Greater Noida Authority News : “प्राधिकरण में बड़ा प्रशासनिक सर्जरी ऑपरेशन!”, अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल, अब नई जिम्मेदारियों के साथ तेज होगा विकास का पहिया, नई जिम्मेदारियों के साथ बदला प्रशासनिक ढांचा, प्राधिकरण का उद्देश्य तेज़, पारदर्शी और प्रभावी प्रशासन

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (GNIDA) ने अपने अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में व्यापक फेरबदल करते हुए कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारियां बदल दी हैं। यह निर्णय प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने, कार्यों में पारदर्शिता लाने और विकास परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से लिया गया है।
नई जिम्मेदारियों के साथ बदला प्रशासनिक ढांचा
जारी आदेश के अनुसार, प्राधिकरण के विभिन्न प्रबंधकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो चुकी हैं। इस बदलाव के बाद सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने नए विभागों में कार्यभार संभालकर तेजी से काम शुरू करें।
प्राधिकरण का मानना है कि यह फेरबदल न केवल विभागीय समन्वय को बेहतर करेगा, बल्कि विभिन्न परियोजनाओं के निष्पादन में भी तेजी लाएगा।
कौन अधिकारी किस जिम्मेदारी पर?
नए आदेश के तहत विनोद कुमार (प्रबंधक सिविल) को स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, जल विभाग और तकनीकी विभाग का प्रभारी वरिष्ठ प्रबंधक बनाया गया है। उनके जिम्मे अब शहर के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और जल प्रबंधन जैसे अहम क्षेत्र होंगे।
वहीं नरोत्तम सिंह (प्रबंधक सिविल) को वर्क सर्किल-02 और 07 के साथ तकनीकी विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे निर्माण कार्यों की निगरानी और तकनीकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इसके अलावा राजेश कुमार (प्रबंधक सिविल) को तकनीकी विभाग के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग और गौशाला व डॉग से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो शहरी सेवाओं के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।
सन्नी यादव को मिली बहु-विभागीय जिम्मेदारी
प्राधिकरण ने सन्नी यादव (प्रबंधक सिविल) को वर्क सर्किल-06, IITGNL, सीवर विभाग, स्वास्थ्य विभाग और अर्बन सर्विसेज जैसे कई अहम विभागों का प्रभारी वरिष्ठ प्रबंधक नियुक्त किया है। यह एक व्यापक जिम्मेदारी है, जो शहर के बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को सीधे प्रभावित करती है।
प्राधिकरण का उद्देश्य: तेज़, पारदर्शी और प्रभावी प्रशासन
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश सक्षम अधिकारी की अनुमति के बाद जारी किया गया है और इसका मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में गति लाना है। अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में यह बदलाव शहर के विकास कार्यों को नई रफ्तार देने में अहम भूमिका निभाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रशासनिक पुनर्गठन से जवाबदेही तय होती है और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में देरी की संभावना कम होती है।
शहर के विकास पर पड़ेगा सीधा असर
ग्रेटर नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में प्रशासनिक दक्षता बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में यह फेरबदल शहर की आधारभूत सुविधाओं—जैसे जल प्रबंधन, सीवर सिस्टम, स्वास्थ्य सेवाएं और तकनीकी कार्यों—को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
यह कदम आने वाले समय में ग्रेटर नोएडा को एक और अधिक व्यवस्थित, आधुनिक और नागरिक-अनुकूल शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।



