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YEIDA Board Mitting News : “जेवर के विकास का मास्टर प्लान अपडेट!”, YEIDA की 89वीं बोर्ड बैठक में बड़ा फैसला, बढ़ेंगी प्लॉट दरें, 11 लाख करोड़ के आसपास का बजट और नए प्रोजेक्ट्स से बदलेगा पूरा क्षेत्र, 11,82,969 लाख रुपये का मेगा बजट—विकास को मिलेगी रफ्तार, निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार—तीनों को मिलेगा फायदा, “जेवर बन रहा है भविष्य का इंजन”

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 89वीं बोर्ड बैठक ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि आने वाला समय जेवर और आसपास के क्षेत्रों के लिए विकास का स्वर्णिम दौर लेकर आने वाला है। शुक्रवार को आयोजित इस अहम बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कई बड़े और दूरगामी फैसले लिए गए, जिनका असर न केवल निवेशकों बल्कि आम नागरिकों और उद्योग जगत पर भी देखने को मिलेगा।
बैठक की अध्यक्षता प्राधिकरण के चेयरमैन आलोक कुमार ने की, जबकि सीईओ राकेश कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में विकास, निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और वित्तीय रणनीति से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी।


प्लॉट खरीदने वालों को झटका! 1 अप्रैल से बढ़ेंगी दरें
इस बैठक का सबसे बड़ा और सीधा असर आम लोगों और निवेशकों पर पड़ने वाला फैसला है—प्लॉट दरों में वृद्धि।
YEIDA ने आवासीय, वाणिज्यिक, संस्थागत और औद्योगिक श्रेणियों की आवंटन/बिड दरों में 3.58% की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी।
प्राधिकरण का कहना है कि यह वृद्धि मुद्रास्फीति (Inflation) को ध्यान में रखते हुए की गई है, ताकि विकास परियोजनाओं की लागत और गुणवत्ता दोनों को संतुलित रखा जा सके। इसका मतलब साफ है—अगर आप जेवर या यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में प्लॉट खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए समय बेहद महत्वपूर्ण है।

11,82,969 लाख रुपये का मेगा बजट—विकास को मिलेगी रफ्तार
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक विशाल बजट प्रस्ताव भी पेश किया गया, जो इस क्षेत्र के विकास की दिशा तय करेगा।
कुल प्रस्तावित आय: ₹11,82,969.19 लाख
कुल प्रस्तावित व्यय: ₹11,81,101.46 लाख
यह बजट बताता है कि आने वाले समय में प्राधिकरण बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाओं पर काम करने जा रहा है।
आय के प्रमुख स्रोत
आवंटन से प्राप्तियां: ₹7,75,066.52 लाख
ऋण व अग्रिम: ₹2,90,050.00 लाख
अन्य राजस्व: ₹1,17,848.67 लाख
खर्च के प्रमुख क्षेत्र
भूमि अधिग्रहण: ₹8,00,000.00 लाख
विकास व निर्माण कार्य: ₹2,01,193.46 लाख
ऋण व अग्रिम: ₹70,518.00 लाख
साफ है कि सबसे ज्यादा फोकस भूमि अधिग्रहण और इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर रहेगा, जो आने वाले समय में बड़े निवेश और रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

इन्फोटेक पार्क: निवेशकों के लिए बड़ा मौका
YEIDA ने अपने अर्बन सेंटर के तहत प्रस्तावित इन्फोटेक पार्क प्रोजेक्ट में भी बड़ा बदलाव किया है।
बोर्ड ने बिड डॉक्यूमेंट में संशोधन कर निवेशकों को अधिक लचीलापन और अवसर देने का फैसला लिया है।
इससे आईटी, टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप सेक्टर में निवेश बढ़ने की उम्मीद है, जिससे जेवर क्षेत्र को एक नया टेक हब बनने का मौका मिल सकता है।

ट्रैफिक पार्क और ट्रेनिंग सेंटर—नई पीढ़ी को मिलेगा सीखने का मौका
बैठक में एक और अहम फैसला लिया गया—“Traffic Park cum Training Centre” की स्थापना।
यह प्रोजेक्ट होंडा इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से जेवर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा।
बच्चों और आम नागरिकों को ट्रैफिक नियमों की ट्रेनिंग दी जाएगी
सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी
प्राधिकरण भूमि मुफ्त देगा
संचालन का खर्च संस्था उठाएगी
यह पहल भविष्य की पीढ़ी को जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

ट्रांसपोर्ट प्लान पर भी काम शुरू—नई कमेटी गठित
बैठक में ट्रांसपोर्ट लेआउट प्लान और मल्टीपल लेआउट दरों को तय करने के लिए एक नई समिति गठित की गई है।
यह समिति भविष्य में अपनी रिपोर्ट बोर्ड को सौंपेगी, जिसके आधार पर क्षेत्र की ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी और प्लानिंग को और बेहतर बनाया जाएगा।
इससे आने वाले समय में सड़क, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।


जेवर एयरपोर्ट के आसपास विकास को मिलेगा बूस्ट
इन सभी फैसलों को अगर एक साथ देखें, तो साफ है कि यह पूरी रणनीति नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के आसपास एक मजबूत आर्थिक और औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
बढ़ती प्लॉट दरें = बढ़ती मांग
बड़ा बजट = तेज विकास
इन्फोटेक पार्क = टेक निवेश
ट्रैफिक सेंटर = स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर
यानी आने वाले समय में जेवर क्षेत्र न केवल यूपी बल्कि पूरे देश का एक हॉटस्पॉट बन सकता है।

निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार—तीनों को मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि YEIDA के इन फैसलों से तीन बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे—
निवेश में तेजी
रोजगार के नए अवसर
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास
यह क्षेत्र अब सिर्फ एक औद्योगिक ज़ोन नहीं, बल्कि स्मार्ट सिटी और ग्लोबल बिजनेस हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।


“जेवर बन रहा है भविष्य का इंजन”
YEIDA की 89वीं बोर्ड बैठक के फैसले यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले वर्षों में जेवर और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र विकास की नई ऊंचाइयों को छूने वाला है।
बढ़ती दरें, बड़ा बजट, नए प्रोजेक्ट और निवेशकों के लिए खुले अवसर—ये सभी मिलकर इस क्षेत्र को उत्तर प्रदेश का सबसे तेजी से विकसित होने वाला इलाका बना सकते हैं।
अगर आप निवेशक हैं, उद्योगपति हैं या यहां बसने की योजना बना रहे हैं, तो यह समय आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
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