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Spark Minda News : “जेवर में इंडस्ट्री की नई दस्तक” — स्पार्क मिंडा-टोयोडेंसो को 7 एकड़ जमीन, 220 करोड़ का निवेश और हजारों रोजगार की उम्मीद, कंपनी को सौंपा गया लेटर ऑफ इंटेंट, रोजगार के नए अवसर खुलेंगे, पुणे और बेंगलुरु में रिसर्च सेंटर

जेवर, रफ़्तार टूडे। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र में औद्योगिक विकास को एक और बड़ी गति मिलने जा रही है। Yamuna Expressway Industrial Development Authority (YEIDA) ने आज ऑटोमोबाइल कंपोनेंट सेक्टर की प्रमुख कंपनी Spark Minda Toyodenso India Private Limited को सेक्टर-8D में 7 एकड़ भूमि का लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) सौंप दिया।
यह कदम न केवल जेवर और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को तेज करेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।


कंपनी को सौंपा गया लेटर ऑफ इंटेंट
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी Rakesh Kumar Singh और अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी Shailendra Kumar Bhatia ने कंपनी के कार्यकारी निदेशक Ashok Das तथा Piyush Goyal को औपचारिक रूप से यह लेटर ऑफ इंटेंट प्रदान किया।
इस अवसर पर Minda Corporation Limited (स्पार्क मिंडा ग्रुप) के कॉरपोरेट मामलों के प्रमुख Amit Jalan भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और कंपनी प्रतिनिधियों ने परियोजना के औद्योगिक महत्व और क्षेत्रीय विकास में इसकी भूमिका पर भी चर्चा की।

220 करोड़ का निवेश, बड़ी उत्पादन इकाई की तैयारी
इस परियोजना के तहत Spark Minda Toyodenso India Private Limited सेक्टर-8D में अत्याधुनिक उत्पादन इकाई स्थापित करेगी।
कंपनी यहां लगभग 220 करोड़ रुपये का निवेश करेगी और हर साल करीब 20 लाख यूनिट स्विच, सेंसर और अन्य ऑटो स्विच सिस्टम का उत्पादन किया जाएगा।
ये ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स आधुनिक वाहनों की इलेक्ट्रॉनिक और सेफ्टी प्रणाली के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इस उत्पादन इकाई के शुरू होने से भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर की सप्लाई चेन को भी मजबूती मिलेगी।


रोजगार के नए अवसर खुलेंगे
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना की स्थापना से क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र में काम करने के नए रास्ते खुलेंगे। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में छोटे उद्योग, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा।


निवेश प्रोत्साहन नीति का मिला लाभ
यह परियोजना उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत स्थापित की जा रही है।
चूंकि यह कंपनी एक बड़े वैश्विक औद्योगिक समूह का हिस्सा है और फॉर्च्यून-500 कंपनियों से जुड़े नेटवर्क में काम करती है, इसलिए इसे नीति के अंतर्गत सहायक अनुदान (इंसेंटिव) भी प्रदान किया गया है।
इससे प्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की सरकार की रणनीति को मजबूती मिल रही है।

स्पार्क मिंडा ग्रुप की वैश्विक मौजूदगी
Spark Minda Group भारत के ऑटोमोबाइल कंपोनेंट सेक्टर का एक प्रमुख नाम है। इसकी प्रमुख कंपनी Minda Corporation Limited की भारत सहित कई देशों में उत्पादन इकाइयाँ संचालित हैं।
वर्तमान में कंपनी के भारत, वियतनाम, इटली, जापान और इंडोनेशिया में कुल 27 उत्पादन संयंत्र काम कर रहे हैं।
कंपनी वैश्विक स्तर पर कई उन्नत क्षेत्रों में कार्य कर रही है, जिनमें शामिल हैं:
मेकेट्रॉनिक्स सिस्टम
सूचना एवं कनेक्टेड टेक्नोलॉजी
प्लास्टिक और ऑटो इंटीरियर उत्पाद
आफ्टरमार्केट ऑटोमोबाइल उत्पाद
इलेक्ट्रिक वाहन एवं ऑटो इलेक्ट्रॉनिक्स


पुणे और बेंगलुरु में रिसर्च सेंटर
स्पार्क मिंडा ग्रुप तकनीकी नवाचार पर भी विशेष ध्यान देता है। कंपनी ने भारत में पुणे और बेंगलुरु में अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्र स्थापित किए हैं।
इन केंद्रों में ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी नई तकनीकों पर शोध किया जाता है।
यही वजह है कि कंपनी लगातार वैश्विक ऑटोमोबाइल कंपनियों के साथ तकनीकी साझेदारी में आगे बढ़ रही है।

जेवर क्षेत्र बन रहा औद्योगिक हब
यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में लगातार नए निवेश आने से यह इलाका तेजी से औद्योगिक और आर्थिक हब के रूप में विकसित हो रहा है।
विशेष रूप से Noida International Airport के निर्माण के बाद इस क्षेत्र में उद्योगों की दिलचस्पी और बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और औद्योगिक सेक्टर के संयुक्त विकास से आने वाले वर्षों में यह इलाका उत्तर भारत का एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स केंद्र बन सकता है।


क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई रफ्तार
स्पार्क मिंडा-टोयोडेंसो की इस नई परियोजना को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इससे न केवल उद्योगों का नेटवर्क मजबूत होगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और तकनीकी विकास को भी नई गति मिलेगी।
आने वाले समय में जेवर और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र उत्तर भारत के सबसे तेजी से विकसित होते औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल हो सकते हैं।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
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