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NIET College News : एनआईईटी ग्रेटर नोएडा में आयोजित हुआ द्वितीय आईईईई अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन - इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ एंड इनोवेशन फ़ॉर सस्टेनेबिलिटी (ETIS), 1012+ शोध पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से कठोर समीक्षा प्रक्रिया के बाद 200+ शोध पत्रों का चयन किया

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। एनआईईटी ग्रेटर नोएडा ने दिनांक 28 और 29 नवम्बर को द्वितीय आईईईई अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन – इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ एंड इनोवेशन फ़ॉर सस्टेनेबिलिटी (ETIS) का सफल आयोजन किया। इस वर्ष सम्मेलन को देश-विदेश से असाधारण प्रतिक्रिया मिली, जहाँ १०१२+ शोध पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से कठोर समीक्षा प्रक्रिया के बाद २००+ शोध पत्रों का चयन किया गया। इनमें २५+ अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र शामिल रहे, जबकि ४००+ विशेषज्ञ समीक्षकों ने मूल्यांकन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान दिया।


सम्मेलन के पहले दिन के मुख्य अतिथि प्रो. एस. एन. सिंह, एडवाइज़र – आईईईई यूपी सेक्शन एवं निदेशक, आईआईआईटीएम ग्वालियर रहे। उन्होंने अपने प्रेरणादायक संबोधन में ऊर्जा प्रणाली, स्मार्ट तकनीकों और सतत विकास हेतु अनुसंधान के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। दिन १ के keynote speakers में रेनाटा स्गुआरियो, संस्थापक एवं सीईओ – Maxme, ऑस्ट्रेलिया, तथा डॉ. सुधांशु गुप्ता, सीनियर डायरेक्टर – टैलेंट ट्रांसफॉर्मेशन, NTT Data शामिल रहे। रेनाटा ने वैश्विक कौशल विकास, डिजिटल व्यवहारिक शिक्षा और नई पीढ़ी के नेतृत्व मॉडल पर अपने विचार साझा किए, वहीं डॉ. गुप्ता ने उभरती तकनीकों, उद्योग की बदलती आवश्यकताओं और प्रतिभा परिवर्तन के भविष्य पर विस्तार से चर्चा की।


सम्मेलन के दूसरे दिन के मुख्य अतिथि प्रो. मोहद. रिहान, डायरेक्टर जनरल – नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी (NISE), चेयर-इलेक्ट – आईईईई यूपी सेक्शन, वाइस चेयर – DLN JET एवं FIET (UK) रहे। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा, सोलर इनोवेशन और भारत की तकनीकी नेतृत्व क्षमता पर गहन विचार प्रस्तुत किए। दिन २ के keynote speakers में डॉ. रमेश सिंह, स्ट्रैटेजिक लीडर – सस्टेनेबल इनोवेशन, टाटा एलक्सी, तथा डॉ. डैनियल डी. दासिग, डायरेक्टर – R&D ऑफिस एवं क्वालिटी एश्योरेंस कोऑर्डिनेटर, फिलीपींस वूमेन्स यूनिवर्सिटी शामिल रहे। दोनों विशेषज्ञों ने तकनीकी नवाचारों, सस्टेनेबल ट्रांसपोर्टेशन, उद्योग-उन्मुख शोध एवं ग्लोबल अकादमिक सहयोग पर अपने अनुभव साझा किए।


एनआईईटी की अतिरिक्त प्रबंध निदेशक डॉ. नीमा अग्रवाल ने सम्मेलन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा,
“ETIS जैसे सम्मेलनों से युवा शोधकर्ताओं और छात्रों को वैश्विक मंच मिलता है, जहाँ वे अपनी क्षमता, नवाचार और शोध दृष्टिकोण को नए आयाम दे सकते हैं। एनआईईटी सदैव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उद्योग-उन्मुख अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।”

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एनआईईटी ग्रेटर नोएडा में आयोजित हुआ द्वितीय आईईईई अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन – इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ एंड इनोवेशन फ़ॉर सस्टेनेबिलिटी (ETIS)


एनआईईटी के निदेशक डॉ. विनोद एम. कपसे ने कहा,
“इस वर्ष हमें विश्वभर से अत्यंत उत्कृष्ट शोध कार्य प्राप्त हुए, जो इस सम्मेलन की बढ़ती प्रतिष्ठा और वैश्विक विश्वास को स्पष्ट दर्शाते हैं। इतनी व्यापक सहभागिता यह सिद्ध करती है कि ETIS अब ज्ञान-विनिमय का एक सुदृढ़ और प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच बन चुका है। हम सभी प्रतिभागियों, समीक्षकों, उद्योग विशेषज्ञों और सम्मानित अतिथियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं, जिनके सहयोग से यह दो-दिवसीय सम्मेलन ज्ञान, नवाचार और सार्थक सहयोग का एक प्रेरणादायी मंच बन गया।”


एनआईईटी, ग्रेटर नोएडा देश के अग्रणी तकनीकी संस्थानों में से एक है, जो अपनी मजबूत अकादमिक संरचना, अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं और उत्कृष्ट प्लेसमेंट रिकॉर्ड के लिए जाना जाता है. यह सम्मेलन एनआईईटी की उस निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसके तहत संस्थान विद्यार्थी-केंद्रित शोध, नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।

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Raftar Today
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