज कर दिया गया, लेकिन उसी रात उनकी हालत फिर बिगड़ गई।
बार-बार की गई शिकायतों पर भी नहीं दी गंभीरता
रात को जब हालत ज्यादा खराब हुई, तो परिजनों ने यथार्थ हॉस्पिटल में कॉल कर के मदद मांगी। वहां से केवल डायनापार इंजेक्शन लगाने की सलाह दी गई। 3 जून को फिर से डॉक्टर को दिखाया गया, पर वही जवाब मिला — “यह ऑपरेशन के बाद का सामान्य दर्द है।”
एमआरसीपी टेस्ट भी बताया ‘सब नॉर्मल’ लेकिन सच्चाई कुछ और थी!
4 जून को राखी का MRCP टेस्ट कराया गया, जिसमें फिर से सबकुछ सामान्य बताया गया। लेकिन दर्द और हालत लगातार बिगड़ती गई। तब पूर्व सचिव एडवोकेट धीरेंद्र भाटी ने अपनी पत्नी की रिपोर्ट्स एक अन्य विशेषज्ञ डॉ. आशीष वशिष्ठ को दिखाई। यहां से सच्चाई सामने आई।
खुलासा — दूसरा स्टोन शरीर में ही फंसा हुआ था, गॉलब्लैडर का हिस्सा भी नहीं निकाला गया था!
डॉ. वशिष्ठ ने बताया कि एक स्टोन अभी भी शरीर में है और पित्ताशय का कुछ हिस्सा अभी भी अंदर फंसा है, जिससे Fluid Leakage हो रहा है। यह स्थिति जानलेवा हो सकती थी। यहीं से पूर्व सचिव एडवोकेट धीरेंद्र भाटी ने राखी को तुरंत मैक्स हॉस्पिटल, साकेत शिफ्ट किया।
मैक्स हॉस्पिटल में दूसरी सर्जरी, तब जाकर मिला आराम
मैक्स साकेत में राखी को आईसीयू में भर्ती किया गया। 6 जून को एक और सर्जरी कर के बचा हुआ स्टोन और गॉलब्लैडर का हिस्सा निकाला गया। तब जाकर उनकी हालत में सुधार आया।
यथार्थ हॉस्पिटल पर गंभीर लापरवाही के आरोप
पूर्व सचिव एडवोकेट धीरेंद्र भाटी का आरोप है कि:
- डॉक्टर हमीदी को पहले से पता था कि स्टोन अंदर रह गया है।
- हॉस्पिटल मालिक कपिल त्यागी को भी इस लापरवाही की जानकारी थी।
- जानबूझकर मरीज को गुमराह किया गया और दूसरा स्टोन निकालने की कोशिश नहीं की गई।
- झूठे बहाने बनाकर मरीज को दोबारा उसी अस्पताल में भर्ती किया गया ताकि लापरवाही का सबूत न मिले।
एफआईआर की मांग
पूर्व सचिव एडवोकेट धीरेंद्र भाटी ने अपने पत्र में यथार्थ हॉस्पिटल के मालिक कपिल त्यागी, डॉ. हमीदी, डॉ. इकबाल और अस्पताल स्टाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
अब सवाल देश के हेल्थ सिस्टम पर भी!
- क्या कोई डॉक्टर किसी मरीज की जान से इस तरह खेल सकता है?
- क्या बड़े अस्पतालों को मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने का लाइसेंस मिल गया है?
- मेडिकल काउंसिल, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन कब चेतेंगे?
रफ्तार टुडे की मांग:
- स्वास्थ्य विभाग यथार्थ हॉस्पिटल की जांच कराए।
- चिकित्सकीय लापरवाही साबित होने पर डॉक्टरों के लाइसेंस रद्द हों।
- अस्पताल पर आर्थिक दंड और मरीज को मुआवज़ा दिया जाए।
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✍️ रफ्तार टुडे इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो, ग्रेटर नोएडा
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