
नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। सेक्टर-94 में बनने जा रहा नोएडा कन्वेंशन एंड हैबिटेट सेंटर अब शहर की सिग्नेचर बिल्डिंग के रूप में स्थापित होगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना न सिर्फ नोएडा के शहरी स्वरूप को नया आयाम देगी, बल्कि शहर को बड़े आयोजनों, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और व्यावसायिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र भी बनाएगी।
नोएडा प्राधिकरण इस परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत जमीन पर उतारने जा रहा है। इसके लिए निजी निवेशक परियोजना का निर्माण और संचालन करेंगे, जबकि जमीन नोएडा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।
सेक्टर-94 में बनेगा आधुनिक कन्वेंशन हब
नोएडा प्राधिकरण के अनुसार सेक्टर-94 में लगभग एक लाख वर्ग मीटर क्षेत्रफल में इस अत्याधुनिक कन्वेंशन एंड हैबिटेट सेंटर का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना दिल्ली से सटे क्षेत्र में नोएडा की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करेगी।
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. लोकेश एम ने बताया कि यह भवन वास्तुकला की दृष्टि से अत्यंत आकर्षक होगा और इसे शहर की सिग्नेचर इमारत के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके डिजाइन में ग्रीन बिल्डिंग अवधारणा और आधुनिक शहरी जरूरतों को ध्यान में रखा गया है।
पांच हिस्सों में विकसित होगी पूरी परियोजना
नोएडा कन्वेंशन एंड हैबिटेट सेंटर को पांच प्रमुख भागों में विकसित किया जाएगा—
भाग-1: कन्वेंशन ब्लॉक – 21,659 वर्गमीटर
भाग-2: सेंट्रल ब्लॉक – 12,924 वर्गमीटर
भाग-3: वेस्ट ब्लॉक – 15,691 वर्गमीटर
भाग-4: होटल ब्लॉक – लगभग 1,980 वर्गमीटर
भाग-5: सहायक सुविधाएं और ओपन स्पेस
पूरी परियोजना का कुल निर्मित क्षेत्र लगभग 97,000 वर्गमीटर होगा।
होटल, ऑडिटोरियम और एग्जीबिशन हॉल की सुविधा
इस मेगा प्रोजेक्ट में एक 150 कमरों वाला होटल, अत्याधुनिक ऑडिटोरियम, बड़े स्तर का एग्जीबिशन हॉल, आर्ट गैलरी, ओपन एयर थिएटर और पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी।
इसके अलावा रेस्टोरेंट, फूड कोर्ट, मीटिंग रूम्स और कॉन्फ्रेंस हॉल जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, ताकि यह केंद्र देश-विदेश से आने वाले प्रतिनिधियों और आगंतुकों के लिए एक संपूर्ण अनुभव प्रदान कर सके।
PPP मॉडल से होगा निर्माण, प्राधिकरण को मिलेगा राजस्व
इस परियोजना को पीपीपी मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा, जिससे नोएडा प्राधिकरण को निर्माण पर सीधा खर्च नहीं करना पड़ेगा। निजी कंपनी परियोजना में निवेश करेगी और संचालन करेगी, जबकि प्राधिकरण को भूमि के बदले हजारों करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की संभावना है।
अनुमान के अनुसार, इस परियोजना से नोएडा प्राधिकरण को करीब 3000 करोड़ रुपये से अधिक की आय हो सकती है, साथ ही हर वर्ष नियमित राजस्व भी प्राप्त होगा।
पर्यावरण और स्मार्ट तकनीक पर विशेष जोर
नोएडा कन्वेंशन एंड हैबिटेट सेंटर को पूरी तरह ग्रीन बिल्डिंग की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसमें—
सोलर पैनल से बिजली उत्पादन
रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
वाटर रिसाइक्लिंग प्लांट
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन
जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी।
पहले चरण में जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना का मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है और जल्द ही इसके पहले चरण का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इसका निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, ताकि तय समयसीमा में यह परियोजना पूरी हो सके।
नोएडा को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय पहचान का मंच
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कन्वेंशन सेंटर के शुरू होने के बाद नोएडा बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, व्यापारिक मेलों, सांस्कृतिक आयोजनों और वैश्विक बैठकों का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
यह परियोजना न सिर्फ रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी, बल्कि होटल, रियल एस्टेट, पर्यटन और सेवा क्षेत्र को भी बड़ा बढ़ावा देगी।
नोएडा के विकास में मील का पत्थर
कुल मिलाकर, नोएडा कन्वेंशन एंड हैबिटेट सेंटर को शहर के विकास की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है। यह परियोजना नोएडा को केवल एक आईटी और इंडस्ट्रियल हब ही नहीं, बल्कि एक ग्लोबल इवेंट डेस्टिनेशन के रूप में भी स्थापित करने की क्षमता रखती है।



